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केंद्र सरकार लॉन्च करने जा रही है ई-मैप पोर्टल, देशभर के कारोबारियों को होगा फायदा
ई-मैप (E-Map) पोर्टल शुरू होने से देशभर में कारोबारियों और छोटे व्यावसासियों को कई राज्यों के पोर्टल पर पंजीकरण करने की आवश्यकता खत्म हो जाएगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
देशभर के कारोबारियों के लिए अच्छी खबर आई है. दरअसल, केंद्र सरकार व्यापार सुगमता को बढ़ाने और उपभोक्ता संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही ई-मैप (E-Map) पोर्टल शुरू करने जा रही है. इसके जरिए देशभर में कारोबारियों और छोटे व्यावसासियों को कई राज्यों के पोर्टल पर पंजीकरण करने की आवश्यकता खत्म हो जाएगी. इससे व्यापार करने में आसानी होगी और व्यापार नियमों में पारदर्शिता को भी बढ़ावा मिलेगा. तो आइए आपको इस पोर्टल के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए इसके फायदे बताते हैं.
नहीं पड़ेगी अलग-अलग पंजीकरण और सत्यापन की जरूरत
उपभोक्ता मामलों के विभाग के अनुसार राष्ट्रीय विधिक मापविज्ञान पोर्टल (E-Map) को राज्य विधिक मापविज्ञान विभागों के संचालन को केंद्रीकृत और एकीकृत करने के लिए तैयार किया गया है. वर्तमान में राज्य सरकारें पैकेट बंद वस्तुओं के पंजीकरण, लाइसेंस जारी करने और तौल-माप उपकरणों के सत्यापन जैसे कार्यों के लिए अलग-अलग पोर्टल संचालित करती हैं. ई-मैप की मदद से अब यह काम केंद्रीकृत तरीके से किया जा सकेगा और अलग-अलग पंजीकरण और सत्यापन की जरूरत नहीं पड़ेगी.
व्यापारियों से लेकर डीलरों और मरम्मत करने वालों से लिए गए सुझाव
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पोर्टल को विकसित करने के लिए उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव की अध्यक्षता में कई बैठकें हो चुकी हैं. पहली बैठक 30 अगस्त को हुई थी, जिसमें एनआईसी के साथ कानूनी माप विज्ञान के नियंत्रकों और उनके प्रतिनिधियों ने शिरकत की थी. दूसरी 28 नवंबर 2024 को हुई, जिसमें फिक्की, सीआईआई, पीएचडी, एसोचैम जैसे उद्योग संघ, राज्य कानूनी माप विज्ञान विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए. बैठक में व्यापारियों, विनिर्माताओं, पैकर्स, पैकेज्ड वस्तुओं के आयातकों और वजन और माप उपकरणों के निर्माताओं, डीलरों और मरम्मत करने वालों को बेहतर सेवा देने के लिए पोर्टल को परिष्कृत करने पर चर्चा की गई. इस दौरान प्राप्त सुझावों की समीक्षा की जा रही है और पोर्टल को उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है.
होंगे ये फायदे
1. ईमैप पोर्टल के जरिए लाइसेंस जारी करने और उनके नवीनीकरण तथा संशोधन की प्रक्रिया सरल होगी.
2. वजन और माप उपकरण, पंजीकरण प्रमाणपत्र और अपील आदि के सत्यापन तथा मुहर लगाना भी आसान होगा.
3. व्यापारियों और उद्योगों के लिए अनुपालन और कागजी कार्रवाई कम हो जाएगी। इससे पारदर्शिता भी बढ़ेगी.
4. उपभोक्ताओं के लिए यह सुनिश्चित होगा कि दुकानों पर उपलब्ध माप-तौल उपकरणों की सटीकता सत्यापित की गई है, जिससे लेनदेन में विश्वास बढ़ेगा.
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