✕

होम / बिजनेस / FabIndia को नए मुकाम पर पहुंचाने वाली बिम बिस्सेल का निधन, 93 की उम्र में ली आखिरी सांस

FabIndia को नए मुकाम पर पहुंचाने वाली बिम बिस्सेल का निधन, 93 की उम्र में ली आखिरी सांस

फैबइंडिया को हर घर तक पहुंचाने के पीछे बिमला बिस्सेल का दिमाग था. पति जॉन के साथ मिलकर उन्होंने फैबइंडिया को सिर्फ़ एक ब्रांड बनाया और हजारों लोगों को रोजगार भी दिया.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

93 वर्षीय बिमला ‘बिम’ बिस्सेल का निधन हो गया है. यही वे महिला थीं, जिन्होंने फ़ैबइंडिया (FabIndia) को भारत के हर घर में लोकप्रिय बनाया. उनकी ज़िंदगी भारतीय कारीगरों और हस्तशिल्प को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने की एक ऐसी कहानी है, जो प्रेरित करती है. अपनी अनूठी शैली और बच्चों की शिक्षा के प्रति समर्पण के साथ बिम बिस्सेल ने फैशन और भारतीय हस्तशिल्प को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया. भारतीय फैशन और कारीगरी की दुनिया में उनका योगदान मील का पत्थर है.

95,000 रुपए में शुरू हुई कंपनी 

फैबइंडिया की स्थापना अमेरिका के रहने वाले जॉन बिसेल ने की थी. जॉन भारत में बुनकरों की कला से वाकिफ थे, तो उन्होंने अपनी दादी से मिले 95,000 रुपए से छोटी- सी कंपनी बनाई. 1960 में बनाई गई इस कंपनी का नाम फैबइंडिया लिमिटेड रखा गया, कंपनी की शुरुआत घर के दो छोटे से कमरों से हुई. यह कंपनी भारत में स्थानीय स्तर पर बने प्रोजक्ट को खरीदकर विदेश भेजने का काम करती थी, जॉन भारतीय क्राफ्ट दुनियाभर में पहुंचाना चाहते थे, इसके लिए वे एक ऐसे शख्स की तलाश कर रहे थे, जो एकदम सपाट बुनाई कर सके. तब उन्हें एक होम फर्निशिंग मैन्युफैक्चरर एएस खेरा मिले, जो उनके लिए पहले सप्लायर भी थे. 1965 में ही फैबइंडिया का रेवेन्यू 20 लाख रुपए हो गया था.

जॉन बिसेल से बिमला नंदा ने की शादी 

जॉन ने उन दिनों बिमला नंदा से शादी की, बिमला पंजाबी फैमिली से थीं. फैबइंडिया को आगे बढ़ाने वो भी पति के साथ एक सलाहकार के तौर पर जुड़ गईं. बिमला को उनके दोस्त बिम के नाम से बुलाते थे. बिम ने जल्दी ही इस इंडस्ट्री के बारे में सबकुछ समझ लिया. जिसके बाद उन्होंने कपड़ों में कई एक्सपेरिमेंट किए, जो लोगों को पसंद भी आए. 1976 में पहली बार कंपनी ने रिटेल में कदम रखा. उन्होंने दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में फैबइंडिया का पहला आउटलेट खोला, दूसरा आउटलेट 1994 में दिल्ली में ही खोला गया. जिससे कंपनी की बिक्री 12 करोड़ रुपए तक पहुंच गई.

पारंपरिक आइडिया से कंपनी को चमकाया 

1998 में जॉन का 66 साल की आयु में निधन हो गया. हालांकि, फैबइंडिया की कामयाबी का सिलसिला नहीं थमा. उन्होंने देश के ट्रेडिशनल कपड़े जैसे चंदेरी, सांगानेरी, कच्छी, बनारसी जैसे कपड़ों को बेहतर बनाकर आगे बढ़ाया. आज फैबइंडिया देश में ही नहीं बल्कि देश के बाहर भी अपने क्वलालिटी कपड़ों और भारत के पारंपरिक परिधान के लिए जाती जाती है. इन दिनों इस कंपनी को जॉन-बिम के बेटे विलियम नंदा बिसेल आगे बढ़ा रहे हैं. 2006 में कंपनी ने नॉन-टैक्सटाइल रेंज भी बाजर में लॉन्च की. इसमें ऑर्गेनिक फूड से लेकर पर्सनल केयर और हाथ से बनी ज्वैलरी तक शामिल हैं. अब देश के कई राज्यों के 55,000 से ज्यादा कारीगर कंपनी के साथ जुड़े चुके हैं.

करीब 1,700 करोड़ का हुआ रेवेन्यू 

साल 2007 में कंपनी ने पहली बार 200 करोड़ रुपए का रेवेन्यू पार किया था. फैबइंडिया अब सिंगापुर, भूटान, इटली, नेपाल, मलेशिया और मॉरीशस तक पहुंच चुकी है, इसके ये सफर लगातार जारी है. 2016 में कंपनी की नेटवर्थ 5,397 करोड़ रुपए की हो चुकी थी. साल 2024 में कंपनी की नेटवर्थ 16,000 करोड़ रुपए के आसपास पहुंच चुकी है.  देशभर में इसके 400 से ज्यादा स्टोर हैं, कंपनी का रेवेन्यू लगभग 1,700 करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

विजय माल्या से अभी ₹8,751 करोड़ की वसूली बाकी, SBI ने बॉम्बे HC को दी जानकारी

बैंकों ने कोर्ट को यह भी बताया कि मामले में अटैच की गई कुछ शेयर होल्डिंग्स अभी भी बरकरार हैं और उनकी बिक्री नहीं हुई है.

14 hours ago

आंध्र प्रदेश में ₹1 लाख करोड़ का हॉर्टिकल्चर हब, 10 जिलों के 5,869 गांवों में होगा विकास

आंध्र प्रदेश सरकार के मुताबिक, हॉर्टिकल्चर हब को तीन चरणों में विकसित किया जाएगा. तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार परियोजना के लिए ₹40,352 करोड़ का योगदान देगी.

16 hours ago

आंध्र प्रदेश में ₹1 लाख करोड़ निवेश करेगी रिलायंस इंडस्ट्रीज, 3 लाख से ज्यादा रोजगार का दावा

कंपनी के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए नए आर्थिक अवसर पैदा करना है.

16 hours ago

G20 में पीयूष गोयल ने ओवरकैपेसिटी के आरोपों को नकारा, कहा- WTO नियमों से चले वैश्विक व्यापार

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत एक बड़ा बाजार और उत्पादक देश है, जो अपनी घरेलू जरूरतों के साथ वैश्विक मांग को पूरा करने में भी योगदान देता है.

19 hours ago

RBI के फॉरेक्स नियमों से बैंकों को $500 मिलियन का नुकसान, बाद में $400 मिलियन की भरपाई

यह नुकसान भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से रुपये में बैंकों की नेट ओपन पोजीशन पर 100 मिलियन डॉलर की सीमा तय किए जाने के बाद हुआ.

19 hours ago


बड़ी खबरें

विजय माल्या से अभी ₹8,751 करोड़ की वसूली बाकी, SBI ने बॉम्बे HC को दी जानकारी

बैंकों ने कोर्ट को यह भी बताया कि मामले में अटैच की गई कुछ शेयर होल्डिंग्स अभी भी बरकरार हैं और उनकी बिक्री नहीं हुई है.

14 hours ago

आंध्र प्रदेश में ₹1 लाख करोड़ निवेश करेगी रिलायंस इंडस्ट्रीज, 3 लाख से ज्यादा रोजगार का दावा

कंपनी के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए नए आर्थिक अवसर पैदा करना है.

16 hours ago

SIR के बाद मतदाता सूची से छूटे नाम जोड़ने के लिए चुनाव आयोग का विशेष अभियान, एक महीने में पूरा होगा सत्यापन

एसआईआर के बाद मतदाता सूची से छूटे नाम जोड़ने के लिए चुनाव आयोग का विशेष अभियान, एक महीने में पूरा होगा सत्यापन

14 hours ago

आंध्र प्रदेश में ₹1 लाख करोड़ का हॉर्टिकल्चर हब, 10 जिलों के 5,869 गांवों में होगा विकास

आंध्र प्रदेश सरकार के मुताबिक, हॉर्टिकल्चर हब को तीन चरणों में विकसित किया जाएगा. तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार परियोजना के लिए ₹40,352 करोड़ का योगदान देगी.

16 hours ago

विदेशी बाजार में बढ़ी भारत की मिसाइलों की मांग, 600 मिलियन डॉलर पार हो सकता है एक्सपोर्ट

ब्रह्मोस और आकाश जैसे स्वदेशी सिस्टम भारत के डिफेंस प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट क्षमता के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. इन उत्पादों की विदेशी मांग बढ़ने से भारतीय रक्षा कंपनियों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कारोबार के नए अवसर भी बन रहे हैं.

20 hours ago