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त्योहारी मांग के बीच चीनी की सप्लाई बढ़ी, सितंबर में रिकॉर्ड 26.50 लाख टन बिक्री कोटा
सरकार ने सितंबर के दूसरे पखवाड़े के लिए 13.50 लाख टन चीनी बिक्री को मंजूरी दी है. पूरे महीने का कोटा 26.50 लाख टन पहुंच गया है. बाजार में बढ़ी सप्लाई के चलते चीनी की कीमतों पर दबाव बना हुआ है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
त्योहारी सीजन में चीनी की मांग बढ़ने के बावजूद बाजार में इसकी कीमतों में नरमी देखने को मिल रही है. केंद्र सरकार ने घरेलू बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए सितंबर में रिकॉर्ड 26.50 लाख टन चीनी की बिक्री की अनुमति दी है. बढ़ी हुई सप्लाई का असर खुदरा कीमतों पर भी दिख रहा है और कुछ बाजारों में चीनी का भाव करीब 55 रुपये प्रति किलोग्राम तक आ गया है.
सितंबर के दूसरे पखवाड़े में 13.50 लाख टन का कोटा
खाद्य मंत्रालय ने 16 से 30 सितंबर 2026 के लिए चीनी मिलों को 13.50 लाख टन बिक्री कोटा आवंटित किया है. इससे पहले 1 से 15 सितंबर के लिए 13 लाख टन का कोटा तय किया गया था. इस तरह सितंबर में कुल बिक्री कोटा 26.50 लाख टन हो गया है, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है.
सरकार अब चीनी का बिक्री कोटा पूरे महीने के बजाय 15-15 दिन के आधार पर तय कर रही है. इसका उद्देश्य घरेलू बाजार में पर्याप्त स्टॉक बनाए रखना और कीमतों में अचानक होने वाले उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करना है.
मांग के मुकाबले ज्यादा सप्लाई
अगस्त 2026 में सरकार ने 22.50 लाख मीट्रिक टन चीनी बिक्री का कोटा तय किया था, जबकि जुलाई में यह 22 लाख मीट्रिक टन था. सितंबर का कोटा इन दोनों महीनों की तुलना में काफी अधिक है. त्योहारी सीजन के कारण कई राज्यों में चीनी की खपत बढ़ रही है. महाराष्ट्र समेत कुछ राज्यों में गणेश चतुर्थी के दौरान मांग में भी बढ़ोतरी हुई है. इसके बावजूद बाजार में उपलब्धता को बनाए रखने के लिए सरकार ने बिक्री कोटा ऊंचा रखा है.
खुदरा बाजार में 55 रुपये किलो तक आया भाव
बढ़ी हुई सप्लाई के बीच चीनी की खुदरा कीमतों में भी नरमी आई है. कुछ बाजारों में इसका भाव करीब 55 रुपये प्रति किलोग्राम तक आ गया है. हालांकि, देश के अलग-अलग हिस्सों में कीमतें अलग हैं और फिलहाल खुदरा बाजार में चीनी करीब 55 से 65 रुपये प्रति किलोग्राम के दायरे में बिक रही है.
अगस्त के मध्य में कुछ बाजारों में चीनी की खुदरा कीमत 75 रुपये प्रति किलोग्राम से ऊपर पहुंच गई थी. इसके बाद सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने और बाजार में उपलब्धता बनाए रखने के कदमों से कीमतों में गिरावट आई है.
40-45 रुपये किलो के सामान्य स्तर पर लाने की कोशिश
सरकार का लक्ष्य चीनी की कीमतों को सामान्य स्तर पर बनाए रखना है. अधिकारियों के मुताबिक, बाजार में मांग के मुकाबले पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रहने से कीमतों पर आगे भी दबाव रह सकता है. हालांकि, त्योहारी सीजन के अक्टूबर-नवंबर में चरम पर पहुंचने के साथ मांग बढ़ने की संभावना है.
फिलहाल चीनी के एक्स-फैक्टरी भाव में भी गिरावट आई है. यह करीब 4,400 से 4,700 रुपये प्रति क्विंटल के दायरे में है, जबकि थोक बाजार में औसत भाव करीब 5,000 रुपये प्रति क्विंटल बताया जा रहा है. इसके बावजूद खुदरा कीमतें थोक और एक्स-फैक्टरी भाव के मुकाबले ऊंची बनी हुई हैं. आने वाले दिनों में चीनी की कीमतों की दिशा मुख्य रूप से त्योहारी मांग और बाजार में उपलब्ध सप्लाई के बीच संतुलन पर निर्भर करेगी.
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