होम / बिजनेस / केन्द्र कुछ PLI स्कीम में कर सकता है बदलाव, फंडिंग बढ़ने के भी हैं आसार
केन्द्र कुछ PLI स्कीम में कर सकता है बदलाव, फंडिंग बढ़ने के भी हैं आसार
केन्द्र सरकार कई क्षेत्रों में दी जा रही PLI स्कीम में बदलाव करने की योजना बना रही है. जबकि मेडिकल डिवाइस, फॉर्मास्यूटिकल, फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्र इस स्कीम के बाद अच्छा कर रहे हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
केन्द्र सरकार की पीएलआई (Production Link Investment) योजना में सरकार कुछ बदलाव करने की तैयारी कर रही है. सरकार को जिन योजनाओं में ज्यादा इंट्रेस्ट देखने को नहीं मिला है, उनमें सरकार बदलाव करने योजना बनाई जा रही है. सरकार का मानना है कि ऐसा करने से उसने इस दिशा में जो बजट खर्च करने की योजना बनाई है उसमें भी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी.
क्या बोले सरकार के सेक्रेट्री
DPIIT सेक्रेट्री राजेश कुमार सिंह ने कहा कि इन बदलावों को करने के बाद इस साल डिस्बर्समेंट का स्तर काफी बढ़ जाएगा. उन्होंने कहा कि इसके इस साल 13 हजार करोड़ रुपये तक जाने की संभावना है. ये भी कहा कि ये कब खत्म होगा इसके बारे में नहीं कहा जा सकता है. अब तक जो पैसा बचा है उसे दूसरी पीएलआई स्कीम में खर्च किया जाएगा. उन्होंने कहा कि आज मेडिकल डिवाइस, फॉर्मास्यूटिकल, फूड प्रोसेसिंग टेलीकॉम, ड्रोन एंड व्हाइट गुड्स जैसे क्षेत्र बहुत अच्छा कर रहे हैं. उन्होंने उन क्षेत्रों के बारे में नहीं बताया जो अच्छा नहीं कर रहे हैं.
अब तक कितना एलोकेशन कर चुकी है
सरकार अब तक पीएलआई स्कीम में एक बड़ी राशि का आवंटन कर चुकी है. सरकार ने शुरुआती तौर पर 14 सेक्टरों में 1.97 लाख करोड़ रुपये का आवंटन कर दिया है. अब तक सरकार 733 आवेदनों को अप्रूव कर चुकी है और प्रारंभिक निवेश के तौर पर 78 हजार करोड़ रुपये का निवेश कर चुकी है. इन योजनाओं के माध्यम से अब तक 6 लाख करोड़ रुपये की बिक्री हो चुकी है, जबकि 4 लाख लोगों को रोजगार मिल चुका है. इससे मोबाइल सेक्टर में जिस तरह का काम हुआ उससे एक्सपोर्ट में भी जबर्दस्त इजाफा हुआ है.
कितना हो चुका है डिस्बर्समेंट
सरकार की ओर से अब तक इसमें 2900 करोड़ रुपये का डिस्बर्समेंट किया गया है. राजेश सिंह ने कहा कि हम डिस्बर्समेंट को लेकर बिल्कुल भी परेशान नहीं है. हमारा पूरा फोकस निवेश लाने और प्रोडक्शन शुरू कराने पर है. उन्होंने कहा कि हाल ही में 7 क्यूसीओ को पास किया गया है. जोकि स्मार्ट मीटर, वेल्डिंग रॉड, इलेक्ट्रोड, बोल्ट, नट एंड फास्टनर, पोर्टेबल वाटर बॉटल, इंसूलेटेड फ्लास्क एंड कंटेनर शामिल हैं.
टैग्स