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कृषि क्षेत्र को बूस्ट: पीएम मोदी ने 35,000 करोड़ की दो बड़ी योजनाएं लॉन्च कीं
दो योजनाओं का उद्देश्य दालों के उत्पादन को बढ़ावा देना और 100 पिछड़े जिलों को बदलना है. इनका क्रियान्वयन आगामी रबी सीजन से शुरू होगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 8 months ago
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कुल 35,440 करोड़ रुपये की दो प्रमुख कृषि योजनाओं की शुरुआत की. इन योजनाओं का उद्देश्य दालों के उत्पादन में वृद्धि और कम उपज वाले जिलों की प्रदर्शन क्षमता को बेहतर बनाना है. यह लॉन्च समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण की जयंती के अवसर पर किया गया.
दालों में आत्मनिर्भरता मिशन को 11,440 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है. इसका लक्ष्य 2030-31 तक दालों का उत्पादन 252.38 लाख टन से बढ़ाकर 350 लाख टन करना है, जिससे भारत की आयात पर निर्भरता कम हो सके.
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना, जिसे 24,000 करोड़ रुपये का समर्थन प्राप्त है, 100 पिछड़े जिलों को लक्षित करती है. यह योजना उत्पादकता सुधारने, फसल विविधीकरण को प्रोत्साहन देने, सिंचाई और भंडारण ढांचे को मजबूत करने तथा किसानों की ऋण तक पहुंच को आसान बनाने पर केंद्रित है. दोनों योजनाएं आगामी रबी सीजन से शुरू होकर 2030-31 तक लागू रहेंगी.
प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े 5,450 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया, साथ ही लगभग 815 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की नींव रखी. प्रमुख पहलों में बेंगलुरु और जम्मू-कश्मीर में कृत्रिम गर्भाधान केंद्र, अमरेली और बनास में उत्कृष्टता केंद्र, असम में आईवीएफ लैब, मेहसाणा, इंदौर और भीलवाड़ा में मिल्क पाउडर प्लांट, और तेजपुर में फिश फीड प्लांट शामिल हैं.
कार्यक्रम के दौरान, प्राकृतिक खेती के राष्ट्रीय मिशन के तहत प्रशिक्षित किसानों, MAITRI तकनीशियनों और प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र (PMKSK) एवं कॉमन सर्विस सेंटर में बदले गए PACS को प्रमाण पत्र वितरित किए गए.
इस अवसर पर सरकार की प्रमुख उपलब्धियों को भी रेखांकित किया गया. अब तक 50 लाख किसान 10,000 किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) के सदस्य बन चुके हैं, जिनमें से 1,100 FPOs ने 2024-25 में 1 करोड़ रुपये से अधिक का वार्षिक कारोबार दर्ज किया है. इसके अलावा, 50,000 किसानों को प्राकृतिक खेती के तहत प्रमाणित किया गया है, 38,000 MAITRI (ग्रामीण भारत में मल्टी-पर्पज़ एआई तकनीशियन) को प्रशिक्षित किया गया है और 10,000 से अधिक मल्टीपर्पज़ व ई-PACS को चालू किया गया है.
इस कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह, तथा कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी भी उपस्थित रहे.
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