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हल्दी किसानों को केंद्र सरकार का तोहफा, 40 साल इंतजार के बाद मिला राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड
भारत में 3.24 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हल्दी उगाई जाती है और यह दुनिया सबसे बड़ा हल्दी उत्पादक, उपभोक्ता और निर्यातक देश है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
केंद्र सरकार ने मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर हल्दी किसानों को राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड (National Turmeric Board) का तोहफा दिया. दरअसल, किसना पिछले 40 सालों से हल्दी बोर्ड की मांग कर रहे थे, आखिरकार मंगलवार यानी 14 जनवरी, 2024 को केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पियूष गोयल ने तेलंगाना के निजामाबाद जिले में राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड का उद्याटन करके उसे किसानों को सौंप दिया. यह बोर्ड हल्दी किसानों के लिए एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा, जो लंबे समय से इसे लेकर इंतजार कर रहे थे. पियूष गोयल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बोर्ड का उद्घाटन किया और इसे संक्रांति (Makar Sankranti) के शुभ अवसर पर लॉन्च करने पर खुशी जाहिर की. आइए जानते हैं आखिर किसान हल्दी बोर्ड की मांग क्यों कर रहे थे और इससे उन्हें क्या फायदा होगा?
बोर्ड हल्दी की खेती के विकास का करेगा काम
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पियूष गोयल ने कहा कि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में हल्दी की उत्पादकता बढ़ाने की बहुत संभावनाएं हैं और बोर्ड इन क्षेत्रों में विकास के लिए काम करेगा. उन्होंने कहा कि बोर्ड का मुख्य उद्देश्य हल्दी किसानों की भलाई, अच्छे किस्मों का विकास, और इसके निर्यात पर विशेष ध्यान केंद्रित करना होगा. हल्दी की खेती और इसके व्यापार को बढ़ाने से न केवल निजामाबाद बल्कि उत्तर तेलंगाना के आर्थिक विकास को भी बल मिलेगा. उन्होंने यह बताया कि पिछले दशक में निजामाबाद हल्दी का औसत दाम लगभग 6,000 रुपये प्रति क्विंटल था, लेकिन 2024 में यह दाम बढ़कर 18,000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है, और यह ट्रेंड अभी भी जारी है.
पिछले साल अक्टूबर में हुआ बोर्ड का गठन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 अक्टूबर 2023 को तेलंगाना में एक जनसभा के दौरान इस बोर्ड के गठन की घोषणा की थी. यह फैसला हल्दी किसानों की 40 साल पुरानी मांग को पूरा करता है, जो एक समर्पित बोर्ड की स्थापना की अपेक्षा कर रहे थे, जो हल्दी की खेती और व्यापार को बढ़ावा दे सके. नेशनल टर्मरिक बोर्ड हल्दी किसानों को कई प्रकार की सहायता देगा, जिसमें शोध और विकास में मदद, प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना, निर्यात को बढ़ावा देना, और किसानों के उत्पाद के लिए बेहतर दाम सुनिश्चित करना शामिल है.
भारत में 11.61 लाख टन हल्दी का उत्पादन
भारत दुनिया का सबसे बड़ा हल्दी उत्पादक, उपभोक्ता और निर्यातक देश है. देश में 3.24 लाख हेक्टेयर में हल्दी उगाया जाता है और 11.61 लाख टन उत्पादन करता है. यह हल्दी के वैश्विक उत्पादन का तीन-चौथाई से अधिक है. भारतीय हल्दी के प्राथमिक आयातकों में बांग्लादेश, यूएई, अमेरिका और मलेशिया शामिल हैं. बोर्ड के समर्पित प्रयासों से, हल्दी का निर्यात 2030 तक 1 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है. इस बोर्ड के गठन से भारत को वैश्विक हल्दी बाजार में अपनी स्थिति को मजबूत करने का मौका मिलेगा.
राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड की संरचना
हल्दी किसान व भाजपा नेता पल्ले गंगा रेड्डी को नेशनल टर्मरिक बोर्ड का पहला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. इनके अलावा बोर्ड में आयुष मंत्रालय, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि और किसान कल्याण, वाणिज्य और उद्योग विभाग सहित तीन राज्यों के वरिष्ठ राज्य सरकार के प्रतिनिधि (रोटेशन के आधार पर), अनुसंधान में शामिल राष्ट्रीय/राज्य संस्थानों, चुनिंदा हल्दी किसानों और निर्यातकों के प्रतिनिधि होंगे. बोर्ड के सचिव की नियुक्ति वाणिज्य विभाग द्वारा की जाएगी.
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