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खरीफ सीजन से पहले सरकार सख्त, कालाबाजारी और जमाखोरी पर कार्रवाई के निर्देश
केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र को स्थिर बनाने के लिए बड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. खासतौर पर उर्वरकों की उपलब्धता, सप्लाई चेन की निगरानी और ‘फार्मर आईडी’ सिस्टम को लागू करने पर फोकस बढ़ाया गया है, ताकि खरीफ सीजन से पहले किसी तरह की कमी या गड़बड़ी न हो.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि उर्वरकों का वितरण बिना रुकावट और समान रूप से सुनिश्चित किया जाए. साथ ही, देशभर में ‘फार्मर आईडी’ प्रणाली को तेजी से लागू करने पर भी जोर दिया गया.
कृषि मंत्रालय के अनुसार, ‘फार्मर आईडी’ पहल का उद्देश्य उर्वरकों के वितरण में पारदर्शिता बढ़ाना और लीकेज को कम करना है. इससे यह सुनिश्चित होगा कि लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे और बीच में किसी तरह की अनियमितता न हो. चौहान ने कहा कि जल्द ही राज्यों के मुख्यमंत्रियों और कृषि मंत्रियों के साथ बैठक कर इस योजना को प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा.
कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्ती
सरकार ने बाजार में किसी भी तरह की हेरफेर को रोकने के लिए सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि उर्वरक और बीज की कालाबाजारी व जमाखोरी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. राज्य सरकारों को भी निर्देशित किया जाएगा कि वे कड़े निरीक्षण करें, ताकि वैश्विक संकट के कारण उत्पन्न आपूर्ति बाधाओं का गलत फायदा व्यापारी न उठा सकें.
सप्लाई चेन पर विशेष निगरानी
बैठक में कृषि रसायनों और बीज सुखाने की प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाली महत्वपूर्ण गैसों की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई. सरकार ने उत्पादन प्रक्रिया को निर्बाध बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया. साथ ही, दूध और अन्य कृषि उत्पादों की पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की कमी न हो, इसके लिए पेट्रोलियम मंत्रालय समेत अन्य विभागों के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए गए.
रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए ‘स्पेशल सेल’
सरकार ने उर्वरक, बीज और कीटनाशकों की उपलब्धता पर नजर रखने के लिए एक विशेष ‘स्पेशल सेल’ का गठन किया है. यह सेल रियल-टाइम डेटा के आधार पर निगरानी करेगा और हर सप्ताह सीधे कृषि मंत्री को रिपोर्ट देगा, जिससे किसी भी कमी या लॉजिस्टिक समस्या पर तुरंत कार्रवाई की जा सके.
खरीफ सीजन से पहले तैयारी तेज
ये सभी कदम ऐसे समय पर उठाए जा रहे हैं जब देश खरीफ सीजन की तैयारी कर रहा है. इस सीजन में धान, दालें और तिलहन जैसी फसलें बोई जाती हैं, जिनकी पैदावार काफी हद तक समय पर मिलने वाले इनपुट्स पर निर्भर करती है. कृषि मंत्री ने दोहराया कि केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल के जरिए किसानों तक सभी जरूरी संसाधन समय पर पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है.
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