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दिवाली से पहले टाटा ग्रुप की बड़ी डील, ₹830 करोड़ में खरीदी iPhone सप्लायर की भारतीय यूनिट
यह डील न केवल टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की उत्पादन क्षमता को बढ़ाएगी, बल्कि भारत को एक वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में भी अहम योगदान देगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 8 months ago
देश के सबसे बड़े औद्योगिक घराने टाटा ग्रुप ने दिवाली से पहले एक और बड़ी खरीदारी की है. दरअसल, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने चीन की जस्टेक प्रिसिजन (JusTech Precision) की भारतीय यूनिट को करीब 100 मिलियन डॉलर (लगभग ₹830 करोड़) में खरीद लिया है. यह डील ऐसे समय पर हुई है जब टाटा ग्रुप भारत में iPhone मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में अपनी मौजूदगी लगातार मजबूत कर रहा है. आइए इस कंपनी के बारे में विस्तार से जानते हैं.
Apple की भरोसेमंद सप्लायर
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चीन के कुनशान शहर की जस्टेक प्रिसिजन 2008 से Apple की सप्लायर रही है. इस कंपनी ने अपनी भारतीय यूनिट की शुरुआत 2019 में तमिलनाडु में की थी. अब इस यूनिट का अधिग्रहण टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने कर लिया है. रिपोर्ट के अनुसार, यह डील अगस्त 2025 में पूरी की गई. इस सौदे में एचएसबीसी बैंक और एचडीएफसी बैंक ने टाटा को सलाहकार सेवाएं दीं.
iPhone मैन्युफैक्चरिंग में भारत की भूमिका बढ़ी
यह अधिग्रहण ऐसे वक्त में हुआ है जब भारत से iPhone का निर्यात रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स इस ट्रेंड का फायदा उठाकर अपनी असेंबलिंग और मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी बढ़ा रहा है. गौरतलब है कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत में iPhone उत्पादन रोकने की सलाह के बावजूद, Apple अब भारत में तेजी से निवेश कर रहा है और टाटा उसका अहम पार्टनर बनकर उभरा है.
जनवरी में Pegatron का अधिग्रहण भी कर चुका है टाटा
इससे पहले जनवरी 2025 में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने ताइवान की कंपनी पेगाट्रॉन (Pegatron) के भारतीय ऑपरेशंस में 60% हिस्सेदारी ₹1,650 करोड़ में खरीदी थी. इसके तहत टाटा को चेन्नई के पास स्थित iPhone फैक्ट्री मिली थी. वित्त वर्ष 2025 में अमेरिका को भेजे गए iPhone शिपमेंट से टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स को ₹23,112 करोड़ का रेवेन्यू मिला, जो कुल निर्यात का करीब 37% था.
दो फैक्ट्रियों से हो रहा iPhone असेंबलिंग
वर्तमान में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स दो प्रमुख यूनिट्स के माध्यम से iPhone असेंबल कर रहा है:
1. पेगाट्रॉन की चेन्नई यूनिट
2. विस्ट्रॉन की फैक्ट्री, जिसे टाटा ने मार्च 2024 में अधिग्रहित किया था
इस अधिग्रहण के बाद Wistron Infocom Manufacturing India का नाम बदलकर अब Tata Electronics Systems Solutions कर दिया गया है, जो अब टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी के रूप में काम कर रही है.
क्या है इस डील का टाटा को फायदा?
जानकारों के अनुसार इस डील से टाटा ग्रुप को भारत में iPhone निर्माण की सप्लाई चेन में और मजबूत पकड़ मिलेगी. साथ ही Apple जैसी ग्लोबल कंपनी के साथ रणनीतिक साझेदारी और भी गहरी होगी. भारत में मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट को देखते हुए यह निवेश आने वाले समय में टाटा के लिए राजस्व और टेक्नोलॉजी दोनों के लिहाज से बड़ा फायदेमंद साबित हो सकता है.
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