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अडानी की इस कंपनी को कर्ज की दरकार, गिरवी रखी अपनी आधी हिस्सेदारी

अडानी ग्रुप का कारोबार पोर्ट्स से लेकर पावर तक विभिन्न सेक्टर्स में फैला हुआ है. समूह लगातार नए सेक्टर्स में एंट्री ले रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

दुनिया के तीसरे सबसे अमीर कारोबारी गौतम अडानी की कंपनी अंबुजा सीमेंट्स ने कर्ज के लिए अपनी 50 फीसदी हिस्सेदारी गिरवी रखी है. हालांकि, यह हिस्सेदारी उसने अपनी सब्सिडियरी एसीसी लिमिटेड में गिरवी रखी है. अंबुजा सीमेंट्स द्वारा शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया गया है कि कंपनी ने 26 सितंबर, 2022 को एसीसी लिमिटेड में अपने कुल 9.39 करोड़ शेयर गिरवी रखे हैं. बता दें कि अडानी समूह ने मॉरिशस की एसपीवी एंडेवर ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड (ETIL) के जरिए अंबुजा और ACC दोनों कंपनियों का अधिग्रहण किया है. 

पहले आई थी ये खबर
इससे पहले खबर आई थी कि अडानी समूह ने अंबुजा सीमेंट्स और एसीसी में अपनी 13 अरब डॉलर की हिस्सेदारी गिरवी रख दी है. ये दोनों ही देश की बड़ी सीमेंट कंपनियां हैं. इससे पहले समूह ने दोनों कंपनियों के 6.5 अरब डॉलर के अधिग्रहण को पूरा करने की जानकारी दी थी. मीडिया रिपोर्ट्स में ब्लूमबर्ग के हवाले से बताया गया था कि अडानी ग्रुप ने एसीसी और अंबुजा को खरीदकर उनके 13 अरब डॉलर कीमत के शेयर प्लेज कर दिए हैं. गौरतलब है कि अडानी ग्रुप का कारोबार पोर्ट्स से लेकर पावर तक विभिन्न सेक्टर्स में फैला हुआ है. 

क्या होते हैं प्लेज शेयर?
प्लेज शेयर (Pledged Shares) ऐसे शेयर होते हैं, जिन्हें गिरवी रखा जाता है. निवेशक या कंपनियों के प्रमोटर्स शेयरों को प्लेज कर सकते हैं. दरअसल, शेयरों को बैंक या दूसरे वित्तीय संस्थानों के पास गिरवी रखकर लोन लिया जा सकता है. इस तरह लोन के लिए बतौर गारंटी जो शेयर गिरवी रखे जाते हैं, उन्हें ही प्लेज शेयर कहते हैं. हालांकि, कंपनी के प्रमोटर्स द्वारा शेयरों को प्लेज करना सही नहीं माना जाता. इसे कंपनी के लिए नकारात्मक संकेत के रूप में देखा जाता है.

कर्ज को लेकर बढ़ी चिंता
गौतम अडानी आक्रामक ढंग से अपना कारोबार फैला रहे हैं. खासकर ग्रीन एनर्जी और मीडिया जैसे नए सेक्टर्स में अडानी समूह बड़ा निवेश कर रहा है. हालांकि, इस बीच अडानी ग्रुप के बढ़ते कर्ज को लेकर भी चिंता व्यक्त की जाने लगी है. कुछ वक्त पहले मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया था कि फिच समूह की यूनिट क्रेडिटसाइट्स (CreditSights) की एक रिपोर्ट के अनुसार अडानी ग्रुप ने काफी ज्यादा कर्ज लिया हुआ है. जिसका इस्तेमाल वो अपने मौजूदा और नए कारोबार में आक्रामक तरीके से निवेश करने के लिए कर रहा है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि स्थिति बिगड़ने पर अडानी समूह की एक या एक से अधिक कंपनियों के लिए संकटपूर्ण या डिफॉल्ट की स्थिति पैदा हो सकती है.


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