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NLCIL को 7,000 करोड़ के निवेश की मंजूरी, देश में हरित ऊर्जा को मिलेगी रफ्तार
ऊर्जा बदलाव से 24 घंटे बिजली आपूर्ति होगी भरोसेमंद, कोयले की निर्भरता भी घटेगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 11 months ago
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में एक बड़ा फैसला लिया गया. नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनएलसी इंडिया लिमिटेड (NLCIL) को मौजूदा निवेश दिशानिर्देशों से विशेष छूट दी गई है, जिससे वह अपनी सहायक कंपनी एनएलसी इंडिया रिन्यूएबल्स लिमिटेड (NIRL) में 7,000 करोड़ रुपये तक का निवेश कर सकेगी. अब NIRL विभिन्न रिन्यूएबल एनर्जी परियोजनाओं में सीधे या संयुक्त उपक्रम (JV) के जरिए निवेश कर सकेगी, और इसके लिए उसे पूर्व-स्वीकृति लेने की आवश्यकता नहीं होगी.
निवेश पर लगी 30% सीमा से छूट
यह निवेश सार्वजनिक उपक्रम विभाग (DPE) द्वारा निर्धारित उस नियम से मुक्त होगा, जिसमें CPSEs को संयुक्त उपक्रमों और सहायक कंपनियों में कुल निवेश की 30% नेटवर्थ सीमा तक ही निवेश करने की अनुमति होती है. इस छूट से NLCIL और उसकी सहायक NIRL को वित्तीय और प्रबंधन संबंधी फैसलों में अधिक स्वतंत्रता मिलेगी.
2030 तक 10.11 GW और 2047 तक 32 GW ग्रीन एनर्जी लक्ष्य
सरकार का यह कदम NLCIL की रणनीति को समर्थन देता है, जिसके तहत कंपनी 2030 तक 10.11 गीगावॉट और 2047 तक 32 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता हासिल करना चाहती है. यह मंजूरी भारत की COP26 जलवायु प्रतिबद्धताओं के अनुरूप है और देश को कम-कार्बन अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे ले जाएगी.
भारत का दीर्घकालिक नेट-ज़ीरो लक्ष्य
भारत ने 2030 तक 500 गीगावॉट गैर-जीवाश्म ईंधन ऊर्जा क्षमता स्थापित करने का संकल्प लिया है. यह प्रधानमंत्री मोदी द्वारा घोषित 'पंचामृत' लक्ष्यों का हिस्सा है, जिसके तहत भारत 2070 तक नेट-ज़ीरो कार्बन उत्सर्जन हासिल करने की दिशा में काम कर रहा है.
एनएलसीआईएल का ग्रीन एनर्जी पोर्टफोलियो विस्तार
एक प्रमुख ऊर्जा कंपनी और नवरत्न CPSE के रूप में NLCIL अब अपने ग्रीन एनर्जी पोर्टफोलियो को तेज़ी से बढ़ाने की तैयारी में है. अभी कंपनी के पास 2 GW की कुल स्थापित क्षमता वाले सात रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट हैं, जो या तो चालू हैं या व्यावसायिक संचालन के करीब हैं.
इन सभी प्रोजेक्ट्स को अब NIRL को हस्तांतरित किया जाएगा, जिसे NLCIL की हरित ऊर्जा पहलों का मुख्य मंच बनाया जा रहा है. यह कंपनी भविष्य में प्रतिस्पर्धी बोलियों में भाग लेकर नई परियोजनाएं शुरू करने की भी योजना बना रही है.
ग्रीन एनर्जी से होंगे व्यापक लाभ
इस परियोजना के माध्यम से भारत में कोयले पर निर्भरता कम होगी, जिससे कोयले का आयात घटेगा और पूरे देश में 24 घंटे बिजली आपूर्ति अधिक भरोसेमंद बन सकेगी. यह कदम ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी सहायक साबित होगा. परियोजना के निर्माण और संचालन के दौरान प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के कई अवसर उत्पन्न होंगे, जिससे स्थानीय लोगों को आर्थिक लाभ मिलेगा और समावेशी विकास को बल मिलेगा.
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