होम / बिजनेस / खाद्य महंगाई पर राहत की उम्मीद, साल के अंत तक घट सकता है कीमतों का दबाव: नागेश्वरन

खाद्य महंगाई पर राहत की उम्मीद, साल के अंत तक घट सकता है कीमतों का दबाव: नागेश्वरन

अगस्त में खाद्य महंगाई करीब 6% रही, लेकिन खरीफ फसलों की बुवाई में मामूली गिरावट और बेहतर पैदावार की उम्मीद से कीमतों पर दबाव कम होने की संभावना

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago

मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंथा नागेश्वरन ने कहा है कि अगस्त में करीब 6% रही खाद्य महंगाई साल के अंत तक इसी ऊंचे स्तर पर बने रहने की संभावना नहीं है. उन्होंने कहा कि मानसून में 15% की कमी फिलहाल प्रबंधनीय है और खरीफ फसलों की बुवाई भी अपेक्षाकृत बेहतर रही है. नागेश्वरन ने भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (Assocham) द्वारा आयोजित एक ऑनलाइन कार्यक्रम में कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं है कि अगस्त में खाद्य कीमतों में हुई बढ़ोतरी साल के अंत तक जारी रहेगी.

CPI में खाद्य और पेय पदार्थों की बड़ी हिस्सेदारी

खाद्य और पेय पदार्थों की भारत के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) बास्केट में 36.75% हिस्सेदारी है. ऐसे में खाद्य कीमतों में होने वाले बदलाव का खुदरा महंगाई पर सीधा असर पड़ता है. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में भारत की खुदरा महंगाई बढ़कर 4.82% पर पहुंच गई, जो 20 महीने का उच्च स्तर है.

नागेश्वरन ने बताया कि फिलहाल मानसून की कमी करीब 15% है, जबकि गर्मियों की फसलों की खेती का क्षेत्र पिछले साल की तुलना में केवल 2-3% कम हुआ है. उन्होंने कहा कि बुवाई में सीमित गिरावट और अधिकांश खरीफ फसलों की अच्छी पैदावार की उम्मीद को देखते हुए बारिश की कमी को फिलहाल "प्रबंधनीय" माना जा सकता है.

वैश्विक जोखिमों के बावजूद अर्थव्यवस्था में मजबूती

मुख्य आर्थिक सलाहकार ने कहा कि नए भू-राजनीतिक जोखिमों और वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार बनी हुई है. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमतें 107-108 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई हैं. इसके अलावा वैश्विक बॉन्ड यील्ड में भी बढ़ोतरी हुई है, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बाहरी जोखिम बढ़े हैं. नागेश्वरन ने कहा कि हाल के दिनों में वैश्विक स्तर पर जोखिम जरूर बढ़े हैं, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था के अधिक लचीली रहने की संभावना है.

बैंक क्रेडिट और GST संग्रह से सहारा

नागेश्वरन ने घरेलू अर्थव्यवस्था को सहारा देने वाले कई मजबूत कारकों का भी उल्लेख किया. इनमें बैंक क्रेडिट में मजबूत वृद्धि, वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह में मजबूती और कॉरपोरेट तथा बैंकिंग क्षेत्र की अपेक्षाकृत बेहतर बैलेंस शीट शामिल हैं.

उन्होंने कहा कि सरकार यह आकलन कर रही है कि अर्थव्यवस्था नए बाहरी झटकों का सामना करते हुए मार्च से जुलाई के बीच बाजार में आई अस्थिरता के दौरान दिखाई गई मजबूती को बनाए रख सकती है या नहीं.

उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर बदलाव का है और यह एक महत्वपूर्ण मोड़ है. ऐसे में आने वाले 25 वर्षों की जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत को कई क्षेत्रों में अपनी क्षमता और प्रदर्शन को बेहतर करना होगा.

निवेश और नियुक्तियां बढ़ाने की जरूरत

CEA ने कहा कि मौजूदा अनिश्चितताओं के बीच नीति निर्माण में लचीलापन जरूरी है. साथ ही उन्होंने निजी क्षेत्र से निवेश और नियुक्तियां बढ़ाने की अपील की. उन्होंने कहा कि सरकार भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर करीबी नजर रख रही है और स्थिति के अनुसार अपनी प्रतिक्रिया तय करेगी. सरकार आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाती रहेगी और कारोबार करने तथा जीवनयापन को आसान बनाने की दिशा में काम करेगी.

4.3% राजकोषीय घाटे के लक्ष्य पर भरोसा

बाहरी जोखिमों के बावजूद नागेश्वरन ने वित्त वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटे को GDP के 4.3% तक सीमित रखने के सरकार के लक्ष्य को लेकर भरोसा जताया. उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर नहीं रहीं, जबकि उर्वरक कीमतों में भी कमी आई है.

इसके अलावा सरकार को गैर-कर और गैर-ऋण पूंजी प्राप्तियों से भी समर्थन मिलने की उम्मीद है. इसमें विनिवेश से मिलने वाली रकम और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से मिलने वाला लाभांश शामिल है. नागेश्वरन के मुताबिक, इन कारकों को देखते हुए सरकार को वित्त वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटे को GDP के 4.3% के करीब रखने का भरोसा है.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

व्यापार के बंटवारे से 2050 तक वैश्विक GDP में 6.9% की गिरावट का जोखिम: WTO

WTO की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर बहुपक्षीय व्यापार सहयोग की जगह FTAs का नेटवर्क हावी होता है तो वैश्विक निर्यात 26.9% तक घट सकता है; भारत-EFTA समझौते में टैरिफ कटौती को FDI प्रतिबद्धताओं से जोड़ा गया है.

1 hour ago

QED इन्वेस्टर्स की अगुवाई में Flam ने सीरीज B फंडिंग राउंड में जुटाए 40 मिलियन डॉलर

AI इंटरैक्टिव कंटेंट कंपनी फ्लैम इस पूंजी का इस्तेमाल रिसर्च एंड डेवलपमेंट, अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो के विस्तार और वैश्विक स्तर पर एंटरप्राइज बिक्री बढ़ाने के लिए करेगी.

1 hour ago

UP में निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने की तैयारी, ₹200 करोड़ के एथेनॉल प्लांट समेत 23 प्रस्ताव मंजूर

कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश खिलौना निर्माण प्रोत्साहन नीति, 2025 को भी मंजूरी दी है. सरकार के मुताबिक, इस नीति का उद्देश्य राज्य में खिलौना निर्माण को बढ़ावा देना, निवेश आकर्षित करना और रोजगार के अवसर पैदा करना है.

3 hours ago

कल 1,400 अंक फिसला सेंसेक्स, आज बाजार की कैसी रहेगी चाल? गिफ्ट निफ्टी कमजोर

मंगलवार को सेंसेक्स 1,430 अंक टूटकर 777.94 अंक यानी 1.04 फीसदी की गिरावट के साथ 74,003.82 पर बंद हुआ. निफ्टी भी 279.50 अंक यानी 1.19 फीसदी गिरकर 23,118.60 पर रहा.

4 hours ago

भारत का अगस्त निर्यात 26.12 प्रतिशत बढ़कर 43.81 अरब डॉलर, व्यापार घाटा घटा

इंजीनियरिंग, पेट्रोलियम, रसायन और कपड़ा क्षेत्र ने निर्यात को गति दी, जबकि अगस्त में सोने का आयात सालाना आधार पर 57.7 प्रतिशत घटा.

18 hours ago


बड़ी खबरें

व्यापार के बंटवारे से 2050 तक वैश्विक GDP में 6.9% की गिरावट का जोखिम: WTO

WTO की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर बहुपक्षीय व्यापार सहयोग की जगह FTAs का नेटवर्क हावी होता है तो वैश्विक निर्यात 26.9% तक घट सकता है; भारत-EFTA समझौते में टैरिफ कटौती को FDI प्रतिबद्धताओं से जोड़ा गया है.

1 hour ago

QED इन्वेस्टर्स की अगुवाई में Flam ने सीरीज B फंडिंग राउंड में जुटाए 40 मिलियन डॉलर

AI इंटरैक्टिव कंटेंट कंपनी फ्लैम इस पूंजी का इस्तेमाल रिसर्च एंड डेवलपमेंट, अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो के विस्तार और वैश्विक स्तर पर एंटरप्राइज बिक्री बढ़ाने के लिए करेगी.

1 hour ago

खाद्य महंगाई पर राहत की उम्मीद, साल के अंत तक घट सकता है कीमतों का दबाव: नागेश्वरन

अगस्त में खाद्य महंगाई करीब 6% रही, लेकिन खरीफ फसलों की बुवाई में मामूली गिरावट और बेहतर पैदावार की उम्मीद से कीमतों पर दबाव कम होने की संभावना

1 hour ago

कल 1,400 अंक फिसला सेंसेक्स, आज बाजार की कैसी रहेगी चाल? गिफ्ट निफ्टी कमजोर

मंगलवार को सेंसेक्स 1,430 अंक टूटकर 777.94 अंक यानी 1.04 फीसदी की गिरावट के साथ 74,003.82 पर बंद हुआ. निफ्टी भी 279.50 अंक यानी 1.19 फीसदी गिरकर 23,118.60 पर रहा.

4 hours ago

एक्सक्लूसिव: सिद्धार्थ बुटालिया बने फ्लाईदुबई के सीनियर VP, कॉरपोरेट ब्रांड और मार्केटिंग की संभालेंगे कमान

सिद्धार्थ बुटालिया टाटा समूह के साथ दो दशक बिताने के बाद दुबई स्थित एयरलाइन में शामिल हुए हैं, जहां उन्होंने आखिरी बार एयर इंडिया एक्सप्रेस में चीफ मार्केटिंग ऑफिसर के रूप में कार्य किया.

3 hours ago