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क्या आप भी प्लॉन कर रहे हैं नई EV? तो एक बार इस सर्वे के बारे में जरूर जानिए…
इस सर्वे में कार के मेंटीनेंस, चार्जिंग स्टेशनों का अनुभव, और लॉन्ग रूट पर जाने की समस्या जैसे कई मामलों को लेकर ईवी ओनरों से सवाल किए गए हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
EV को प्रमोट करने के लिए केन्द्र सरकार हर स्तर पर प्रयास कर रही है. भविष्य का ईंधन कहे जा रहे इस विकल्प को सरकार हर स्तर पर प्रमोट कर रही है अब केन्द्र सरकार जहां इसकी खरीद पर सब्सिडी दे रही है वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार इसकी खरीद पर कई तरह के ऑफर दे रही है. बावजूद इसके हाल ही में EV खरीदने वालों के बीच हुए एक सर्वे से जो जानकारी सामने आई है उसने सभी को परेशान कर दिया है. ये ऐसी जानकारी है जिसे आपको जरूर जानना चाहिए.
आखिर कैसे हैं EV चलाने वालों के अनुभव?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पार्क+ की ओर से किए गए सर्वे में जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार, लोगों को सबसे बड़ी चिंता इसी बात की सताती रहती है कि अगर बैटरी डिस्चार्ज हुई तो उन्हें चार्जिंग स्टेशन कहां मिलेगा. इस चिंता से जूझने वाले लोगों का प्रतिशत 88 प्रतिशत है. उन्हें इस बात की चिंता ज्यादा सताती है कि पेट्रोल पंपो की तरह चार्जिंग स्टेशन तो नहीं हैं. ऐसे में क्या होगा.
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फिर से नहीं खरीदेंगे EV कार
पार्क प्लस से इस सर्वे में ऐसे लोगों का जवाब 51% रहा जो ये तय कर चुके हैं कि वो अब आगे से ईवी वेहकिल नहीं खरीदेंगे. उनकी अगली खरीददारी या तो पेट्रोल या डीजल या गैस वाली कार होगी. सर्वे में जो चौंकाने वाली बात सामने आई है वो ये है कि उन्हें लगता है कि कंपनी ने उन्हें सेकेंड हेंड कार की चाबी पकड़ा दी है. यही नहीं कई कार ओनर का कहना है कि मेंटीनेंट और कार के रखरखाव को लेकर भी कार मालिकों का कहना है कि ईवी में अगर कोई छोटी समस्या आती है तो वो उसे लोकल मैकेनिक सुलझा नहीं पाता है. उसे सुलझाने के लिए उन्हें शोरूम में जाना पड़ता है जिसमें समय भी बीतता है और पैसे भी ज्यादा खर्च होते हैं.
नहीं करते हैं लंबी दूरी की यात्रा
एक ओर ईवी बनाने वाली कंपनियां जहां रेंज इस सर्वे में भाग लेने वाले लोगों का कहना है कि वो EV से लंबी रेंज की दूरी तय करने में घबराते हैं. उनका कहना है कि उन्हें एक तरह से Range Anxiety बनी रहती है. उनका कहना है कि ऐसा तो होता नहीं है कि कार से ऑफिस जाएं और फिर घर आ जाएं. कभी की लॉन्ग ड्राइव पर जाने का मन करने पर निकल तो जाते हैं लेकिन हमेशा ये डर बना रहता है कि अगर बैटरी खत्म हो गई तो चार्जिंग स्टेशन मिलेगा या नहीं.
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