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NBFCs को RBI की बड़ी राहत: ₹1000 करोड़ से कम संपत्ति वाली कंपनियों को रजिस्ट्रेशन से छूट का प्रस्ताव
RBI का यह प्रस्ताव छोटी और कम-जोखिम वाली NBFCs के लिए एक अहम राहत है, जिससे उनका अनुपालन बोझ कम होगा और संचालन अधिक सरल बनेगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 months ago
छोटी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने बड़ी राहत देने का ऐलान किया है. RBI ने प्रस्ताव दिया है कि ₹1000 करोड़ से कम संपत्ति वाली कुछ NBFCs को पंजीकरण की अनिवार्यता से छूट दी जा सकती है. इस कदम का उद्देश्य अनुपालन का बोझ घटाना और छोटे वित्तीय संस्थानों को सुचारु रूप से काम करने में मदद करना है.
किसे मिलेगी पंजीकरण से छूट
RBI के अनुसार, वे NBFCs जिनके पास सार्वजनिक धन नहीं है, जिनका ग्राहकों से सीधा लेन-देन नहीं होता और जिनकी कुल संपत्ति ₹1000 करोड़ से कम है, उन्हें पंजीकरण से राहत दी जा सकती है. यह छूट टाइप-1 NBFCs को कुछ विशेष शर्तों के साथ देने का प्रस्ताव है.
गवर्नर संजय मल्होत्रा ने क्या कहा
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि इन NBFCs की संरचना और वित्तीय जोखिम को ध्यान में रखते हुए मौजूदा नियमों की समीक्षा की गई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इन कंपनियों से वित्तीय प्रणाली को जोखिम की संभावना कम है, इसी वजह से पंजीकरण से छूट देने का प्रस्ताव रखा गया है.
ब्रांच खोलने के नियमों में भी ढील
केंद्रीय बैंक ने NBFC-ICC श्रेणी की कंपनियों के लिए ब्रांच खोलने से पहले RBI से अनुमति लेने की शर्त हटाने का भी प्रस्ताव दिया है. RBI ने कहा कि आमतौर पर NBFCs को बिना पूर्व अनुमति के शाखाएं खोलने की इजाजत होती है, जब तक कि उन पर कोई विशेष प्रतिबंध न लगाया गया हो.
छोटी NBFCs को मिलेगा सीधा फायदा
RBI का मानना है कि इन उपायों से छोटी NBFCs बिना वित्तीय स्थिरता को खतरे में डाले अधिक कुशलता से काम कर सकेंगी. साथ ही, इससे अर्थव्यवस्था में नकदी और कर्ज के प्रवाह को बनाए रखने में भी मदद मिलेगी.
27 फरवरी तक मांगी गई हितधारकों की राय
RBI ने इन प्रस्तावों पर हितधारकों से सुझाव मांगे हैं. मसौदे पर 27 फरवरी 2026 तक राय दी जा सकती है. इसके बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा.
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