होम / बिजनेस / धान की खेती के लिए जाना जाता था असम, अब इस सरकारी योजना के जरिए मक्के से फायदा कमा रहे किसान

धान की खेती के लिए जाना जाता था असम, अब इस सरकारी योजना के जरिए मक्के से फायदा कमा रहे किसान

असम के किसानों ने भारत सरकार के एक प्रोजेक्ट के तहत अपने खेतों में प्रायोगिक तौर पर मक्के की खेती शुरू कर दी है. इसका उन्हें काफी फायदा मिल रहा है. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

वैसे तो असम राज्य के किसान परंपरागत रूप से धान की खेती करते हैं. लेकिन अब किसानों ने सरकार के एक प्रोजेक्ट के तहत अपने खेतों में मक्के की खेती शुरू की है. ऐसे में मक्के की खेती अब किसानों को काफी फायदा दे रही है. वहीं, वहां अब धान का रकबा घट रहा है और मक्का का रकबा बढ़ रहा है.  तो आइए जानते हैं कि मक्का किसानों के लिए कैसे फायदेमंद साबित हो रहा है?

मक्के की इंडस्ट्रियल डिमांड अधिक
असम में पहले धान की खेती बहुत होती थी, लेकिन अब वहां के क‍िसानों में मक्के की खेती को लेकर द‍िलचस्पी बढ़ रही है. इंड‍ियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेज र‍िसर्च (IIMR) के अनुसार असम में मक्के की खेती के अनुकूल मौसम और म‍िट्टी है. मक्के की खेती के ल‍िए पर्याप्त बार‍िश होती है. मक्के की फसल में पानी भी कम लगता है और इसमें धान के मुकाबले उपज भी ज्यादा मिलती है. वहीं, मक्के की इंडस्ट्रियल डिमांड खूब है, इसलिए यहां के क‍िसानों को इसकी खेती करना अध‍िक फायदेमंद है. 

इन जिलों में हो रही मक्के की खेती
असम में सरकार द्वारा शुरू किए गए इथेनॉल उद्योगों के जलग्रहण क्षेत्र में मक्का उत्पादन में वृद्धि ( Increase in maize production in the catchment area of ethanol industries) नामक प्रोजेक्ट के तहत मक्के की खेती को बढ़ाने के प्रयास चल रहे हैं. इसके तहत असम के 12 ज‍िलों में काम क‍िया जा रहा है, ज‍िनमें धुबरी, कोकराझार, बोरझार, बरपेटा और ग्वालपाड़ा प्रमुख हैं. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के तहत काम करने वाले इंड‍ियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेज र‍िसर्च (IIMR) का कहना क‍ि मक्का खरीफ, रबी और जायद तीनों सीजन में पैदा होता है, लेकिन मुख्य तौर पर यह खरीफ सीजन की फसल है. 

असम में मक्का का प्रोडक्शन 259 किलोग्राम/हैक्टेयर बढ़ा

IIMR के अनुसार असम में रबी सीजन के दौरान करीब 10 लाख हैक्टेयर जमीन खाली रह जाती थी. इन खेतों में किसी फसल की बुवाई नहीं होती थी. ऐसे में उन्होंने असम सरकार द्वारा स्पॉन्सर्ड वर्ल्ड बैंक प्रोजेक्ट के तहत प्रशिक्षण के साथ-साथ रबी सीजन में 360 हेक्टेयर में क‍िसानों से म‍िलकर फार्म डेमोस्ट्रेशन (खेत प्रदर्शन) लगाया. साल 2023-24 के रबी सीजन में इस खेती से 10 टन प्रति हैक्टेयर की उत्पादकता हास‍िल की गई. इससे किसानों में मक्का फसल में दिलचस्पी बढ़ गई है. तभी तो असम में इस साल मक्का का रकबा पिछले साल के मुकाबले दोगुना होकर 1.07 लाख हेक्टेयर हो गया है. इसके साथ ही इसका प्रोडक्शन भी 259 किलोग्राम/हैक्टेयर बढ़ गया है.

यहां पर है मक्के की खूब मांग
असम में इथेनॉल बनाने वाली अकेले एक कंपनी में 5 लाख टन मक्के की मांग है. इसके अलावा पशु आहार और पोल्ट्री फीड के ल‍िए भी मक्के की बहुत मांग है. वहीं, खाने-पीने की चीजों में भी मक्का का उपयोग होता है. ऐसे में आईआईएमआर असम सह‍ित पूरे देश में मक्का उत्पादन बढ़ाने के ल‍िए अभ‍ियान चला रहा है. 

 


टैग्स  
सम्बंधित खबरें

IPO बाजार में हलचल: AGS Health समेत 4 कंपनियों को SEBI की मंजूरी

AGS Health और PGP Glass मिलकर करीब ₹8,600 करोड़ जुटाने की तैयारी में हैं. वहीं, Jio Platforms के संभावित मेगा IPO ने भी बाजार की उत्सुकता बढ़ा दी है.

22 hours ago

IPL सट्टेबाजी से Nasdaq तक: महादेव के पैसे का वैश्विक सफर

महादेव के काले अरबों रुपये वैश्विक वित्तीय प्रणाली के हर प्रहरी को चकमा देने में सफल रहे.

23 hours ago

Gen Z और छोटे शहरों ने बदली ब्यूटी मार्केट की तस्वीर, फ्लिपकार्ट की बिक्री 50% बढ़ी

रिपोर्ट के अनुसार भारतीय उपभोक्ता अब वैज्ञानिक रूप से विकसित स्किनकेयर उत्पादों, प्रीमियम ब्यूटी ब्रांड्स और वैश्विक ट्रेंड्स से प्रेरित उत्पादों पर अधिक खर्च कर रहे हैं.

1 day ago

RBI के विदेशी मुद्रा भंडार में बड़ी कमी, एक हफ्ते में निकले 10 अरब डॉलर

एक सप्ताह में करीब 10 अरब डॉलर घटा भारत का फॉरेक्स रिजर्व, गोल्ड रिजर्व की वैल्यू में 10.75 अरब डॉलर की कमी; विदेशी मुद्रा आस्तियों में हालांकि बढ़ोतरी दर्ज

1 day ago

BRICS देशों में यूपी का जलवा, ₹50,000 करोड़ के निर्यात से बनाया नया रिकॉर्ड

BRICS और सहयोगी देशों को उत्तर प्रदेश से 5.36 अरब डॉलर का निर्यात, राज्य के MSME, हस्तशिल्प और चमड़ा उद्योग ने बनाया नया रिकॉर्ड

1 day ago


बड़ी खबरें

दिल्ली HC के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के रूप में चेतन शर्मा की पुनर्नियुक्ति

कैबिनेट की नियुक्ति समिति द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि दिल्ली हाईकोर्ट के लिए भारत सरकार के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के रूप में चेतन शर्मा की पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दी गई है.

1 hour ago

IPO बाजार में हलचल: AGS Health समेत 4 कंपनियों को SEBI की मंजूरी

AGS Health और PGP Glass मिलकर करीब ₹8,600 करोड़ जुटाने की तैयारी में हैं. वहीं, Jio Platforms के संभावित मेगा IPO ने भी बाजार की उत्सुकता बढ़ा दी है.

22 hours ago

IPL सट्टेबाजी से Nasdaq तक: महादेव के पैसे का वैश्विक सफर

महादेव के काले अरबों रुपये वैश्विक वित्तीय प्रणाली के हर प्रहरी को चकमा देने में सफल रहे.

23 hours ago

RBI के विदेशी मुद्रा भंडार में बड़ी कमी, एक हफ्ते में निकले 10 अरब डॉलर

एक सप्ताह में करीब 10 अरब डॉलर घटा भारत का फॉरेक्स रिजर्व, गोल्ड रिजर्व की वैल्यू में 10.75 अरब डॉलर की कमी; विदेशी मुद्रा आस्तियों में हालांकि बढ़ोतरी दर्ज

1 day ago

इनोवेशन का मूल्यांकन उसके प्रभाव से होना चाहिए, वैल्यूएशन से नहीं: डॉ. प्रफुल आर. नाइक

आविष्कारक, उद्यमी और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ डॉ. प्रफुल रामचंद्र नाइक ने BW Businessworld से विशेष बातचीत में पेटेंट, भारत के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र, स्वच्छ प्रौद्योगिकी और भविष्य में स्थिरता व मानव कल्याण की बढ़ती भूमिका पर अपने विचार साझा किए.

23 hours ago