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ब्लैकस्टोन करेगी फेडरल बैंक में बड़ा निवेश, 9.99% हिस्सेदारी खरीदेगी
ब्लैकस्टोन का यह निवेश भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में विदेशी पूंजी के प्रति बढ़ते विश्वास का संकेत है. विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे सौदे बैंकों की पूंजी संरचना को मजबूत करेंगे और प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में उन्हें वैश्विक स्तर पर सशक्त बनाएंगे.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 8 months ago
अमेरिकी निवेश फर्म ब्लैकस्टोन भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में एक बड़ी एंट्री करने जा रही है. कंपनी अपनी सहयोगी इकाई एशिया II टॉपको XIII के माध्यम से 6,196.51 करोड़ रुपये का निवेश कर फेडरल बैंक में 9.99 फीसदी हिस्सेदारी खरीदेगी. यह सौदा भारतीय बैंकिंग सेक्टर में विदेशी निवेश की तेजी को दर्शाता है.
सौदे का ढांचा और शेयर आवंटन
फेडरल बैंक इस निवेश के लिए निजी नियोजन (Private Placement) के आधार पर 27.29 करोड़ वारंट जारी करेगा. प्रत्येक वारंट को 227 रुपये प्रति शेयर (जिसमें 225 रुपये का प्रीमियम और 2 रुपये अंकित मूल्य शामिल है) की दर से पूर्ण चुकता शेयर में बदला जा सकेगा. वारंट को शेयरों में बदले जाने के बाद ब्लैकस्टोन के पास फेडरल बैंक की 9.99% हिस्सेदारी होगी. यह सौदा नियामकीय एवं शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन है.
वारंट की अवधि और भुगतान शर्तें
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वारंट जारी होने की तारीख से 18 महीने की अवधि के लिए वैध होंगे. निवेशक को सब्सक्रिप्शन के समय 25% रकम अग्रिम देनी होगी, जबकि शेष 75% राशि शेयर में बदलने पर चुकाई जाएगी. अगर निर्धारित अवधि के भीतर वारंट को शेयर में परिवर्तित नहीं किया गया, तो वे लैप्स हो जाएंगे और पहले दी गई रकम जब्त कर ली जाएगी.
बोर्ड में प्रतिनिधित्व का अधिकार
ब्लैकस्टोन को फेडरल बैंक के बोर्ड में एक सेवानिवृत्त गैर-कार्यकारी निदेशक को नामित करने का विशेष अधिकार मिलेगा. हालांकि, यह तभी लागू होगा जब सभी वारंट भुना लिए जाएंगे और बैंक में ब्लैकस्टोन की हिस्सेदारी कम से कम 5% बनी रहेगी.
बाजार की प्रतिक्रिया
बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर फेडरल बैंक का शेयर शुक्रवार को 1.12% की बढ़त के साथ 227.40 रुपये पर बंद हुआ. बाजार विश्लेषकों के अनुसार, यह निवेश बैंक के लिए दीर्घकालिक पूंजी मजबूती का संकेत है.
शेयरधारकों की बैठक और अनुमोदन प्रक्रिया
फेडरल बैंक ने तरजीही निर्गम और बोर्ड प्रतिनिधित्व से जुड़ी मंजूरी के लिए 19 नवंबर 2025 को असाधारण आम बैठक (EGM) बुलाई है. बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी और ई-वोटिंग की रिकॉर्ड तिथि 12 नवंबर 2025 तय की गई है.
भारत में विदेशी निवेश की बढ़ती लहर
हाल के महीनों में भारत के बैंकिंग क्षेत्र में विदेशी निवेशक तेजी से रुचि दिखा रहे हैं.
- अमीरात एनबीडी ने हाल ही में 3 अरब डॉलर में आरबीएल बैंक में 60% हिस्सेदारी खरीदने की घोषणा की थी.
- जापान की एसएमबीसी ने इस वर्ष की शुरुआत में येस बैंक में 24% हिस्सेदारी हासिल की.
- वहीं वारबर्ग पिंकस और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (ADIA) ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में 87.7 करोड़ डॉलर का निवेश किया.
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