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पैन कार्ड और ई-फाइलिंग से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव, अब आधार OTP वेरिफिकेशन अनिवार्य
सरकार का यह कदम टैक्स चोरी रोकने, डिजिटल KYC को बढ़ावा देने और “डिजिटल इंडिया” मिशन को सशक्त करने की दिशा में एक ठोस प्रयास है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 11 months ago
इनकम टैक्स विभाग ने पैन कार्ड और ई-फाइलिंग से जुड़ी प्रक्रियाओं को और सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. दरअसल, 1 जुलाई 2025 से पैन कार्ड (PAN) के लिए आधार नंबर देना और उसका OTP के जरिए ऑनलाइन वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य कर दिया गया है. सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) के नए नियम के अनुसार, अब वही पैन आवेदन मान्य माना जाएगा जिसमें आधार नंबर सही से दर्ज हो और उसका डिजिटल वेरिफिकेशन पूरा किया गया हो. आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.
संपर्क जानकारी बदलने के लिए भी जरूरी हुआ आधार OTP
अब इनकम टैक्स विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी अपडेट करने के लिए भी आधार आधारित OTP वेरिफिकेशन जरूरी कर दिया गया है. यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि किसी भी टैक्सपेयर्स की प्रोफाइल में बिना उसकी अनुमति बदलाव न हो सके. यानी अब सिर्फ वही व्यक्ति, जो वास्तव में उस अकाउंट का मालिक है, अपनी कॉन्टैक्ट डिटेल्स बदल सकेगा. इससे प्रोफाइल हाइजैकिंग, फर्जीवाड़ा या किसी की जानकारी को डायवर्ट करने की कोशिशों पर रोक लगेगी.
पहले क्या था नियम?
अब तक पैन कार्ड बनवाने के लिए आधार नंबर देना अनिवार्य नहीं था. पहचान पत्र या जन्म प्रमाणपत्र जैसे दस्तावेजों से भी यह काम हो जाता था. लेकिन अब नियमों में बदलाव कर दिया गया है. अब पैन के लिए आधार नंबर देना और OTP से वेरिफाई कराना अनिवार्य हो गया है. यह पूरी प्रक्रिया आयकर विभाग की ई-फाइलिंग वेबसाइट पर ऑनलाइन उपलब्ध है.
जिनके पास पहले से PAN है, उनके लिए क्या नियम हैं?
यदि आपके पास पहले से PAN कार्ड है लेकिन आपने अभी तक उसे आधार से लिंक नहीं किया है, तो आपके पास 31 दिसंबर 2025 तक का समय है. तय समय सीमा के बाद भी अगर पैन-आधार लिंक नहीं किया गया, तो आपका PAN अमान्य (Inoperative) हो जाएगा. इसके अलावा, लिंकिंग में देरी पर 1000 रुपये का जुर्माना भी लगाया जा सकता है.
सरकार ने क्यों किया ये बदलाव?
सरकार के इस कदम के पीछे कई अहम उद्देश्य हैं:
- टैक्स चोरी और फर्जी पैन कार्ड को रोकना
- डिजिटल KYC और ई-वेरिफिकेशन को बढ़ावा देना
- टैक्स रिटर्न और रिफंड की प्रक्रिया को तेज़ और सुरक्षित बनाना
- “डिजिटल इंडिया” और “ई-गवर्नेंस” की दिशा में ठोस पहल
CBDT के अनुसार, आधार वेरिफिकेशन यह सुनिश्चित करेगा कि एक व्यक्ति के नाम पर केवल एक ही वैध पैन कार्ड हो.
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