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अमिताभ कांत ने G20 शेरपा पद से दिया इस्तीफा, PM मोदी का जताया आभार
अमिताभ कांत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है और कहा कि बीते वर्षों में भारत के विकास पथ को दिशा देने वाले पहलों में भरोसा जताने के लिए धन्यवाद दिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
सीनियर ब्यूरोक्रेट और भारत के G20 Sherpa अमिताभ कांत ने अपने आधिकारिक पद से इस्तीफा दे दिया है. इसके साथ ही पब्लिक सर्विस में उनके 45 वर्षों के गौरवपूर्ण करियर का समापन भी हो गया है. सोमवार को अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए कांत ने कहा कि वे अब नई संभावनाओं को अपनाने और जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत करने के लिए तैयार हैं.
अमिताभ कांत ने "मेरा नया सफर" शीर्षक से लिखे गए अपने लिंक्डइन पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने उनका इस्तीफा स्वीकार किया और भारत के विकास पथ को आकार देने वाली पहलों का नेतृत्व करने के लिए उन पर विश्वास जताया. कांत ने लिखा, “प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण, अनुशासन और एक मजबूत तथा समावेशी भारत के निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता हमेशा प्रेरणा का स्रोत रही है.”
अपने कार्यकाल पर विचार करते हुए कांत ने 2023 में भारत की G20 अध्यक्षता को अपने करियर का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया. उन्होंने कहा, “वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, हमने नई दिल्ली लीडर्स डिक्लेरेशन पर सर्वसम्मति हासिल की और विकास से जुड़े अहम मुद्दों पर दोबारा ध्यान केंद्रित किया.”
उनके नेतृत्व में भारत की G20 अध्यक्षता को जन-केंद्रित और समावेशी बनाया गया, जिसमें सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में बैठकें आयोजित की गईं. इस दृष्टिकोण का उद्देश्य सहकारी संघवाद को मजबूत करना, स्थानीय संस्कृति का उत्सव मनाना, और राष्ट्रीय अवसंरचना को उन्नत करना था.
कांत ने यह भी उल्लेख किया कि भारत की अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को G20 का सदस्य बनाया गया, जिसे उन्होंने वैश्विक न्याय और ग्लोबल साउथ की आवाज को सशक्त करने की भारत की प्रतिबद्धता की पूर्ति बताया.
G20 शेरपा बनने से पहले कांत नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) थे. इस दौरान उन्होंने आकांक्षी जिलों कार्यक्रम जैसी परिवर्तनकारी पहलों का नेतृत्व किया, जिसका उद्देश्य भारत के सबसे पिछड़े क्षेत्रों को सशक्त बनाना था. कांत के अनुसार, इस कार्यक्रम से कई सामाजिक-आर्थिक संकेतकों में उल्लेखनीय सुधार हुआ और समावेशी विकास की नींव रखी गई.
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