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The Happiest Workpalce Awards: चैलेंज का खुश होकर मुकाबला करना चाहिए- अनुराग बत्रा
मैं खुद पिछले 22 सालों से एक आंत्रप्रेन्योर हूं और अपने निजी जीवन में मानता हूं कि मेरे सहकर्मी खुश रहें.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः BW Businessworld Group के चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ व Exchange4media के फाउंडर डॉ. अनुराग बत्रा ने The Happiest Workpalce Awards की शुरुआत करते हुए कहा कि हम सबके जीवन में चैलेंज आते रहते हैं, लेकिन हमें उनका खुश होकर के मुकाबला करना चाहिए.
डॉ. बत्रा ने आगे कहा, एक साल से लगातार यह अवॉर्ड हो रहा है. काम जीवन का हिस्सा है. मैं खुद पिछले 22 सालों से एक आंत्रप्रेन्योर हूं और अपने निजी जीवन में मानता हूं कि मेरे सहकर्मी खुश रहें. हमारा संस्थान एक खुशनुमा संस्थान रहे काम करने के लिए. हम एक प्रतिस्पर्धा वाली दुनिया में रह रहे हैं. प्रेशर के साथ हम डेडलाइन चेज कर रहे हैं. यह काफी मुश्किल होता है कि आप काम करते हुए, डेडलाइन को पूरा करते हुए खुश रहें.
पहले साल आईं थी इवेंट को करने में दिक्कतें
पहले साल हमें इस इवेंट को करने में काफी दिक्कत आईं थी, इसको ऐसे किया गया था जैसे किसी नवजात बच्चे को संभाला जाता है. लेकिन अब हम इसे एक सालाना इवेंट बनाने की कोशिश कर रहे हैं.
स्वास्थ्य अच्छा रखने की दी सलाह
डॉ. बत्रा ने आगे कहा कि मेरी मां दो बातें हमेशा कहती हैं, पहला आंखों को धन्यवाद दो और दूसरा अपने स्वास्थ्य को, क्योंकि इनके बिना आप कुछ भी नहीं कर सकते हैं. अगर आंख और स्वास्थ्य अच्छा होगा तभी व्यक्ति सही से काम कर पाएगा. जीवन जीने के लिए पैदल चलना भी बहुत जरूरी है और योग के जरिए भी हम ऐसा कर सकते हैं.
हार्ड वर्क हमेशा करना चाहिए इस मामले में आप पीएम मोदी या फिर रोजर फेडरर का उल्लेख कर सकते हैं.लोगों को हैपीनेस लाने के लिए रोजाना वॉक पर जाना चाहिए. लाइफ को बैलेंस करना चाहिए चाहे निजी जिंदगी हो या फिर संस्थान में काम करते वक्त. हमेशा खुश रहने की आदत डालनी चाहिए. कुल मिलाकर कहा जाए तो हाइब्रिड ही वर्कप्लेस का फ्यूचर होगा. इसके कई फायदे होंगे. मोटे तौर पर देखा जाए तो इससे कर्मचारी हैप्पीनेस इंडेक्स मजबूत होगा. क्योंकि ट्रेवल आदि में लगने वाला समय वो अपने परिवार के साथ बिता पाएंगे, अपनी पसंद की चीज़ें कर पाएंगे.
अवॉर्ड ऐसे लोगों को ही
डॉ. बत्रा ने कहा कि ये अवॉर्ड हम आज ऐसे लोगों को दे रहे हैं, जिन्होंने अपने संस्थान को हैप्पीनेस इंडेक्स में आगे ले जाने के लिए कोशिश की है. यहां कुछ ऐसे लोग आज सम्मान पाएंगे जिन्होंने काम करने के तरीकों को ही नहीं बदला है, बल्कि कर्मचारियों को खुश रखने का भी प्रयत्न किया है.
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