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ED का बड़ा एक्शन, विकास गर्ग परिवार और Eraaya-Ebix से जुड़ी संपत्तियां कुर्क
मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत आवासीय-व्यावसायिक संपत्तियों, निवेश और शेयरहोल्डिंग पर कार्रवाई, PMLA के तहत जारी हुआ अटैचमेंट ऑर्डर
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत कारोबारी विकास गर्ग, उनके परिवार के सदस्यों और उनसे जुड़ी कंपनियों की विभिन्न संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (अटैच) कर लिया है. यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत 5 जून 2026 को जारी किए गए प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर (PAO) के आधार पर की गई है.
आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियां जांच के दायरे में
ईडी के अनुसार कुर्क की गई संपत्तियों में आवासीय और व्यावसायिक रियल एस्टेट, शेयरहोल्डिंग, वित्तीय निवेश और अन्य चल-अचल परिसंपत्तियां शामिल हैं. एजेंसी का दावा है कि ये संपत्तियां कथित तौर पर अपराध से अर्जित आय से जुड़ी हो सकती हैं.
Eraaya-Ebix सौदे से जुड़े निवेश भी अटैच
जांच एजेंसी ने Eraaya Lifespaces और अमेरिकी सॉफ्टवेयर एवं ई-कॉमर्स कंपनी Ebix के अधिग्रहण से जुड़े निवेशों और प्रतिभूतियों को भी अटैच किया है. आदेश में कहा गया है कि समूह से जुड़े विभिन्न निवेश और वित्तीय लेनदेन जांच के दायरे में हैं.
परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के नाम भी शामिल
अटैचमेंट ऑर्डर में विकास गर्ग के कई रिश्तेदारों और सहयोगियों का भी उल्लेख किया गया है. ईडी का कहना है कि जांच के दौरान ऐसे कई परिसंपत्तियों की पहचान हुई है, जो परिवार के सदस्यों या उनसे जुड़ी संस्थाओं के नाम पर हैं. एजेंसी का आरोप है कि इन परिसंपत्तियों में निवेश के लिए संदिग्ध धन का इस्तेमाल किया गया हो सकता है.
फंड रूटिंग के नेटवर्क की जांच
ईडी के मुताबिक जांच में कंपनियों और निवेश संरचनाओं का एक ऐसा नेटवर्क सामने आया है, जिसके जरिए धन को विभिन्न माध्यमों से रियल एस्टेट, इक्विटी निवेश और अन्य वित्तीय साधनों में लगाया गया. एजेंसी इन लेनदेन की वैधता और धन के स्रोत की जांच कर रही है.
संपत्तियों के हस्तांतरण को रोकने के लिए कार्रवाई
ईडी ने कहा कि जांच के दौरान संपत्तियों को बेचे जाने, हस्तांतरित किए जाने या ठिकाने लगाए जाने की आशंका को देखते हुए यह अटैचमेंट जरूरी था. PMLA के प्रावधानों के तहत इस तरह के अस्थायी अटैचमेंट ऑर्डर को बाद में निर्णायक प्राधिकरण (Adjudicating Authority) की मंजूरी की आवश्यकता होती है.
कारोबारी समूह पर बढ़ी नियामकीय निगरानी
यह कार्रवाई विकास गर्ग से जुड़े कारोबारी समूह पर बढ़ती नियामकीय निगरानी का संकेत मानी जा रही है. विकास गर्ग का नाम सूचीबद्ध कंपनियों Eraaya Lifespaces, Vikas Lifecare और समूह की अन्य कंपनियों से जुड़ा रहा है. इससे पहले भी ईडी समूह से जुड़े परिसरों पर तलाशी अभियान चला चुकी है.
जांच जारी, दोष तय होना बाकी
ईडी ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई चल रही जांच का हिस्सा है और अभी किसी व्यक्ति या संस्था को दोषी नहीं ठहराया गया है. कुर्क की गई संपत्तियां PMLA के तहत आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक ईडी के नियंत्रण में रहेंगी.
एजेंसी ने जांच पूरी होने की कोई समय-सीमा सार्वजनिक नहीं की है. हालांकि अटैचमेंट ऑर्डर में कहा गया है कि जांचकर्ताओं को प्रथम दृष्टया ऐसे पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं, जो चिन्हित परिसंपत्तियों और जांच के दायरे में मौजूद कथित धन के बीच संबंध की ओर इशारा करते हैं.
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