होम / बिजनेस / इन 2 दिग्गजों की सवारी से आकाश में कितनी मजबूत होगी झुनझुनवाला की 'आकासा'?
इन 2 दिग्गजों की सवारी से आकाश में कितनी मजबूत होगी झुनझुनवाला की 'आकासा'?
झुनझुनवाला परिवार के निवेश वाली आकासा एयर बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए 2 दिग्गज कारोबारियों से बड़ा निवेश हासिल करने के लिए बातचीत कर रही है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
दिवंगत निवेशक राकेश झुनझुनवाला की एयरलाइन 'आकासा एयर' (Akasa Air) और ऊंची उड़ान भरने की तैयारी कर रही है. देश के दिग्गज बिजनेसमैन अजीम प्रेमजी और रंजन पई इस कंपनी को फाइनेंशियल फ्यूल देने वाले हैं. सीधे शब्दों में कहें तो दोनों आकासा में बड़ा निवेश कर सकते हैं. एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विप्रो फाउंडर अजीम प्रेमजी और मणिपाल ग्रुप के रंजन पई के फैमिली ऑफिसेज का एक कंसोर्टियम आकासा में करीब 125 करोड़ डॉलर का निवेश करने वाला है. इसे लेकर दोनों पक्षों में बातचीत चल रही है.
वैल्यूएशन में हुआ इजाफा
अजीम प्रेमजी का 'प्रेमजी इन्वेस्ट' और रंजन पई का 'क्लेपॉन्ड कैपिटल' Akasa में निवेश की संभावना तलाश रहे कंसोर्टियम का हिस्सा है. राकेश झुनझुनवाला ने इस एयरलाइन में करीब 35 करोड़ डॉलर का शुरुआती निवेश किया था. तब से लेकर अब तक इसकी वैल्यूएशन में चार गुना का इजाफा हो चुका है. बताया जा रहा है कि कंसोर्टियम द्वारा इस डील के ड्यू डिलिजेंस के लिए कंसल्टेंसी फर्म 'अल्वारेज एंड मार्सल' को नियुक्त किया गया है.
किसके पास कितनी हिस्सेदारी?
झुनझुनवाला फैमिली और आकासा एयरलाइन के सीईओ विनय दुबे की कंपनी में कुल मिलाकर 65% से अधिक हिस्सेदारी है. यानी कंट्रोलिंग स्टेक इन्हीं के हाथ है. सबसे ज्यादा 40% हिस्सेदारी झुनझुनवाला परिवार के पास है. माना जा रहा है कि अजीम प्रेमजी और रंजन पई के निवेश के बाद झुनझुनवाला फैमिली की हिस्सेदारी आकासा में कम होगी, लेकिन वह फिर भी सबसे बड़ी शेयरहोल्डर बनी रहेगी.
बाजार में इतनी है हिस्सेदारी
देश के एयरलाइन कारोबार में अकासा की हिस्सेदारी 4.7 फीसदी है. आकासा की हिस्सेदारी जुलाई में 4.8% से घटकर 4.7 रह गई है. इंडिगो देश की सबसे बड़ी और मजबूत एयरलाइन है. कंपनी ने अपनी स्थिति मजबूत करते हुए घरेलू बाजार में 62 हिस्सेदारी हासिल कर ली है, जो जून में 60.8 प्रतिशत थी. कंपनी ने जुलाई में 80.47 लाख यात्रियों को उनके डेस्टिनेशन पर पहुंचाया. जबकि टाटा समूह की एयरलाइन एयर इंडिया की हिस्सेदारी में कमी आई है. जुलाई में कंपनी की हिस्सेदारी घटकर 14.3 फीसदी रह गई. इस दौरान, विस्तारा की घरेलू बाजार हिस्सेदारी 10% बढ़ी है. वहीं, स्पाइसजेट की बाजार पर पकड़ कमजोर हुई है.
विस्तार के लिए फंड की ज़रूरत
आकासा एयर विस्तार की योजनाओं पर काम कर रही है. इसके लिए उसे बड़े पैमाने पर फंड की ज़रूरत है. ऐसे में अजीम प्रेमजी और रंजन पई से हाथ मिलाकर कंपनी की ज़रूरतें पूरी हो सकती हैं. आकासा ने थोड़े से समय में काफी अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन मार्केट में जमे रहने के लिए उसे अपनी बाजार हिस्सेदारी में बढ़ोत्तरी करनी होगी. अगस्त 2021 में शुरू हुई आकासा एयर के बेड़े में 24 विमान हैं. फंडिंग मिलने के बाद कंपनी इनकी संख्या बढ़ाकर अपने दायरे में विस्तार कर पाएगी.
टैग्स