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देश में हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ावा, उड़ान-2.0 के लिए 28,840 करोड़ रुपये का बजट मंजूर
मॉडिफाइड उड़ान-2.0 स्कीम के तहत 100 नए एयरपोर्ट्स विकसित किए जाएंगे. प्रत्येक एयरपोर्ट की औसत लागत लगभग 100 करोड़ रुपये होगी. कुल बजटीय सपोर्ट 12,159 करोड़ रुपये रखा गया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उड़ान-2.0 योजना को मंजूरी दे दी है. इस योजना के तहत अगले दस साल में देशभर में 100 नए एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे. इसका कुल बजट 28,840 करोड़ रुपये रखा गया है. योजना का उद्देश्य रीजनल एयर कनेक्टिविटी को मजबूत करना और छोटे शहरों में हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाना है.
उड़ान-2.0 का उद्देश्य
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह योजना सरकार के 2047 के विजन के अनुरूप है. उड़ान-2.0 से छोटे शहरों में आर्थिक गतिविधियों, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. उड़ान योजना को अक्टूबर 2016 में लॉन्च किया गया था. इसका उद्देश्य आम लोगों के लिए हवाई यात्रा को सस्ता बनाना और टियर-2 तथा टियर-3 शहरों में कनेक्टिविटी बढ़ाना था. पिछले 9 साल में 95 एयरपोर्ट्स, हेलीपोर्ट्स और एयरोड्रोम्स में 663 रूट्स ऑपरेशनल किए गए हैं.
100 नए एयरपोर्ट और 200 हेलीपैड
मॉडिफाइड उड़ान-2.0 स्कीम के तहत 100 नए एयरपोर्ट्स विकसित किए जाएंगे. प्रत्येक एयरपोर्ट की औसत लागत लगभग 100 करोड़ रुपये होगी. कुल बजटीय सपोर्ट 12,159 करोड़ रुपये रखा गया है.
इसके अलावा 200 मॉडर्न हेलीपैड भी विकसित किए जाएंगे. इन हेलीपैड्स के लिए 3,661 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. इसका उद्देश्य पहाड़ी, पूर्वोत्तर, द्वीपीय और अन्य दूरदराज़ क्षेत्रों में हवाई कनेक्टिविटी को सुधारना है.
एयरलाइंस को वायबिलिटी सपोर्ट
केंद्र सरकार अगले पांच साल तक एयरलाइंस को 80 से 90 फीसदी वायबिलिटी गैप फंडिंग के जरिए सहयोग देगा. इसके लिए 10,043 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव
उड़ान-2.0 योजना से छोटे शहरों में ट्रेड, टूरिज्म और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा. यह योजना देश में हवाई यात्रा के सुलभ और सस्ती विकल्प सुनिश्चित करेगी. इसके साथ ही, पहाड़ी और द्वीपीय क्षेत्रों में विकास और जुड़ाव को भी प्रोत्साहन मिलेगा.
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