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अमेरिका के लोगों को खूब भा रहे हैं भारत के बने स्‍मार्टफोन, बना सबसे बड़ा खरीदार

2022-23 के आंकड़ों पर नजर डालें तो यूएई सबसे बड़ा खरीदार था वहीं 2023-24 के आंकड़ों पर नजर डालें तो उसमें अमेरिका हमारे स्‍मार्टफोन का सबसे बड़ा खरीदार बन चुका है. 

ललित नारायण कांडपाल 1 year ago

भारत की तेजी से आगे बढ़ती अर्थव्‍यवस्‍था को दुनिया की रेटिंग एजेंसिया यूं ही स्थिर नहीं बता रही हैं. दुनिया की सभी टॉप रेटिंग एजेंसियों का मानना है कि आने वाले सालों में भारत की ग्रोथ इसी तरह तेज बनी रहेगी. दरअसल उनके इस अनुमान के पीछे छिपा है भारत के मेड इन इंडिया प्रोग्राम का सच. कॉमर्स मंत्रालय के मई महीने के ट्रेड डेटा अनुसार भारत के स्‍मॉर्टफोन का सबसे बड़ा खरीदार अमेरिका है. जबकि पिछले साल भारत के स्‍मार्टफोन को सबसे ज्‍यादा यूनाइटेड अरब अमीरात खरीद रहा था. यही नहीं भारत में बने दूसरे कई प्रोडक्‍ट भी दुनिया के कई देशों को भा रहे हैं. 

क्‍या कह रहे हैं आंकड़े? 
भारत में पिछले 10 सालों में स्‍मार्टफोन प्रोडक्‍शन तेजी से आगे बढ़ा है. 2014 के मुकाबले आज देश में कई गुना ज्‍यादा कंपनियां भारत में स्‍मार्टफोन का निर्माण कर रही हैं. भारत के स्‍मार्टफोन एक्‍सपोर्ट के आंकड़े बता रहे हैं कि 2022-23 में हमने जहांे 10.96 बिलियन अमेरिकी डॉलर के स्‍मार्टफोन का निर्यात किया. वहीं 2023-24 में रहने 15.57 अमेरिकी बिलियन डॉलर का निर्यात कर चुके हैं. वहीं अगर साल दर साल के अनुसार, हर महीने के फीगर पर नजर डालें तो उसमें भी हर महीने इजाफा देखने को मिला है.

जानिए किस महीने में हुआ कितना एक्‍सपोर्ट? 

अप्रैल 23 में जहां भारत ने 498.3 बिलियन डॉलर का एक्‍सपोर्ट किया वहीं अप्रैल 24 में ये बढ़करद 1067.7 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया. इसी तरह मई में 444.5 बिलियन डॉलर के मुकाबले मई 24 में 1362.97 बिलियन डॉलर का निवेश मिला है. इसी तरह से अगर जून में 707.36 बिलियन डॉलर के मुकाबले इस साल 1291.13 बिलियन डॉलर, जुलाई में 691.92 बिलियन डॉलर के मुकाबले इस साल 1291.13 बिलियन डॉलर, अगस्‍त में 668.93 बिलियन डॉलर के मुकाबले इस साल 953.6 बिलियन डॉलर, सितंबर में  में 890.72 बिलियन डॉलर के मुकाबले इस साल 912.25 बिलियन डॉलर, अक्‍टूबर में 907.98 बिलियन डॉलर के मुकाबले इस साल 1266.66 बिलियन डॉलर, नवंबर में 1194.23 बिलियन डॉलर के मुकाबले इस साल 1265.01 बिलियन डॉलर, दिसंबर में 1190.08 बिलियन डॉलर के मुकाबले इस साल 1443.05 बिलियन डॉलर, जनवरी में 1165.12 बिलियन डॉलर के मुकाबले इस साल 1315.72 बिलियन डॉलर, फरवरी में 951.27 बिलियन डॉलर के मुकाबले इस साल 1755.44 बिलियन डॉलर और मार्च में 1644.84 बिलियन डॉलर के मुकाबले इस साल 1988.42 बिलियन डॉलर का एक्‍सपोर्ट किया है. 

ये भी पढ़ें: इंपोर्ट-एक्‍सपोर्ट के मोर्चे पर कैसे हुआ इजाफा, लेकिन वित्‍तीय घाटे में हुई कमी

अमेरिका खरीद रहा है सबसे ज्‍यादा स्‍मार्टफोन 
कॉमर्स मंत्रालय की ओर से जारी किए गए आंकड़े बता रहे हैं कि जहां वर्ष 2022-23 में हमारे टॉप फाइव सबसे बड़े खरीदारों में यूनाइटेड अरब अमीरात 23.5 प्रतिशत, अमेरिका 19.7 प्रतिशत, नीदरलैंड 9.7 प्रतिशत यूके 7.8 प्रतिशत और इटली 6.5 प्रतिशत के साथ शामिल है. जबकि 2023-24 में एक्‍सपोर्ट के आंकड़े बता रहे हैं कि अमेरिका हमारे स्‍मार्टफोन का सबसे बड़ा खरीददार बन चुका है. आज अमेरिका हमसे 35.8 प्रतिशत स्‍मार्टफोन खरीद रहा है जबकि दूसरे नंबर पर यूएई आ चुका है. यूएई हमसे 16.5 प्रतिशत मोबाइल खरीद रहा है जबकि नीदरलैंड 7.6 प्रतिशत फोन खरीद रहा है, यूके 7.3 प्रतिशत मोबाइल का खरीददार है, और इटली 5.1 प्रतिशत मोबाइल खरीद रहा है. 

जान लीजिए क्‍या है इसके पीछे का कारण?   
कॉमर्स मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका सीधा कंज्‍यूमर है, वहीं यूनाइटेड अरब अमीरात सिर्फ गल्‍फ क्षेत्रों में ही नहीं बल्कि अफ्रीका में भी डिस्‍ट्रीब्‍यूट करता है. इसलिए अफ्रीकन डिमांड और गल्‍फ डिमांड को यूएई पूरा करता है. वहीं अमेरिका में डिमांड में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जैसा कि हम जानते हैं कि अमेरिका एक बहुत अमीर देश है, और वहां स्‍मार्टफोन का एक बड़ा बाजार है. इसलिए अमेरिका का शेयर बहुत ज्‍यादा है. 
 


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