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चॉइस इंटरनेशनल का शानदार प्रदर्शन, Q2 FY26 में शुद्ध लाभ 22% बढ़कर ₹56 करोड़ हुआ
कंपनी ने राजस्व, EBITDA और शुद्ध लाभ में ठोस वृद्धि दर्ज की है, जो इसके मजबूत संचालन और विविधीकृत व्यावसायिक मॉडल को दर्शाता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 8 months ago
चॉइस इंटरनेशनल लिमिटेड (BSE: 531358, NSE: CHOICEIN), जो भारत की अग्रणी वित्तीय सेवा कंपनियों में से एक है, ने वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (Q2) और पहली छमाही (H1) के लिए अपने वित्तीय परिणाम घोषित किए हैं. कंपनी ने साल-दर-साल लगातार मजबूती दिखाई है और सभी प्रमुख मापदंडों पर बेहतर प्रदर्शन किया है.
वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में कंपनी का कुल राजस्व ₹284.10 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में 14 प्रतिशत अधिक है. पहली तिमाही (Q1 FY26) की तुलना में यह 19.39 प्रतिशत की तिमाही वृद्धि को दर्शाता है. आधे साल (H1 FY26) का कुल राजस्व ₹522.06 करोड़ रहा, जबकि पिछली छमाही (H1 FY25) में यह ₹455.14 करोड़ था, जिससे 14.70 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है.
EBITDA यानी ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की कमाई Q2 FY26 में ₹98.98 करोड़ रही, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹77.66 करोड़ थी. यह 27.45 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि है. वहीं Q1 FY26 के ₹86.80 करोड़ की तुलना में यह 14.03 प्रतिशत अधिक है. H1 FY26 में EBITDA ₹185.78 करोड़ रहा, जो H1 FY25 के ₹135.89 करोड़ के मुकाबले 36.71 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है.
EBITDA मार्जिन भी बेहतर रहा. Q2 FY26 में यह 34.84 प्रतिशत रहा, जो पिछले साल 31.16 प्रतिशत था. इससे 368 बेसिस पॉइंट्स की वृद्धि हुई. हालांकि पिछली तिमाही की तुलना में इसमें थोड़ी गिरावट आई है, जब यह 36.48 प्रतिशत था. छमाही आधार पर EBITDA मार्जिन 35.59 प्रतिशत रहा, जो H1 FY25 के 29.86 प्रतिशत के मुकाबले 573 बेसिस पॉइंट्स की वृद्धि को दिखाता है.
शुद्ध लाभ (PAT) की बात करें तो Q2 FY26 में यह ₹56.46 करोड़ रहा, जो Q2 FY25 के ₹46.45 करोड़ के मुकाबले 21.55 प्रतिशत अधिक है. वहीं Q1 FY26 की तुलना में यह 17.72 प्रतिशत की वृद्धि है. H1 FY26 में कुल PAT ₹104.42 करोड़ रहा, जो H1 FY25 के ₹78.46 करोड़ से 33.09 प्रतिशत अधिक है.
PAT मार्जिन Q2 FY26 में 19.87 प्रतिशत रहा, जो पिछले साल इसी अवधि में 18.64 प्रतिशत था. यह 123 बेसिस पॉइंट्स की वृद्धि है. हालांकि Q1 FY26 के 20.16 प्रतिशत के मुकाबले इसमें हल्की गिरावट देखी गई. H1 FY26 का PAT मार्जिन 20.00 प्रतिशत रहा, जो H1 FY25 के 17.24 प्रतिशत से 276 बेसिस पॉइंट्स अधिक है.
प्रमुख व्यावसायिक उपलब्धियां:
कंपनी के राजस्व में सबसे बड़ा योगदान स्टॉक ब्रोकिंग से आया, जो कुल राजस्व का 59 प्रतिशत है. इसके बाद सलाहकार सेवाओं का योगदान 26 प्रतिशत और NBFC कारोबार का योगदान 15 प्रतिशत रहा. कंपनी के डीमैट खातों की संख्या 12.05 लाख तक पहुंच गई है, जो पिछले साल की तुलना में 29 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है. स्टॉक ब्रोकिंग के तहत ग्राहकों की कुल संपत्ति ₹57,600 करोड़ रही, जिसमें सालाना 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. वेल्थ प्रोडक्ट्स के अंतर्गत कंपनी की AUM ₹4,807 करोड़ तक पहुंच गई है, जो कि 327 प्रतिशत की अत्यधिक वृद्धि है. बीमा व्यवसाय में कंपनी ने ₹66 करोड़ का प्रीमियम अर्जित किया है, जो सालाना आधार पर 2 प्रतिशत की वृद्धि है. इस अवधि में कुल 68,896 पॉलिसियां बेची गईं.
NBFC कारोबार के अंतर्गत कुल ऋण पोर्टफोलियो ₹716 करोड़ रहा, जिसमें से ₹536 करोड़ का हिस्सा खुदरा ऋण खंड का रहा. कंपनी की सलाहकार इकाई का ऑर्डर बुक ₹666 करोड़ पर रहा है.
प्रतिक्रिया
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर कमल पोद्दार ने कहा वित्त वर्ष की मजबूत शुरुआत के बाद, Q2 और H1 FY26 में भी चॉइस ने विकास की गति को बनाए रखा है. सभी व्यावसायिक क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन और देशव्यापी विस्तार हमारी मजबूती को दर्शाते हैं. परिचालन उत्कृष्टता और ग्राहक-केंद्रितता हमारी प्राथमिकता बनी हुई है. इस तिमाही में हमारी परामर्श इकाई, चॉइस कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (CCSPL) ने लगभग ₹140 करोड़ के प्रोजेक्ट्स हासिल किए हैं, जो आवास, कृषि, एमएसएमई विकास, जल संसाधन प्रबंधन और शहरी नियोजन जैसे क्षेत्रों से जुड़े हैं. इससे CCSPL की विश्वसनीयता और मजबूत हुई है.
इसके अलावा चॉइस AMC प्राइवेट लिमिटेड को SEBI से म्यूचुअल फंड संचालन के लिए अंतिम स्वीकृति प्राप्त हुई है. इसके साथ ही कंपनी औपचारिक रूप से निवेश प्रबंधन क्षेत्र में प्रवेश कर चुकी है. यह हमारे विविध वित्तीय सेवा मंच को और सशक्त करता है. उन्होंने कहा पहली छमाही के मजबूत प्रदर्शन के आधार पर हमें विश्वास है कि हम भविष्य में भी इसी तरह विकास की गति को बनाए रखेंगे और अपने सभी हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य का निर्माण करते रहेंगे.
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