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IPO बाजार में फिर हलचल: इस सप्ताह खुलेंगे 4 SME आईपीओ, फूड से एक्सपोर्ट सेक्टर तक निवेश का मौका

NFP सम्पूर्णा फूड्स अपने आईपीओ के जरिए 44.6 लाख नए शेयर जारी करेगी. यह एनएसई एसएमई प्लेटफॉर्म का इश्यू 18 मई से 20 मई तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago

भारत का आईपीओ (IPO) बाजार एक बार फिर व्यस्त रहने वाला है. इस सप्ताह लघु एवं मध्यम उद्यम (SME) सेगमेंट में चार कंपनियां अपने आईपीओ लॉन्च करने जा रही हैं. इनमें क्लाउड किचन और फूड ब्रांड से लेकर निर्माण समाधान और एक्सपोर्ट कारोबार से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं. इस सप्ताह जिन कंपनियों के आईपीओ खुलने वाले हैं उनमें NFP सम्पूर्णा फूड्स, टीमटेक फॉर्मवर्क सॉल्यूशंस, वेगोरामा पंजाबी अंगीठी और हरिकांता ओवरसीज शामिल हैं. इन आईपीओ के जरिए निवेशकों को फूड, कंस्ट्रक्शन और निर्यात जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में निवेश का अवसर मिलेगा.

फूड और क्लाउड किचन कारोबार पर निवेशकों की नजर

इस सप्ताह आने वाले आईपीओ में वेगोरामा पंजाबी अंगीठी खास चर्चा में है, जो क्लाउड किचन और फूड ब्रांड के तौर पर कारोबार करती है. उपभोक्ता आधारित कारोबार में निवेशकों की लगातार बढ़ती रुचि के बीच इस आईपीओ पर बाजार की खास नजर रहने की संभावना है. इसके अलावा पैकेज्ड फूड कंपनी NFP सम्पूर्णा फूड्स भी अपना आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खोलेगी. वहीं टीमटेक फॉर्मवर्क सॉल्यूशंस निर्माण समाधान क्षेत्र में काम करती है और हरिकांता ओवरसीज निर्यात आधारित कारोबार से जुड़ी कंपनी है.

NFP सम्पूर्णा फूड्स का आईपीओ की डिटेल

NFP सम्पूर्णा फूड्स का आईपीओ करीब 24.53 करोड़ रुपये जुटाने के उद्देश्य से लाया जा रहा है, जिसके तहत कंपनी 44.6 लाख नए शेयर जारी करेगी. यह एनएसई एसएमई प्लेटफॉर्म का इश्यू 18 मई से 20 मई तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा, जबकि इसकी संभावित लिस्टिंग 25 मई को एनएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर हो सकती है. कंपनी ने आईपीओ का प्राइस बैंड 52 से 55 रुपये प्रति शेयर तय किया है. निवेशक न्यूनतम 2,000 शेयरों के लिए बोली लगा सकेंगे, जबकि रिटेल निवेशकों को कम से कम दो लॉट यानी 4,000 शेयरों के लिए आवेदन करना होगा, जिसके लिए ऊपरी प्राइस बैंड पर लगभग 2.2 लाख रुपये का निवेश करना पड़ेगा. छोटे गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) के लिए न्यूनतम आवेदन आकार 6,000 शेयर तय किया गया है, जिसकी कीमत करीब 3.3 लाख रुपये होगी. यह आईपीओ पूरी तरह फ्रेश इश्यू पर आधारित है, यानी इसमें ऑफर फॉर सेल (OFS) का कोई हिस्सा शामिल नहीं है और सार्वजनिक निर्गम से मिलने वाली पूरी राशि कंपनी को प्राप्त होगी. बाजार के प्रतिभागी लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP), सब्सक्रिप्शन डिमांड और निवेशकों की प्रतिक्रिया पर भी नजर बनाए हुए हैं, हालांकि GMP अनौपचारिक होता है और इसमें उतार-चढ़ाव संभव है. बोली प्रक्रिया के दौरान विभिन्न श्रेणियों में सब्सक्रिप्शन ट्रेंड पर निवेशकों की खास नजर रहने की उम्मीद है.

निवेशक GMP और वैल्यूएशन पर रखेंगे नजर

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार निवेशक इन आईपीओ में ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP), वैल्यूएशन, सब्सक्रिप्शन डिमांड और कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन पर करीबी नजर रखेंगे. विश्लेषकों का कहना है कि निवेशकों की रुचि काफी हद तक संबंधित सेक्टर के आउटलुक, शेयरों की कीमत और कंपनियों की भविष्य की विकास संभावनाओं पर निर्भर करेगी.

प्राथमिक बाजार में बनी हुई है तेजी

भारत के प्राथमिक बाजार में खुदरा निवेशकों की मजबूत भागीदारी और लिस्टिंग गेन की उम्मीदों के चलते लगातार गतिविधियां बनी हुई हैं. हालांकि विशेषज्ञों ने निवेशकों को सलाह दी है कि किसी भी आईपीओ में निवेश से पहले कंपनी के बिजनेस मॉडल, वित्तीय स्थिति और वैल्यूएशन का सावधानी से आकलन जरूर करें.

 


 


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