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दिव्यांगों को सशक्त कर रहा Amazon का ये प्रोग्राम, 700 लोकेशन पर मिल रही ट्रेनिंग

भारत में दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन (Amazon) दिव्यांग लोगों को ट्रेनिंग देकर, उन्हें रोजगार दिलाने की दिशा में काम कर रही है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

अब बड़ी बड़ी कंपनियां दिव्यांग (People With Disabilies) उम्मीदवारों की डिमांड कर रही हैं. वहीं, कंपनियां जितनी डिमांड कर रही हैं, उसकी तुलना में कैंडिडेट्स नहीं मिल रहे हैं. ऐसे में दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन भारत में दिव्यांग लोगों को ट्रेनिंग देकर, उन्हें नौकरी दिलाने के लिए तेजी से काम कर रहा है. 

700 लोकेशन पर चल रहा प्रोग्राम
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमेजन देशभर में 700 से अधिक लोकेशन पर ये ग्लोबल रिसोर्स सेंटर (GRC) के तहत ट्रेनिंग प्रोग्राम चला रहा है, जिनमें से 500 लोकेशन गांव में है. गुरुग्राम स्थित ग्लोबल रिसोर्स सेंटर (GRC) में देश के 20 अलग-अलग राज्यों के बच्चों को ट्रेंड किया जा रहा है. 

रोजगारार्थी ऐप के जरिए रोजगार का मौका
जीआरसी मूक-बधिर, नेत्रहीन और लोकोमोटर विकलांगता वाले छात्रों की सेवा करता है. वहां अमेजन की टेक टीम छात्रों को इस तरीके से ट्रेंड करती है, जिससे उन्हें नौकरी करने का अवसर मिल सके. प्रतिभागियों को अंग्रेजी भाषा से लैस करती है, मोबाइल डिवाइस प्रदान करती है और 20,000 रुपये तक का मासिक वेतन भी प्रदान करती है और साथ में यात्रा और आवास में मदद करती है. रोजगारार्थी ऐप इस कार्यक्रम का एक प्रमुख हिस्सा है और पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों को अमेजन और अन्य संगठनों में रोजगार के अवसरों से जोड़ता है. 

एक बच्चे को तैयार करने में कितना आता है खर्च?
एक बच्चे की ट्रेंनिंग में करीब 16,500 रुपये का खर्च आता है. अभी तक 70 हजार से अधिक बच्चों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है. अमेजन का लक्ष्य हर साल 7 हजार नए बच्चों को ट्रेंड करना है.

सरकार भी कर रही मदद
अमेजन ने कहा है कि अब कंपनियां पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों की डिमांड कर रही हैं, लेकिन उस संख्या में ट्रेंड बच्चे अभी नहीं हैं. यानी अगर बच्चे ट्रेंड हो जाते हैं, तो उन्हें रोजगार से जुड़े मौकों की कमी नहीं होती है. इसमें सरकार योजनाओं से भी आर्थिक मदद मिलती है, जिससे बच्चों को अलग-अलग डिवाइस खरीद कर दिया जाता है.

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