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केंद्र सरकार ने इन राज्यों में लागू की स्वामित्व स्कीम, जानिए क्या हैं इस स्कीम के फायदे?

केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, त्रिपुरा, गोवा, उत्तराखंड और हरियाणा में स्वामित्व योजना को पूरी तरह से लागू कर दिया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

जमीनों के सही मालिकों को उनका स्वामित्व दिलाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने स्वामित्व योजना लॉन्च की थी, जिसे अब उत्तर प्रदेश पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, त्रिपुरा, गोवा, उत्तराखंड और हरियाणा में पूरी तरह से लागू कर दिया गया है. इसके तहत शनिवार यानी 18 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 जनवरी को इस योजना के हित धारकों का कार्ड बांटेंगे. बता दें.  केंद्र सरकार की ओर से 24 अप्रैल 2021 को ये स्कीम लॉन्च की गई थी. इस योजना को लाने के पीछे का मुख्य उद्देश्य उन जमीन मालिकों को अधिकार देना जिसके पास कोई कागज मौजूद नहीं है. अगर आपका घर किसी आबादी की जमीन पर बना है और आपके पास उसके कागजात नहीं है, तो सरकार स्वामित्व योजना के जरिए आपको उसको न केवल मालिकाना हक देगी बल्कि आप उस पर लोन भी ले सकते हैं. तो आइए आपको इसके बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं. 

क्या होती है आबादी वाली जमीन?
इस स्कीम के बारे में जानने से पहले हमें आबादी की जमीन को भी जानना जरूरी है. आबादी वो जमीन होती है जिसका मालिकाना हक किसी के पास नहीं होता है. इसलिए गांवों में यह जमीन परती या फिर खाली पड़ी रहती है. कुछ लोग इन जमीनों पर घर भी बना लेते हैं. घर बन तो जाता है, लेकिन उनके पास इसके कागजात नहीं रहते हैं. ऐसे में अब सरकार उन जमीनों की मैपिंग करके एक कार्ड उपलब्ध करा रही है ताकि अगर आपको बीच में लोन की जरूरत पड़ती है तो आप प्रॉपर्टी कार्ड दिखाकर ले सकते हैं. प्रॉपर्टी कार्ड दिखाने के बाद बैंक वाले भी आपको लोन देने में आनाकानी नहीं करेंगे.

पॉयलट प्रोजेक्ट के तहत इन राज्यों में लागू हुई योजना

सरकार ने इस योजना का शुभारंभ भारत के 6 राज्यों में किया है. ये पायलट प्रोजेक्ट वाले राज्य हैं. मौजूदा समय में यह स्कीम उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तराखंड में लागू है जबकि बाकी राज्यों में भी इस स्कीम को लागू करने की प्रक्रिया चल रही है. इस योजना के लिए जो कार्ड ग्रामीणों को उपलब्ध कराया जाएगा वो वहां की राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध होगा. सरकार संपत्तियों की सही मैपिंग के लिए ड्रोन और सैटेलाइट का इस्तेमाल करेगी.

लोगों को होगा ये होगा फायदा
1. इस योजना में जिन ग्रामीणों के पास उनकी जमीन का कोई कानूनी कागज नहीं है उन्हें सरकारी रूप से जमीन का स्वामित्व मिलेगा.

2. इसके अलावा सरकार के पास है भी ग्रामीणों की संपत्ति का एक अपडेट ब्यौरा उपलब्ध हो जाएगा. जिसका वो जब चाहे जहां चाहे इस्तेमाल कर सकती है.

3. गांवों की जमीनों का मैपिंग हो जाने और कार्ड बन जाने के बाद भू माफियाओं से ग्रामीणों को राहत मिलेगीं. साथ ही साथ जमीन से जुड़े विवादों में भी कमी आएगी. इस योजना के तहत जमीनों के सही मालिकों को उनका स्वामित्व दिलाना है. जिसका इस्तेमाल वो लोन लेने में भी कर सकता है.

4. आमतौर पर पहले ऐसा देखने को मिलता था कि जिनके पास जमीन का कोई रजिस्ट्रेशन या फिर कागजात नहीं होते थे, उन्हें बैंक लोन नहीं देते हैं. ऐसी स्थिति में उन्हें वित्तीय समस्याओं से जूझना पड़ता था, लेकिन जब आपका स्वामित्व कार्ड बन जाएगा तो फिर बैंक वाले आपको लोन देने में कोई आनाकानी नहीं करेंगे.

ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
1. अगर आप इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो आपको इग्रामस्वराज (https://egramswaraj.gov.in/) पोर्टल पर जाना होगा.

2. यहां आपको न्यू रजिस्टर के विकल्प पर क्लिक करना होगा. इसके बाद आप इस साइट का उपयोग करके कार्ड बनवाने के लिए अप्लाई कर सकते हैं.

3. हालांकि, अगर आप गांव में रह रहे हैं तो फिर आप सीधे अपने लेखपाल से मिलना होगा. लेखपाल के पास इसके लिए आवेदन देना होगा जिसके बाद इसकी प्रक्रिया शुरू होगी.

4. आपके दिए आवेदन को लेखपाल अपने ऊपर के अधिकारियों को फॉरवर्ड करेगा और फिर आदेश आते ही ड्रोन मैपिंग व अन्य प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. अगर आपके द्वारा दी गई जानकारी और दावे सही हैं तो फिर आपको स्वामित्व कार्ड मिल जाएगा.

 


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