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सरकार का बड़ा फैसला: एक्सपोर्ट पर टैक्स बढ़ा, पेट्रोल-डीजल सस्ता
सरकार का यह कदम न केवल निर्यातकों पर टैक्स लागू करता है, बल्कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए ईंधन की कीमतों में राहत भी सुनिश्चित करता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago
भारत सरकार ने डीजल और विमानन ईंधन (एटीएफ) के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स फिर से लागू कर दिया है, जबकि घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल पर टैक्स में कटौती की गई है. यह कदम वैश्विक तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव और तेल कंपनियों के नुकसान को संतुलित करने के उद्देश्य से उठाया गया है.
डीजल और ATF पर नया टैक्स
सरकार के गुरुवार को जारी आदेश के अनुसार, डीजल के निर्यात पर 21.5 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ पर 29.5 रुपये प्रति लीटर का टैक्स लगाया गया है. यह बदलाव पहले के फैसले को बदलता है, जिसमें ऐसे टैक्स हटा दिए गए थे. नई अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि यह टैक्स केवल निर्यात पर लागू होगा. डीजल और एटीएफ भारत के प्रमुख रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पाद हैं और यह देश के निर्यात का बड़ा हिस्सा बनाते हैं.
विंडफॉल टैक्स क्यों लगाया गया
भारत ने 2024 में अचानक बढ़ते मुनाफे पर लगने वाले टैक्स यानी विंडफॉल टैक्स को हटा दिया था. लेकिन अब वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में राजनीतिक तनाव और बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच सरकार ने इसे फिर से लागू किया है. इसका उद्देश्य ऊर्जा क्षेत्र से राजस्व को संतुलित करना है.
घरेलू ईंधन पर राहत
सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 3 रुपये प्रति लीटर कर दी है और डीजल पर पूरी तरह खत्म कर दी है. इससे घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल पर टैक्स का बोझ कम हो गया है. पहले पेट्रोल पर 13 रुपये और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर टैक्स था. नई व्यवस्था में पेट्रोल पर टैक्स में लगभग 10 रुपये की कमी और डीजल पर पूरी तरह से टैक्स हटाया गया है.
कीमतों पर असर और कंपनियों की प्रतिक्रिया
हाल ही में प्राइवेट फ्यूल विक्रेता नायरा एनर्जी ने पेट्रोल की कीमत में 5 रुपये और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी. इस कदम के बाद सरकार ने टैक्स में कटौती कर कंपनियों के नुकसान की भरपाई की है. पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि वैश्विक कीमतों में बढ़ोतरी के बीच यह कदम जरूरी था.
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