होम / बिजनेस / मई में सीमेंट वॉल्यूम में 9% उछाल, FY26 में मार्जिन सुधरने की उम्मीद - ICRA
मई में सीमेंट वॉल्यूम में 9% उछाल, FY26 में मार्जिन सुधरने की उम्मीद - ICRA
मकान और इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की मांग से FY26 में सीमेंट वॉल्यूम 485 मिलियन टन तक पहुंच सकता है
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
मई 2025 में भारत की सीमेंट डिमांड सालाना आधार पर 9% बढ़कर 39.6 मिलियन मीट्रिक टन (MT) तक पहुंच गई. चालू वित्त वर्ष की शुरुआती दो महीनों (अप्रैल-मई) में यह वृद्धि 8% रही और कुल वॉल्यूम 78.7 मिलियन टन रहा। यह आंकड़े रेटिंग एजेंसी ICRA की एक ताजा रिपोर्ट में सामने आए हैं.
ICRA के अनुसार, FY2026 में सीमेंट की मांग 6-7% की दर से बढ़कर 480-485 मिलियन टन तक पहुंच सकती है. इसके पीछे हाउसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से निरंतर मांग को मुख्य कारण बताया गया है। FY2025 में वॉल्यूम 6.3% बढ़कर 453 मिलियन टन रहा था.
मई 2025 में सीमेंट की औसत कीमत 8% बढ़कर 360 रुपये प्रति बैग रही, जबकि अप्रैल-मई (2MFY26) की अवधि में 7% की सालाना वृद्धि दर्ज की गई. इसके मुकाबले FY2025 में सीमेंट की कीमतें 7% गिरकर 340 रुपये प्रति बैग रही थीं.
रिपोर्ट के अनुसार, जून 2025 में कोयले की कीमतें 19% घटकर 100 डॉलर प्रति टन रह गईं, जबकि पेटकोक की कीमतें 2% घटकर 10,880 रुपये प्रति टन दर्ज की गईं. डीज़ल की कीमतें सालाना आधार पर स्थिर बनी रहीं (88 रुपये प्रति लीटर).
Q1FY26 में कोयले की कीमतों में 6% की गिरावट, पेटकोक में 1% की बढ़ोतरी और डीज़ल की कीमतों में स्थिरता रही.
ICRA का अनुमान है कि FY2026 में इनपुट कॉस्ट स्थिर रहने और कीमतों में संभावित बढ़ोतरी के चलते नमूना कंपनियों के ऑपरेटिंग मार्जिन में 80 से 150 बेसिस पॉइंट्स तक सुधार हो सकता है। इससे मार्जिन 16.3% से 17.0% तक पहुंच सकता है.
ICRA ने कहा कि कीमतों में बढ़ोतरी और लागत पर नियंत्रण के कारण सीमेंट कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन में FY26 के दौरान सुधार देखने को मिल सकता है, खासकर ग्रामीण और अर्द्धशहरी इलाकों में हाउसिंग डिमांड की स्थिरता को देखते हुए.
टैग्स