होम / बिजनेस / अल फलाह यूनिवर्सिटी चेयरमैन सिद्दीकी ED हिरासत में, 415 करोड़ की अवैध कमाई का आरोप
अल फलाह यूनिवर्सिटी चेयरमैन सिद्दीकी ED हिरासत में, 415 करोड़ की अवैध कमाई का आरोप
जवाद सिद्दीकी की गिरफ्तारी अल फलाह और उससे जुड़े संस्थानों में चल रही अनियमितताओं और अवैध वित्तीय गतिविधियों की गंभीरता को उजागर करती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 7 months ago
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े ट्रस्ट पर शिकंजा कसते हुए चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को हिरासत में ले लिया है. एजेंसी का आरोप है कि सिद्दीकी ने फर्जी मान्यताओं और एक्रेडिटेशन के नाम पर छात्रों और अभिभावकों से 415 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई की. कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें 13 दिन के ED रिमांड पर भेज दिया है.
बता दें, 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए धमाके में 15 लोगों की मौत और कई घायल होने के बाद जांच एजेंसियों की गतिविधियां तेज हो गई थीं. इसी क्रम में ED ने मंगलवार देर रात अल फलाह ग्रुप और यूनिवर्सिटी के विभिन्न ठिकानों पर लंबी तलाशी के बाद चेयरमैन जवाद सिद्दीकी को हिरासत में लिया.
415 करोड़ की अवैध कमाई का आरोप
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जवाद सिद्दीकी और उनके ट्रस्ट पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी मान्यता और एक्रेडिटेशन का झांसा देकर छात्रों और उनके परिजनों से करीब 415.10 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की. एजेंसी का कहना है कि सिद्दीकी विश्वविद्यालय के प्रशासनिक ढांचे और रिकॉर्ड सिस्टम पर पूरा नियंत्रण रखते थे, जिससे दस्तावेजों में गड़बड़ी या उन्हें नष्ट किए जाने की आशंका बढ़ जाती है.
फैमिली विदेश में, भागने का खतरा
ED ने अदालत को यह भी बताया कि सिद्दीकी के कई परिवारजन गल्फ देशों में रहते हैं. ऐसे में उनके देश छोड़कर भागने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. एजेंसी ने कहा कि उनके पास बड़ी आर्थिक क्षमता और प्रभाव है, जिससे जांच प्रभावित हो सकती है.
13 दिन के ED रिमांड पर भेजे गए सिद्दीकी
एजेंसी ने कोर्ट से 14 दिन के रिमांड की मांग की थी ताकि अवैध कमाई के स्रोत, रकम के इस्तेमाल और नेटवर्क की गहराई से पड़ताल की जा सके. अदालत ने 13 दिन का रिमांड मंजूर किया है, जो 1 दिसंबर तक प्रभावी रहेगा.
अल फलाह ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी पर जांच की निगाह
ED का कहना है कि सिद्दीकी अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक और मुख्य ट्रस्टी हैं. 1990 के दशक से तेजी से बढ़े इस शैक्षिक समूह की घोषित संपत्तियों और वास्तविक वित्तीय रिकॉर्ड में असंगतियां मिली हैं. एजेंसी इस बात की जांच कर रही है कि समूह की वित्तीय वृद्धि किस तरह से हुई और किन स्रोतों से फंड आए.
सिद्दीकी के वकील का पक्ष
सुनवाई के दौरान सिद्दीकी के वकील ने तर्क दिया कि उनके क्लाइंट को गलत तरीके से मामले में फंसाया गया है और जांच निष्पक्ष नहीं है. हालांकि, अदालत ने PMLA के तहत गंभीर आरोपों और ED के तर्कों को ध्यान में रखते हुए रिमांड पर भेजने का फैसला बरकरार रखा.
मनी लॉन्ड्रिंग केस दर्ज
ED ने दिल्ली पुलिस की दो FIRs के आधार पर अल फलाह ग्रुप और उससे जुड़े संस्थानों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत केस दर्ज किया है. एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित अवैध धन का इस्तेमाल कहां और कैसे किया गया.
टैग्स