होम / बिजनेस / गिरते बाजार में म्युचुअल फंड्स की बड़ी खरीदारी, ₹1 लाख करोड़ का आंकड़ा पार

गिरते बाजार में म्युचुअल फंड्स की बड़ी खरीदारी, ₹1 लाख करोड़ का आंकड़ा पार

मार्च 2026 यह संकेत देता है कि भारतीय शेयर बाजार में घरेलू म्युचुअल फंड्स की भूमिका और मजबूत हो चुकी है. विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बावजूद, घरेलू पूंजी ने बाजार को सहारा दिया, जो भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago

शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव और विदेशी निवेशकों की रिकॉर्ड बिकवाली के बीच, घरेलू म्युचुअल फंड्स ने जबरदस्त भरोसा दिखाया है. मार्च 2026 में म्युचुअल फंड्स ने गिरते बाजार का फायदा उठाते हुए ₹1 लाख करोड़ से अधिक का निवेश किया. यह संकेत देता है कि अब घरेलू निवेशक बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं.

म्युचुअल फंड्स ने बढ़ाया निवेश
मार्च महीने में शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली, लेकिन इस गिरावट को घरेलू म्युचुअल फंड्स ने अवसर के रूप में लिया. अंतरिम आंकड़ों के अनुसार, 30 मार्च तक म्युचुअल फंड्स का कुल निवेश ₹1 लाख करोड़ के पार पहुंच गया. कोविड महामारी के बाद आई सबसे बड़ी बिकवाली के चलते शेयरों की कीमतें नीचे आईं, जिससे फंड हाउसों को आकर्षक स्तरों पर खरीदारी का मौका मिला.

विदेशी निवेशकों की रिकॉर्ड बिकवाली
जहां एक ओर घरेलू निवेशक सक्रिय रहे, वहीं विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने मार्च में करीब ₹1.23 लाख करोड़ की बिकवाली की. यह अब तक की सबसे बड़ी मासिक बिकवाली मानी जा रही है, जिसने अक्टूबर 2024 के ₹92,000 करोड़ के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया. इस भारी बिकवाली के बावजूद, म्युचुअल फंड्स की खरीदारी ने बाजार को कुछ हद तक संभालने में मदद की.

निफ्टी में 11% की गिरावट
मार्च 2026 में निफ्टी सूचकांक में करीब 11% की गिरावट दर्ज की गई. यह गिरावट मार्च 2020 के बाद की सबसे बड़ी मासिक गिरावट रही. हालांकि, इस गिरावट के दौरान हुई खरीदारी के चलते वित्त वर्ष 2026 में म्युचुअल फंड्स का कुल इक्विटी निवेश ₹5 लाख करोड़ के पार पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष के ₹4.7 लाख करोड़ के स्तर से अधिक है.

निवेश बढ़ने के पीछे कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, मार्च में निवेश बढ़ने के पीछे कई कारण रहे. एकमुश्त निवेश में बढ़ोतरी हुई, निवेशकों ने बाजार गिरने पर खरीदारी की, निकासी की रफ्तार धीमी हुई, हाइब्रिड फंड्स में इक्विटी आवंटन बढ़ा और कैश होल्डिंग को इक्विटी में लगाया गया. इन सभी कारकों ने मिलकर म्युचुअल फंड्स की इक्विटी खरीद को मजबूत किया.

SIP और जागरूकता से बढ़ी ताकत
म्युचुअल फंड्स भारतीय शेयर बाजार में एक मजबूत स्तंभ बनते जा रहे हैं. सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए निवेश आसान हुआ है, वित्तीय जागरूकता बढ़ी है और बढ़ती आय के साथ लोग अपनी बचत को वित्तीय संपत्तियों में निवेश कर रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू निवेशकों की बढ़ती भागीदारी बाजार को स्थिरता प्रदान कर रही है.

फरवरी तक सुस्ती, मार्च में वापसी
वित्त वर्ष 2026 में फरवरी तक म्युचुअल फंड्स का निवेश करीब ₹3 लाख करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 27% कम था. हालांकि, मार्च में आई तेजी ने इस सुस्ती की काफी हद तक भरपाई कर दी. कमोडिटी और हाइब्रिड फंड्स में निवेश ने भी संतुलन बनाए रखने में मदद की.

मार्च महीने के अंतिम निवेश आंकड़े अगले सप्ताह जारी होने की उम्मीद है. इन आंकड़ों में कुछ बदलाव संभव है, क्योंकि नियामक संस्थाओं और एक्सचेंजों द्वारा डेटा संशोधित किया जा सकता है.

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

सेबी का कमोडिटी सौदा: विदेशी लाते हैं पैसा, भारतीय ब्रोकर उठाते हैं जोखिम

सेबी भारत के फिजिकली सेटल्ड कमोडिटी कॉन्ट्रैक्ट्स में विदेशी फंड्स चाहता है. वे डिलीवरी नहीं ले सकते. इसलिए अगर कोई फंड समय रहते बाहर निकलने में विफल रहता है, तो उसकी पोजीशन बाजार बंद होने के बाद अपने आप एक भारतीय ब्रोकर की खुद की बुक्स में चली जाती है. फंड "किसी भी आगे के अधिकार, टाइटल, दायित्व या एक्सपोजर" से मुक्त हो जाता है. ब्रोकर यह सब अपने ऊपर ले लेता है. SEBI इसे एक सुरक्षा उपाय कहता है.

23 hours ago

20 वर्षों में भारत की GDP 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: अजीत डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अगले दो दशकों में भारत का आर्थिक विस्तार नई पीढ़ी के स्नातकों के लिए अवसर पैदा कर सकता है.

1 day ago

सरकारी जमीन और बिल्डिंग्स से जुटाए जाएंगे ₹5,000 करोड़ से ज्यादा, NLMC ने तेज की एसेट मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया

NLMC बोर्ड ने 5,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अतिरिक्त जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन की सिफारिश की है.

1 day ago

बकाया टैक्स पर गिरफ्तारी नहीं, संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली; CBDT ने नियमों में किया बदलाव

सीबीडीटी ने 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिए आयकर नियम, 2026 के नियम 225 में संशोधन किया है. यह नियम टैक्स बकाया की वसूली की प्रक्रिया से संबंधित है.

1 day ago

पावर प्लांट्स में सिर्फ 9 दिन का कोयला, 42% घटा स्टॉक; लॉजिस्टिक्स बनी बड़ी चुनौती

बिजली की बढ़ती मांग और परिवहन संबंधी दिक्कतों के चलते थर्मल पावर प्लांट्स में कोयले का दबाव बढ़ा, 190 में से 51 प्लांट्स में स्टॉक गंभीर स्तर पर

1 day ago


बड़ी खबरें

बकाया टैक्स पर गिरफ्तारी नहीं, संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली; CBDT ने नियमों में किया बदलाव

सीबीडीटी ने 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिए आयकर नियम, 2026 के नियम 225 में संशोधन किया है. यह नियम टैक्स बकाया की वसूली की प्रक्रिया से संबंधित है.

1 day ago

सेबी का कमोडिटी सौदा: विदेशी लाते हैं पैसा, भारतीय ब्रोकर उठाते हैं जोखिम

सेबी भारत के फिजिकली सेटल्ड कमोडिटी कॉन्ट्रैक्ट्स में विदेशी फंड्स चाहता है. वे डिलीवरी नहीं ले सकते. इसलिए अगर कोई फंड समय रहते बाहर निकलने में विफल रहता है, तो उसकी पोजीशन बाजार बंद होने के बाद अपने आप एक भारतीय ब्रोकर की खुद की बुक्स में चली जाती है. फंड "किसी भी आगे के अधिकार, टाइटल, दायित्व या एक्सपोजर" से मुक्त हो जाता है. ब्रोकर यह सब अपने ऊपर ले लेता है. SEBI इसे एक सुरक्षा उपाय कहता है.

23 hours ago

20 वर्षों में भारत की GDP 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: अजीत डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अगले दो दशकों में भारत का आर्थिक विस्तार नई पीढ़ी के स्नातकों के लिए अवसर पैदा कर सकता है.

1 day ago

सरकारी जमीन और बिल्डिंग्स से जुटाए जाएंगे ₹5,000 करोड़ से ज्यादा, NLMC ने तेज की एसेट मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया

NLMC बोर्ड ने 5,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अतिरिक्त जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन की सिफारिश की है.

1 day ago

भारत के फॉरेक्स रिजर्व में 4.924 अरब डॉलर की गिरावट, 10 हफ्तों की बढ़त पर लगा ब्रेक

विदेशी मुद्रा आस्तियां देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा होती हैं. डॉलर में व्यक्त FCA में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की विनिमय दरों में होने वाले बदलाव का असर भी शामिल होता है.

1 day ago