होम / बिजनेस / SEBI का बड़ा फैसला: अब एक नियम उल्लंघन पर सिर्फ एक पेनाल्टी
SEBI का बड़ा फैसला: अब एक नियम उल्लंघन पर सिर्फ एक पेनाल्टी
अब एक ही नियम उल्लंघन पर सिर्फ एक एक्सचेंज लगा सकेगा जुर्माना, 'पेनाल्टी' की जगह 'फाइनेंशियल डिसइनसेंटिव' का इस्तेमाल होगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 8 months ago
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने स्टॉक ब्रोकर्स को बड़ी राहत देते हुए जुर्माने (पेनाल्टी) से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किए हैं. 10 अक्टूबर 2025 को सेबी ने घोषणा की कि यदि किसी स्टॉक ब्रोकर को एक ही नियम के उल्लंघन के लिए कई स्टॉक एक्सचेंज दोषी पाते हैं, तो अब केवल एक प्रमुख (लीड) स्टॉक एक्सचेंज को ही पेनाल्टी लगाने का अधिकार होगा. इसका मतलब है कि एक जैसे उल्लंघन पर विभिन्न एक्सचेंजों द्वारा अलग-अलग जुर्माना नहीं लगाया जाएगा, जिससे स्टॉक ब्रोकरों को दोहराव और अतिरिक्त बोझ से राहत मिलेगी.
नए नियम पहले से चल रही कार्रवाइयों पर भी होंगे लागू
सेबी ने स्पष्ट किया है कि ये संशोधित पेनाल्टी फ्रेमवर्क केवल भविष्य के मामलों पर नहीं, बल्कि वर्तमान में चल रही प्रवर्तन कार्रवाइयों (Enforcement Proceedings) पर भी लागू होंगे. इससे ब्रोकर समुदाय को तत्काल प्रभाव से राहत मिलने की उम्मीद है.
‘पेनाल्टी’ की जगह ‘फाइनेंशियल डिसइनसेंटिव’
रेगुलेटर ने जुर्माने के शब्द को भी अधिक व्यावसायिक रूप देते हुए "पेनाल्टी" शब्द के स्थान पर अब "फाइनेंशियल डिसइनसेंटिव" (Financial Disincentive) शब्द के इस्तेमाल का फैसला किया है. इसका मकसद है ब्रोकरों के लिए "ईज ऑफ डूइंग बिजनेस" को बढ़ावा देना और सजा के स्वरूप को कम कठोर दिखाना.
235 उल्लंघनों की समीक्षा: 40 मामलों से पेनाल्टी हटाई गई
SEBI ने पहले चरण में 235 तरह के नियम उल्लंघनों की समीक्षा की है, जैसे :
1. 40 मामलों से पेनाल्टी पूरी तरह हटा दी गई.
2. 105 मामलों को ‘फाइनेंशियल डिसइनसेंटिव’ में बदला गया.
3. शेष 90 मामलों में पेनाल्टी बनी रही, जिनमें भी 36 मामलों में बदलाव किया गया है.
इसके अतिरिक्त:
1. 7 मामलों में अब सिर्फ चेतावनी दी जाएगी.
2. 6 में जुर्माने की सीमा तय की गई है.
3. 29 उल्लंघनों में कोई बदलाव नहीं किया गया.
नए फ्रेमवर्क के तहत 12 नई पेनाल्टीज भी जोड़ी गई हैं.
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और कंप्लायंस में सुधार की दिशा में कदम
SEBI का मानना है कि इस बदलाव से स्टॉक ब्रोकर समुदाय को न केवल राहत मिलेगी, बल्कि कंप्लायंस में भी सुधार होगा और संचालन आसान बनेगा. यह निर्णय ब्रोकर प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठकों और बाद में गठित वर्किंग ग्रुप की सिफारिशों के आधार पर लिया गया, जिसमें एक्सचेंजों और ब्रोकर एसोसिएशनों के प्रतिनिधि शामिल थे.
कॉमन रिपोर्टिंग सिस्टम का विस्तार भी किया गया
SEBI ने सामूहिक प्रतिवेदन मंच (Shared Portal Mechanism - SPM) के विस्तार का भी ऐलान किया है. यह एक कॉमन कंप्लायंस रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म है, जिसमें अब 15 अक्टूबर 2025 से 30 से अधिक रिपोर्ट्स कवर होंगी. इससे ब्रोकरों की कंप्लायंस लागत घटेगी और प्रक्रियाएं अधिक सरल बनेंगी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार SEBI ‘वन इवेंट, वन पेनाल्टी’ की नीति पर काम कर रहा है. अब SEBI के इस फैसले को उसी दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है, जिससे पूरे उद्योग को बड़ी राहत मिलेगी और नियमों के अनुपालन में पारदर्शिता और स्पष्टता आएगी.
टैग्स