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त्योहारी सीजन से पहले कोयले का आयात बढ़ा, सितंबर में 13.5% की छलांग
त्योहारी सीजन से पहले कोयले की बढ़ती मांग ने आयात को बढ़ावा दिया है. स्टील और पावर सेक्टर की मांग के चलते कोकिंग कोयले का आयात विशेष रूप से बढ़ा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 7 months ago
भारत में त्योहारी सीजन की बढ़ती मांग के बीच कोयले का आयात सितंबर महीने में 13.5% बढ़ गया. स्टील और पावर सेक्टर की मांग ने इस वृद्धि को तेज किया है, जबकि सरकार घरेलू उत्पादन बढ़ाकर आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में काम कर रही है. सांख्यिकी के अनुसार, सितंबर 2025 में भारत ने कुल 22.05 मिलियन टन कोयला आयात किया, जो पिछले साल इसी महीने 19.42 मिलियन टन था. इसमें गैर-कोकिंग कोयले का आयात 13.90 मिलियन टन रहा, जबकि पिछले साल यह 13.24 मिलियन टन था. स्टील उद्योग के लिए आवश्यक कोकिंग कोयले का आयात भी बढ़कर 4.50 मिलियन टन हो गया, जो पिछले साल 3.39 मिलियन टन था.
अप्रैल-सितंबर की रिपोर्ट
अप्रैल से सितंबर 2025 तक गैर-कोकिंग कोयले का कुल आयात 86.06 मिलियन टन रहा, जबकि पिछली अवधि में यह 91.92 मिलियन टन था. वहीं, कोकिंग कोयले का आयात 31.54 मिलियन टन तक बढ़ा, पिछले साल यह 28.18 मिलियन टन था. यह आंकड़े mjunction services द्वारा जारी किए गए हैं.
विशेषज्ञों के अनुसार, “त्योहारी सीजन से पहले खरीदारों ने नए ऑर्डर लिए, जिससे आयात बढ़ा. सर्दियों में स्टील मिलों की मांग को देखते हुए कोकिंग कोयले का आयात आगे भी बढ़ सकता है.” विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल स्टील मिलों और औद्योगिक सेक्टर की मजबूत मांग से पावर सेक्टर की मौसमी कमजोरी कम दिखाई दे सकती है.
सरकार की पहल और आत्मनिर्भरता
भारत सरकार घरेलू कोयले के उत्पादन को बढ़ाकर आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है. फिर भी उच्च गुणवत्ता वाले थर्मल कोयला और कोकिंग कोयले की घरेलू आपूर्ति कम होने के कारण आयात जारी रहेगा. कुल मिलाकर, भारत ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक मजबूती के लिए आत्मनिर्भर बनने की दिशा में काम कर रहा है.
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