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सरकार का बड़ा फैसला, 15 बैंकों को 3 साल तक सोना-चांदी आयात की मंजूरी
सरकार का यह कदम बाजार में सप्लाई चेन को मजबूत करने और कीमतों में संतुलन बनाए रखने की दिशा में अहम माना जा रहा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 days ago
आम लोगों के लिए सोने-चांदी के दाम में राहत की उम्मीद बढ़ सकती है. केंद्र सरकार ने देश के 15 प्रमुख बैंकों को अगले तीन साल तक सोना और चांदी आयात करने की अनुमति दी है. इस फैसले का मकसद घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाना, कीमतों को स्थिर रखना और ज्वेलरी एक्सपोर्ट को बढ़ावा देना है.
तीन साल के लिए वैध होगा लाइसेंस
यह अनुमति 1 अप्रैल 2026 से लागू मानी जाएगी और 31 मार्च 2029 तक प्रभावी रहेगी. आमतौर पर यह मंजूरी हर साल दी जाती थी, लेकिन इस बार इसे तीन साल के लिए बढ़ाना एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है. इससे बैंकों और कारोबारियों को लंबी अवधि की योजना बनाने में सहूलियत मिलेगी.
देरी से अटका रहा आयात
विदेश व्यापार महानिदेशालय की अधिसूचना जारी होने में देरी के कारण सोना-चांदी का आयात अस्थायी रूप से रुक गया था. इससे करीब 5 मीट्रिक टन सोना और 8 मीट्रिक टन चांदी कस्टम क्लीयरेंस के लिए फंसी रही. इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक ने 6 अप्रैल को बैंकों की सूची जारी कर दी थी, लेकिन DGFT की मंजूरी के बिना आयात संभव नहीं था.
त्योहार से पहले बढ़ी चिंता, अब राहत
अक्षय तृतीया जैसे बड़े त्योहार से पहले इस देरी ने बाजार में अनिश्चितता पैदा कर दी थी. यह समय आमतौर पर सोने-चांदी की सबसे ज्यादा मांग का होता है. हालांकि अब मंजूरी मिलते ही कस्टम विभाग ने क्लियरेंस प्रक्रिया को तेज करने की बात कही है.
किन बैंकों को मिली अनुमति
इस सूची में Axis Bank, Bank of India, HDFC Bank, Federal Bank और Industrial and Commercial Bank of China जैसे बैंक शामिल हैं. इसके अलावा Deutsche Bank, Indian Overseas Bank और Punjab National Bank को भी इस बार सूची में जोड़ा गया है. वहीं Union Bank of India और Sberbank को केवल सोना आयात करने की अनुमति दी गई है.
ज्वेलरी इंडस्ट्री को मिलेगा फायदा
उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से ज्वेलरी सेक्टर को मजबूती मिलेगी. पर्याप्त आपूर्ति से कीमतों में स्थिरता आएगी और निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा. साथ ही, त्योहारों और शादी के सीजन में ग्राहकों को बेहतर विकल्प मिल सकते हैं.
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