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SEBI का बड़ा ऐलान: अब बिना Demat अकाउंट ट्रांसफर होंगी MF यूनिट्स, निवेशकों को मिली बड़ी राहत
सेबी का यह कदम निवेशकों के लिए वित्तीय लेन-देन को अधिक सरल, पारदर्शी और सुरक्षित बनाएगा. अब निवेशकों को अपने परिवार के बीच म्यूचुअल फंड यूनिट्स ट्रांसफर या गिफ्ट करने में कोई जटिलता नहीं झेलनी होगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 7 months ago
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है. अब निवेशकों को अपने म्यूचुअल फंड यूनिट्स किसी अन्य व्यक्ति को ट्रांसफर करने के लिए Demat अकाउंट की आवश्यकता नहीं होगी. यह सुविधा ‘स्टेटमेंट ऑफ अकाउंट’ (SoA) मोड में निवेश करने वालों के लिए लागू की गई है.
क्यों जरूरी था यह बदलाव?
म्यूचुअल फंड सिर्फ निवेश का जरिया नहीं बल्कि पारिवारिक वित्तीय योजना का अहम हिस्सा भी है. कई बार निवेशक अपनी यूनिट्स अपने जीवनसाथी या बच्चों को उपहार में देना चाहते हैं या कानूनी कारणों से उन्हें ट्रांसफर करना पड़ता है. पहले इसके लिए Demat अकाउंट जरूरी था, जिससे प्रक्रिया जटिल हो जाती थी. सेबी ने निवेशकों की सुविधा के लिए अब यह नियम सरल कर दिया है.
कैसे आसान होंगे पारिवारिक ट्रांसफर
अब निवेशक अपने परिवार के सदस्यों को यूनिट्स गिफ्ट कर सकेंगे या किसी के निधन की स्थिति में कानूनी उत्तराधिकार से जुड़ी प्रक्रिया आसानी से पूरी कर पाएंगे. उदाहरण के तौर पर, अगर किसी यूनिटधारक की मृत्यु हो जाती है, तो उसका नॉमिनी अब यूनिट्स को अन्य कानूनी वारिसों में ट्रांसफर कर सकेगा. इसके अलावा, जब कोई माइनर निवेशक 18 वर्ष का हो जाएगा, तो वह अपने फोलियो में नया जॉइंट होल्डर जोड़ सकेगा.
किन योजनाओं पर लागू होंगे नए नियम
सेबी का यह सर्कुलर अधिकांश म्यूचुअल फंड स्कीमों पर लागू होगा. हालांकि, यह नियम दो प्रकार की योजनाओं पर लागू नहीं होगा
1. एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs), क्योंकि इनकी खरीद-फरोख्त शेयर बाजार के माध्यम से होती है.
2. सॉल्यूशन-ओरिएंटेड स्कीमें जैसे बच्चों की शिक्षा या रिटायरमेंट फंड, जिनमें लॉक-इन अवधि और आयु-आधारित नियम लागू होते हैं.
निवेशक चाहे निवासी हों या अनिवासी (NRI), अगर वे SoA मोड में यूनिट रखते हैं तो इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं.
पूरी तरह डिजिटल और सुरक्षित प्रक्रिया
अब यूनिट्स ट्रांसफर करने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी. निवेशकों को केवल अपने रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंट (RTA) जैसे *CAMS, KFintech या MF Central* की वेबसाइट पर जाकर ट्रांसफर रिक्वेस्ट देनी होगी. ट्रांसफर करने वाले और पाने वाले दोनों को फोलियो नंबर और PAN की जानकारी देनी होगी. सुरक्षा के लिए सभी यूनिटधारकों की सहमति OTP के जरिए ली जाएगी.
इन बातों का रखें ध्यान
सेबी ने इस सुविधा के लिए कुछ शर्तें भी तय की हैं.
1. ट्रांसफर की जाने वाली यूनिट्स किसी भी लॉक-इन, लियन या फ्रीज स्थिति में नहीं होनी चाहिए.
2. ट्रांसफरर और ट्रांसफरी दोनों के पास उसी फंड हाउस में वैध फोलियो होना आवश्यक है.
3. दोनों का *KYC पूरा और वैध होना जरूरी है.
4. ट्रांसफर के बाद यूनिट्स को 10 दिनों तक रिडीम नहीं किया जा सकेगा*, ताकि किसी भी दुरुपयोग से बचा जा सके.
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