होम / बिजनेस / भू-राजनीतिक तनाव के बीच ओपेक+ ने तेल उत्पादन बढ़ाने पर लगाई मुहर

भू-राजनीतिक तनाव के बीच ओपेक+ ने तेल उत्पादन बढ़ाने पर लगाई मुहर

ओपेक+ के सात सदस्य देशों ने जून में संयुक्त रूप से अपने उत्पादन लक्ष्य में 188,000 बैरल प्रति दिन (bpd) की वृद्धि करने का फैसला किया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago

वैश्विक तेल बाजार से जुड़ी अहम खबर में तेल उत्पादक देशों के समूह ओपेक (OPEC+) ने जून महीने के लिए कच्चे तेल के उत्पादन लक्ष्य में मामूली बढ़ोतरी पर सहमति जताई है. हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान से जुड़े संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाओं के कारण इसका वास्तविक सप्लाई पर तुरंत कोई बड़ा असर नहीं होगा.

1.88 लाख बैरल प्रतिदिन की बढ़ोतरी

ओपेक+ के सात सदस्य देशों ने जून में संयुक्त रूप से अपने उत्पादन लक्ष्य में 188,000 बैरल प्रति दिन (bpd) की वृद्धि करने का फैसला किया है. यह लगातार तीसरा महीना है जब समूह उत्पादन बढ़ा रहा है. यह बढ़ोतरी मई में तय किए गए समान स्तर के अनुरूप है, हालांकि इसमें संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का हिस्सा शामिल नहीं है, जिसने 1 मई को समूह से अलग होने की घोषणा की थी.

भू-राजनीतिक तनाव से सीमित रहेगा असर

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम दिखाता है कि ओपेक+ मौजूदा भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद सामान्य स्थिति बनाए रखने की कोशिश कर रहा है. लेकिन सप्लाई में वास्तविक वृद्धि तब तक सीमित रहेगी जब तक शिपिंग स्थितियां सामान्य नहीं हो जातीं.

ईरान से जुड़े संघर्ष के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य, जो खाड़ी देशों के तेल निर्यात का प्रमुख मार्ग है, वहां आवागमन बाधित बना हुआ है. इससे अतिरिक्त उत्पादन के बावजूद वैश्विक बाजार में आपूर्ति बढ़ नहीं पा रही है.

सऊदी अरब का उत्पादन लक्ष्य बढ़ा

नई व्यवस्था के तहत प्रमुख उत्पादक देश साउदी अरब का उत्पादन लक्ष्य जून में बढ़कर 10.291 मिलियन बैरल प्रति दिन हो जाएगा. हालांकि वास्तविक उत्पादन इससे काफी कम है. ओपेक के अनुसार, मार्च में सऊदी अरब का वास्तविक उत्पादन लगभग 7.76 मिलियन बैरल प्रतिदिन था.

बाजार को संतुलित रखने की रणनीति

विशेषज्ञों का मानना है कि ओपेक+ का यह फैसला इस बात का संकेत है कि समूह भविष्य में आपूर्ति तेजी से बढ़ाने की तैयारी कर रहा है, लेकिन फिलहाल स्थिति को संतुलित बनाए रखना चाहता है. साथ ही यह भी संदेश दिया जा रहा है कि हाल के बदलावों के बावजूद समूह की एकजुटता और प्रभाव बरकरार है.

कुल मिलाकर, OPEC+ का यह निर्णय बाजार में तत्काल बड़े बदलाव की संभावना नहीं दिखाता, लेकिन यह संकेत जरूर देता है कि भू-राजनीतिक हालात सामान्य होने पर उत्पादन तेजी से बढ़ाया जा सकता है. फिलहाल ईरान संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति वैश्विक तेल आपूर्ति पर सबसे बड़ा असर डाल रही है.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

सेबी का कमोडिटी सौदा: विदेशी लाते हैं पैसा, भारतीय ब्रोकर उठाते हैं जोखिम

सेबी भारत के फिजिकली सेटल्ड कमोडिटी कॉन्ट्रैक्ट्स में विदेशी फंड्स चाहता है. वे डिलीवरी नहीं ले सकते. इसलिए अगर कोई फंड समय रहते बाहर निकलने में विफल रहता है, तो उसकी पोजीशन बाजार बंद होने के बाद अपने आप एक भारतीय ब्रोकर की खुद की बुक्स में चली जाती है. फंड "किसी भी आगे के अधिकार, टाइटल, दायित्व या एक्सपोजर" से मुक्त हो जाता है. ब्रोकर यह सब अपने ऊपर ले लेता है. SEBI इसे एक सुरक्षा उपाय कहता है.

8 hours ago

20 वर्षों में भारत की GDP 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: अजीत डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अगले दो दशकों में भारत का आर्थिक विस्तार नई पीढ़ी के स्नातकों के लिए अवसर पैदा कर सकता है.

9 hours ago

सरकारी जमीन और बिल्डिंग्स से जुटाए जाएंगे ₹5,000 करोड़ से ज्यादा, NLMC ने तेज की एसेट मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया

NLMC बोर्ड ने 5,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अतिरिक्त जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन की सिफारिश की है.

10 hours ago

बकाया टैक्स पर गिरफ्तारी नहीं, संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली; CBDT ने नियमों में किया बदलाव

सीबीडीटी ने 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिए आयकर नियम, 2026 के नियम 225 में संशोधन किया है. यह नियम टैक्स बकाया की वसूली की प्रक्रिया से संबंधित है.

11 hours ago

पावर प्लांट्स में सिर्फ 9 दिन का कोयला, 42% घटा स्टॉक; लॉजिस्टिक्स बनी बड़ी चुनौती

बिजली की बढ़ती मांग और परिवहन संबंधी दिक्कतों के चलते थर्मल पावर प्लांट्स में कोयले का दबाव बढ़ा, 190 में से 51 प्लांट्स में स्टॉक गंभीर स्तर पर

12 hours ago


बड़ी खबरें

बकाया टैक्स पर गिरफ्तारी नहीं, संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली; CBDT ने नियमों में किया बदलाव

सीबीडीटी ने 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिए आयकर नियम, 2026 के नियम 225 में संशोधन किया है. यह नियम टैक्स बकाया की वसूली की प्रक्रिया से संबंधित है.

11 hours ago

सेबी का कमोडिटी सौदा: विदेशी लाते हैं पैसा, भारतीय ब्रोकर उठाते हैं जोखिम

सेबी भारत के फिजिकली सेटल्ड कमोडिटी कॉन्ट्रैक्ट्स में विदेशी फंड्स चाहता है. वे डिलीवरी नहीं ले सकते. इसलिए अगर कोई फंड समय रहते बाहर निकलने में विफल रहता है, तो उसकी पोजीशन बाजार बंद होने के बाद अपने आप एक भारतीय ब्रोकर की खुद की बुक्स में चली जाती है. फंड "किसी भी आगे के अधिकार, टाइटल, दायित्व या एक्सपोजर" से मुक्त हो जाता है. ब्रोकर यह सब अपने ऊपर ले लेता है. SEBI इसे एक सुरक्षा उपाय कहता है.

8 hours ago

20 वर्षों में भारत की GDP 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: अजीत डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अगले दो दशकों में भारत का आर्थिक विस्तार नई पीढ़ी के स्नातकों के लिए अवसर पैदा कर सकता है.

9 hours ago

सरकारी जमीन और बिल्डिंग्स से जुटाए जाएंगे ₹5,000 करोड़ से ज्यादा, NLMC ने तेज की एसेट मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया

NLMC बोर्ड ने 5,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अतिरिक्त जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन की सिफारिश की है.

10 hours ago

भारत के फॉरेक्स रिजर्व में 4.924 अरब डॉलर की गिरावट, 10 हफ्तों की बढ़त पर लगा ब्रेक

विदेशी मुद्रा आस्तियां देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा होती हैं. डॉलर में व्यक्त FCA में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की विनिमय दरों में होने वाले बदलाव का असर भी शामिल होता है.

17 hours ago