होम / बिजनेस / Canara Bank से आई IPO की खबर ने इन्वेस्टर को ललचाया, शेयरों में आया उछाल!

Canara Bank से आई IPO की खबर ने इन्वेस्टर को ललचाया, शेयरों में आया उछाल!

Canara Bank द्वारा Canara Robeco Asset Management Company की लिस्टिंग शुरू करने की मंजूरी दी थी.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

जाने-माने केनरा बैंक (Canara Bank) को लेकर इस वक्त एक काफी अच्छी खबर सामने आ रही है. आज सुबह की ट्रेडिंग के दौरान केनरा बैंक के शेयरों में उछाल देखने को मिला है. दरअसल हाल ही में केनरा बैंक द्वारा अपनी म्युचुअल फंड शाखा के IPO यानी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग को लेकर जानकारी दी गई थी और इसी खबर की बदौलत आज सुबह ट्रेडिंग के दौरान केनरा बैंक के शेयरों में लगभग 3% का उछाल देखने को मिला था. 

Canara Bank के शेयरों में आया उछाल
हाल ही में केनरा बैंक (Canara Bank) द्वारा अपनी म्युचुअल फंड शाखा, केनरा रोबेको एसेट मैनेजमेंट कंपनी (Canara Robeco Asset Management Company) की लिस्टिंग प्रक्रिया शुरू करने की मंजूरी दी थी और इसके लिए एक IPO को भी मंजूरी दी थी. एक एक्सचेंज फाइलिंग के दौरान बैंक ने कहा कि कंपनी द्वारा लिस्टिंग से संबंधित अन्य जानकारी आने वाले समय में साझा की जाएगी. सुबह 10 बजकर 22 मिनट पर केनरा बैंक के शेयरों में लगभग 2.2 का उछाल देखने को मिला था और तब बैंक के शेयर 441.95 रुपए प्रति शेयर की कीमत पर ट्रेड कर रहे थे. 

सबसे ज्यादा शेयरों का हुआ लेन-देन
इस खबर की बदौलत केनरा बैंक (Canara Bank) के काउंटर पर शेयरों की संख्या में भी उछाल देखने को मिला है. शेयर मार्केट में इस खबर के आते ही काउंटर पर लगभग 77 लाख शेयरों का लेन-देन देखने को मिला. आपको यह भी बता दें कि यह आंकड़ा पिछले एक महीने के दौरान प्रतिदिन औसतन लेन-देन किये गए शेयरों से भी ज्यादा है. पिछले एक महीने के दौरान औसतन बैंक के 75 लाख शेयरों का ही लेन-देन किया गया था जबकि आज एक ही दिन में 77 लाख शेयरों का लेन-देन किया गया है. 2023 की शुरुआत से लेकर अभी तक केनरा बैंक के शेयरों में 33% का उछाल दर्ज किया जा चुका है. 

थोड़ा सा इतिहास
केनरा बैंक (Canara Bank) द्वारा अपने म्युचुअल फंड कारोबार की शुरुआत साल 1993 में की गई थी और तब इसका नाम केनबैंक म्युचुअल फंड (Canbank Mutual Fund) हुआ करता था. इसके बाद साल 2007 में केनरा बैंक ने डच एसेट मैनेजर रोबेको ग्रुप (Robeco Group) के साथ साझेदारी की और तब इस कंपनी की नाम बदलकर रोबेको म्युचुअल फंड (Robeco Mutual Fund) कार दिया गया. खबर लिखे जाने तक केनरा बैंक के शेयरों में आया उछाल सिमटकर 1.92% पर पहुंच गया और बैंक के शेयर 440.95 रुपए प्रति शेयर की कीमत पर ट्रेड कर रहे हैं. 
 

यह भी पढ़ें: हो गई Azad Engineering की लिस्टिंग, निवेशकों को मिला इतना फायदा 

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

सेबी का कमोडिटी सौदा: विदेशी लाते हैं पैसा, भारतीय ब्रोकर उठाते हैं जोखिम

सेबी भारत के फिजिकली सेटल्ड कमोडिटी कॉन्ट्रैक्ट्स में विदेशी फंड्स चाहता है. वे डिलीवरी नहीं ले सकते. इसलिए अगर कोई फंड समय रहते बाहर निकलने में विफल रहता है, तो उसकी पोजीशन बाजार बंद होने के बाद अपने आप एक भारतीय ब्रोकर की खुद की बुक्स में चली जाती है. फंड "किसी भी आगे के अधिकार, टाइटल, दायित्व या एक्सपोजर" से मुक्त हो जाता है. ब्रोकर यह सब अपने ऊपर ले लेता है. SEBI इसे एक सुरक्षा उपाय कहता है.

7 hours ago

20 वर्षों में भारत की GDP 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: अजीत डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अगले दो दशकों में भारत का आर्थिक विस्तार नई पीढ़ी के स्नातकों के लिए अवसर पैदा कर सकता है.

8 hours ago

सरकारी जमीन और बिल्डिंग्स से जुटाए जाएंगे ₹5,000 करोड़ से ज्यादा, NLMC ने तेज की एसेट मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया

NLMC बोर्ड ने 5,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अतिरिक्त जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन की सिफारिश की है.

9 hours ago

बकाया टैक्स पर गिरफ्तारी नहीं, संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली; CBDT ने नियमों में किया बदलाव

सीबीडीटी ने 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिए आयकर नियम, 2026 के नियम 225 में संशोधन किया है. यह नियम टैक्स बकाया की वसूली की प्रक्रिया से संबंधित है.

10 hours ago

पावर प्लांट्स में सिर्फ 9 दिन का कोयला, 42% घटा स्टॉक; लॉजिस्टिक्स बनी बड़ी चुनौती

बिजली की बढ़ती मांग और परिवहन संबंधी दिक्कतों के चलते थर्मल पावर प्लांट्स में कोयले का दबाव बढ़ा, 190 में से 51 प्लांट्स में स्टॉक गंभीर स्तर पर

11 hours ago


बड़ी खबरें

बकाया टैक्स पर गिरफ्तारी नहीं, संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली; CBDT ने नियमों में किया बदलाव

सीबीडीटी ने 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिए आयकर नियम, 2026 के नियम 225 में संशोधन किया है. यह नियम टैक्स बकाया की वसूली की प्रक्रिया से संबंधित है.

10 hours ago

सेबी का कमोडिटी सौदा: विदेशी लाते हैं पैसा, भारतीय ब्रोकर उठाते हैं जोखिम

सेबी भारत के फिजिकली सेटल्ड कमोडिटी कॉन्ट्रैक्ट्स में विदेशी फंड्स चाहता है. वे डिलीवरी नहीं ले सकते. इसलिए अगर कोई फंड समय रहते बाहर निकलने में विफल रहता है, तो उसकी पोजीशन बाजार बंद होने के बाद अपने आप एक भारतीय ब्रोकर की खुद की बुक्स में चली जाती है. फंड "किसी भी आगे के अधिकार, टाइटल, दायित्व या एक्सपोजर" से मुक्त हो जाता है. ब्रोकर यह सब अपने ऊपर ले लेता है. SEBI इसे एक सुरक्षा उपाय कहता है.

7 hours ago

20 वर्षों में भारत की GDP 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: अजीत डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अगले दो दशकों में भारत का आर्थिक विस्तार नई पीढ़ी के स्नातकों के लिए अवसर पैदा कर सकता है.

8 hours ago

सरकारी जमीन और बिल्डिंग्स से जुटाए जाएंगे ₹5,000 करोड़ से ज्यादा, NLMC ने तेज की एसेट मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया

NLMC बोर्ड ने 5,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अतिरिक्त जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन की सिफारिश की है.

9 hours ago

भारत के फॉरेक्स रिजर्व में 4.924 अरब डॉलर की गिरावट, 10 हफ्तों की बढ़त पर लगा ब्रेक

विदेशी मुद्रा आस्तियां देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा होती हैं. डॉलर में व्यक्त FCA में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की विनिमय दरों में होने वाले बदलाव का असर भी शामिल होता है.

15 hours ago