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होर्मुज तनाव और ग्लोबल कमजोरी के बीच कैसी रहेगी आज बाजार की चाल?

गुरुवार को BSE सेंसेक्स 114 अंक टूटकर 77,844.52 पर बंद हुआ. वहीं, NSE निफ्टी मामूली गिरावट के साथ 24,326.65 के स्तर पर बंद हुआ.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बदलते घटनाक्रम का असर भारतीय शेयर बाजार पर लगातार दिखाई दे रहा है. गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला था. अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर संभावित समझौते की खबरों से सेंसेक्स महज 12 मिनट में करीब 500 अंक उछल गया था. हालांकि, दिन के आखिर तक बाजार अपनी अधिकांश बढ़त गंवा बैठा और कमजोर बंद हुआ.

अब शुक्रवार को निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की चाल और पश्चिम एशिया से आने वाली हर नई खबर पर टिकी हुई है. शुरुआती संकेत बता रहे हैं कि आज बाजार दबाव में शुरुआत कर सकता है, क्योंकि गिफ्ट निफ्टी (GIFT Nifty) और एशियाई बाजारों में कमजोरी देखने को मिल रही है.

कमजोर बंद हुए प्रमुख सूचकांक

गुरुवार को दिनभर उतार-चढ़ाव के बाद बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स 114 अंक टूटकर 77,844.52 पर बंद हुआ. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी मामूली गिरावट के साथ 24,326.65 के स्तर पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 78,384.70 का उच्चतम और 77,713.21 का न्यूनतम स्तर छुआ. निफ्टी भी 24,482 और 24,284 के दायरे में कारोबार करता रहा.

शुक्रवार को कमजोर शुरुआत के संकेत

शुक्रवार सुबह GIFT Nifty करीब 117 अंक की गिरावट के साथ 24,278 के आसपास कारोबार करता दिखा. इससे संकेत मिल रहे हैं कि घरेलू बाजार की शुरुआत दबाव में हो सकती है. एशियाई बाजारों में भी कमजोरी का माहौल रहा. निक्केई, हैंग सेंग, कोस्पी और स्ट्रेट टाइम्स जैसे प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए.

अमेरिकी बाजारों में भी गुरुवार को बिकवाली देखने को मिली. अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर बनी अनिश्चितता और टेक शेयरों में कमजोरी के चलते S&P 500, Nasdaq और Dow Jones गिरावट के साथ बंद हुए. विशेष रूप से चिप कंपनियों और टेक सेक्टर के शेयरों में दबाव देखा गया, जिसका असर वैश्विक निवेश धारणा पर पड़ा.

कच्चे तेल और सोने में फिर तेजी

गुरुवार को संभावित समझौते की खबरों से ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे फिसल गया था. लेकिन शुक्रवार सुबह हालात फिर बदलते नजर आए. मीडिया रिपोर्ट्स में अमेरिकी नौसैनिक जहाजों पर हमलों की खबर आने के बाद बाजार में तनाव बढ़ गया, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में दोबारा तेजी लौट आई. शुरुआती कारोबार में ब्रेंट और WTI क्रूड दोनों एक फीसदी से ज्यादा मजबूत दिखे. वहीं, सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने और चांदी में भी तेज खरीदारी देखने को मिली. कॉमेक्स पर सोना करीब 0.7 फीसदी और चांदी लगभग 2 फीसदी तक चढ़ गई.

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने दिखाया दम

भले ही मुख्य सूचकांक कमजोर रहे हों, लेकिन व्यापक बाजार में खरीदारी बनी रही. निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1.20 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 1 फीसदी मजबूत होकर बंद हुए. ऑटो सेक्टर ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि आईटी और एफएमसीजी शेयरों में दबाव बना रहा.

आज इन शेयरों में रहेगी हलचल

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सेंसेक्स पैक में महिंद्रा एंड महिंद्रा, एनटीपीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा स्टील और इटरनल प्रमुख बढ़त वाले शेयर रहे. दूसरी ओर एचयूएल, टीसीएस, टेक महिंद्रा, टाइटन और सन फार्मा में कमजोरी दर्ज की गई. इसके अलावा रिलायंस, इंफोसिस, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक भी दबाव में रहे.

FII की बिकवाली जारी, DII ने संभाला मोर्चा

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 7 मई को भी बिकवाली जारी रखी और करीब 340 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 441 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया. विश्लेषकों के अनुसार, जब तक पश्चिम एशिया की स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. निवेशकों की नजर अब चौथी तिमाही के नतीजों, कंपनियों के आउटलुक और अमेरिका-ईरान तनाव से जुड़ी हर नई खबर पर रहेगी.

(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है. 'BW हिंदी' इसकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता. सोच-समझकर, अपने विवेक के आधार पर और किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह के बाद ही निवेश करें, अन्यथा आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है.)

 

 


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