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रिलायंस की वार्षिक रिपोर्ट में बड़ा संकेत, तेल बाजार और वैश्विक तनाव पर बढ़ी चिंता

रिलायंस के अनुसार भारत में पेट्रोलियम उत्पादों की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है. वित्त वर्ष 2026 में देश की पेट्रोलियम खपत 1.7% बढ़कर 24.3 करोड़ टन सालाना तक पहुंच गई.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 11 hours ago

रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) ने अपनी ताजा वार्षिक रिपोर्ट में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, ऊंची तेल कीमतों और वैश्विक आर्थिक सुस्ती को लेकर चिंता जताई है. कंपनी ने कहा है कि वित्त वर्ष 2026-27 का कारोबारी माहौल भू-राजनीतिक, व्यापक आर्थिक और नीतिगत जोखिमों के प्रति बेहद संवेदनशील बना हुआ है. हालांकि रिलायंस ने अपने डिजिटल और रिटेल कारोबार के विस्तार की रणनीति पर भरोसा जताया, लेकिन बहुप्रतीक्षित जियो IPO को लेकर कोई समयसीमा साझा नहीं की.

पश्चिम एशिया संकट और तेल बाजार पर चिंता

रिलायंस ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर वैश्विक तेल बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है. कंपनी के मुताबिक ऊंची तेल कीमतें, आर्थिक मंदी और रिफाइनरी इंफ्रास्ट्रक्चर को हुए नुकसान की वजह से वैश्विक तेल मांग की वृद्धि धीमी पड़ सकती है. साथ ही सप्लाई चेन में बाधा और कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव से बाजार में अस्थिरता बनी रहने की आशंका है.

कंपनी ने यह भी कहा कि ओपेक+ देशों की बढ़ती सप्लाई, ईरान और रूस पर प्रतिबंध, ट्रेड टैरिफ और भू-राजनीतिक तनाव ने तेल बाजार पर दबाव बढ़ाया है. मार्च 2026 में ईरान संघर्ष की वजह से मांग में भी बड़ा व्यवधान देखने को मिला.

घरेलू मांग में मजबूती, गैस सेक्टर पर बड़ा दांव

रिलायंस के अनुसार भारत में पेट्रोलियम उत्पादों की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है. वित्त वर्ष 2026 में देश की पेट्रोलियम खपत 1.7% बढ़कर 24.3 करोड़ टन सालाना तक पहुंच गई. कंपनी ने ऊर्जा परिवर्तन में प्राकृतिक गैस की भूमिका को भी अहम बताया और अनुमान जताया कि 2030 तक देश की कुल ऊर्जा खपत में गैस की हिस्सेदारी लगभग 6% से बढ़कर 15% हो सकती है.

जियो IPO पर नहीं मिला कोई अपडेट

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कहा कि समूह अपने डिजिटल कारोबार को मजबूत करने के लिए रणनीतिक और सोच-समझकर कदम उठा रहा है. हालांकि उन्होंने जियो प्लेटफॉर्म्स की संभावित लिस्टिंग या IPO की समयसीमा पर कोई टिप्पणी नहीं की. ब्रोकरेज फर्मों के मुताबिक जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO भारतीय बाजार के इतिहास की सबसे बड़ी लिस्टिंग्स में शामिल हो सकता है और इसका संभावित वैल्यूएशन 135 से 145 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है. जियो प्लेटफॉर्म्स में Meta, Google, Saudi Public Investment Fund और Mubadala जैसे वैश्विक निवेशकों की हिस्सेदारी है.

52 करोड़ से ज्यादा ग्राहक, 5G विस्तार पर फोकस

जियो प्लेटफॉर्म्स, रिलायंस जियो इन्फोकॉम की पैरेंट कंपनी है और 52.4 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों के साथ देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम सेवा प्रदाता बनी हुई है. कंपनी ने भारत में 5G और फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) टेक्नोलॉजी के विस्तार को अपनी बड़ी उपलब्धियों में शामिल किया है.

रिटेल कारोबार को लेकर सकारात्मक नजरिया

रिलायंस ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में रिटेल सेक्टर को लेकर भी सकारात्मक रुख दिखाया. कंपनी के मुताबिक निकट अवधि में मांग पर व्यापक आर्थिक हालात का असर रह सकता है, लेकिन मध्यम अवधि में रिटेल कारोबार की ग्रोथ मजबूत रहने की उम्मीद है.

कंपनी ने कहा कि रिलायंस रिटेल विस्तार, ऑपरेशनल एफिशिएंसी और ग्राहक-केंद्रित नवाचार पर फोकस जारी रखेगी. साथ ही स्टोर और डिजिटल प्लेटफॉर्म के एकीकृत इकोसिस्टम को और मजबूत किया जाएगा.

Campa ब्रांड ने पकड़ी रफ्तार

रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (RCPL) ने FMCG कारोबार में तेजी से विस्तार किया है. कंपनी के मुताबिक उसके पेय ब्रांड Campa ने वित्त वर्ष 2025-26 में 4,700 करोड़ रुपये से ज्यादा की सकल बिक्री दर्ज की. मार्च 2026 तक Campa भारत का चौथा सबसे बड़ा कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक ब्रांड बन गया और कई प्रमुख बाजारों में दो अंकों की मार्केट हिस्सेदारी हासिल की. कंपनी ने कहा कि वह रणनीतिक साझेदारियों, अधिग्रहण और वैश्विक विस्तार के जरिए FMCG कारोबार को और मजबूत करने पर फोकस बनाए रखेगी.
 


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