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दुनिया के सबसे बड़े ट्रेड ब्लॉक के लिए भारत को आया चीन का निमंत्रण?

ट्रेड ब्लॉक दो देशों की सरकार के बीच हुआ ऐसा समझौता है, जिनमें टैरिफ और अन्य प्रकार की व्यापारिक रुकावटें कम होती हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

भारत और चीन का रिश्ता फिलहाल काफी परेशानियों के दौर से गुजर रहा है. एक वक्त था जब चीन और भारत का रिश्ता काफी अच्छा था लेकिन पिछ्ले कुछ सालों से दोनों देशों के बीच बॉर्डर को लेकर विवाद जारी है. लेकिन अब हाल ही में चीन के वाईस कॉमर्स मिनिस्टर ने भारत को RCEP जॉइन करने का निमंत्रण दिया है. 

क्या होते हैं ट्रेड ब्लॉक?
इससे पहले कि हम RCEP और चीन द्वारा भारत को RCEP के लिए दिए गए निमंत्रण की बात शुरू की जाए एक बार जल्दी से ये समझ लेते हैं कि आखिर ट्रेड ब्लॉक होते क्या हैं और RCEP महत्त्वपूर्ण क्यों है? ट्रेड ब्लॉक दो देशों की सरकार के बीच हुआ एक ऐसा समझौता है, जिनमें टैरिफ और अन्य प्रकार की व्यापारिक रुकावटें कम कर दी जाती हैं या फिर भाग लेने वाले देशों के द्वारा इन्हें पूरी तरह से खत्म कर दिया जाता है. 

दुनिया का सबसे बड़ा ट्रेड ब्लॉक 
चीन के वाईस कॉमर्स मिनिस्टर Wang Shouwen ने हाल ही में कहा कि भारत जब चाहे तब RCEP (Regional Comprehensive Economic Partnership) को जॉइन कर सकता है. Wang ने यह भी कहा कि भारत और चीन के बीच तेजी से बढ़ते व्यापार को और ज्यादा वृद्धि प्रदान करेगा. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि RCEP दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता ट्रेड ब्लॉक है जिसे चीन का समर्थन प्राप्त है. चीन के साथ-साथ 15 अन्य एशियाई पैसिफिक इकॉनमीज का समर्थन भी इस ट्रेड ब्लॉक को प्राप्त है जिनमें ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, और 10 सदस्यों वाला ASEAN ग्रुप भी शामिल है. 

भारत और चीन के रिश्ते
2020 में लद्दाख के एक इलाके में बॉर्डर को लेकर दोनों देशों के बीच विआद हो गया था जिसके बाद से दोनों देशों के बीच के रिश्ते काफी खटास भरे हो गए हैं. इस बॉर्डर विवाद के चलते भारतीय फौज के 20 जवानों और चार चीनी सैनिकों को भी अपनी जान गंवानी पड़ी थी. RCEP को जॉइन करने का निर्णय पूरी तरह से भारत का है और भारत के लिए RCEP के दरवाजे हमेशा से खुले थे. दूसरी तरफ भारतीय व्यापार मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि चीन और भारत के बीच व्यापार बेशक बढ़ रहा हो लेकिन यह व्यापार चीन को ज्यादा फायदा पहुंचा रहा है. 
 

यह भी पढ़ें: सुनील मित्तल ने कहा चीन की राह पर है भारत, क्या है पूरा मामला?

 


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