होम / बिजनेस / जून तिमाही में एयरटेल की दमदार कमाई, मुनाफा ₹8,167 करोड़ पहुंचा, आय ने तोड़े अनुमान

जून तिमाही में एयरटेल की दमदार कमाई, मुनाफा ₹8,167 करोड़ पहुंचा, आय ने तोड़े अनुमान

कंपनी की कुल आय पहली बार 58,500 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई, जो बाजार के अनुमान से बेहतर रही.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago

देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल ने वित्त वर्ष 2026-27 की जून तिमाही के शानदार नतीजे पेश किए हैं. कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 11.5 फीसदी बढ़कर 8,167 करोड़ रुपये हो गया. हालांकि यह बाजार के 8,374 करोड़ रुपये के अनुमान से थोड़ा कम रहा, लेकिन कंपनी की आय उम्मीदों से बेहतर रही.

तिमाही के दौरान एयरटेल का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 5.7 फीसदी बढ़कर 58,539 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि बाजार को 57,054 करोड़ रुपये की उम्मीद थी. वहीं EBITDA 6.7 फीसदी की बढ़त के साथ 33,599 करोड़ रुपये रहा और EBITDA मार्जिन बढ़कर 57.4 फीसदी पर पहुंच गया.

रिकॉर्ड संख्या में जुड़े पोस्टपेड ग्राहक

जून तिमाही एयरटेल के लिए ग्राहक जोड़ने के लिहाज से भी ऐतिहासिक रही. कंपनी ने सिर्फ तीन महीनों में 10 लाख नए पोस्टपेड ग्राहक जोड़े, जो किसी एक तिमाही में अब तक का सबसे बड़ा इजाफा है. इसके अलावा 50 लाख नए स्मार्टफोन यूजर भी एयरटेल नेटवर्क से जुड़े.

अब कंपनी के कुल मोबाइल ग्राहकों में करीब 80 फीसदी स्मार्टफोन यूजर हैं. इसी का असर प्रति ग्राहक औसत आय (ARPU) पर भी दिखा, जो एक साल पहले के 250 रुपये से बढ़कर 264 रुपये हो गई. वहीं प्रति ग्राहक मासिक डेटा खपत 36 फीसदी बढ़कर 34.4 GB तक पहुंच गई.

ब्रॉडबैंड और अफ्रीका कारोबार ने भी दिखाई मजबूती

मोबाइल सेवाओं के अलावा एयरटेल का होम ब्रॉडबैंड कारोबार भी लगातार मजबूत हो रहा है. इस सेगमेंट का रेवेन्यू 4.4 फीसदी बढ़ा. पिछले एक साल में कंपनी ने 37 लाख नए ब्रॉडबैंड ग्राहक जोड़े, जिनमें से 4.73 लाख ग्राहक सिर्फ जून तिमाही में जुड़े.

एयरटेल बिजनेस की आय में 3.2 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई. वहीं अफ्रीका कारोबार ने स्थिर मुद्रा के आधार पर 5.7 फीसदी की ग्रोथ हासिल की. हाल ही में शेयर स्वैप डील के बाद कंपनी ने अफ्रीका में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 79 फीसदी से अधिक कर ली है.

नेटवर्क विस्तार पर 13,386 करोड़ रुपये का निवेश

नेटवर्क को और मजबूत बनाने के लिए एयरटेल ने जून तिमाही में 13,386 करोड़ रुपये का पूंजीगत निवेश (Capex) किया. इसमें से 9,698 करोड़ रुपये केवल भारत में खर्च किए गए, जिससे 4G और 5G नेटवर्क विस्तार को गति मिली.

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

सेबी का कमोडिटी सौदा: विदेशी लाते हैं पैसा, भारतीय ब्रोकर उठाते हैं जोखिम

सेबी भारत के फिजिकली सेटल्ड कमोडिटी कॉन्ट्रैक्ट्स में विदेशी फंड्स चाहता है. वे डिलीवरी नहीं ले सकते. इसलिए अगर कोई फंड समय रहते बाहर निकलने में विफल रहता है, तो उसकी पोजीशन बाजार बंद होने के बाद अपने आप एक भारतीय ब्रोकर की खुद की बुक्स में चली जाती है. फंड "किसी भी आगे के अधिकार, टाइटल, दायित्व या एक्सपोजर" से मुक्त हो जाता है. ब्रोकर यह सब अपने ऊपर ले लेता है. SEBI इसे एक सुरक्षा उपाय कहता है.

7 hours ago

20 वर्षों में भारत की GDP 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: अजीत डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अगले दो दशकों में भारत का आर्थिक विस्तार नई पीढ़ी के स्नातकों के लिए अवसर पैदा कर सकता है.

7 hours ago

सरकारी जमीन और बिल्डिंग्स से जुटाए जाएंगे ₹5,000 करोड़ से ज्यादा, NLMC ने तेज की एसेट मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया

NLMC बोर्ड ने 5,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अतिरिक्त जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन की सिफारिश की है.

8 hours ago

बकाया टैक्स पर गिरफ्तारी नहीं, संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली; CBDT ने नियमों में किया बदलाव

सीबीडीटी ने 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिए आयकर नियम, 2026 के नियम 225 में संशोधन किया है. यह नियम टैक्स बकाया की वसूली की प्रक्रिया से संबंधित है.

9 hours ago

पावर प्लांट्स में सिर्फ 9 दिन का कोयला, 42% घटा स्टॉक; लॉजिस्टिक्स बनी बड़ी चुनौती

बिजली की बढ़ती मांग और परिवहन संबंधी दिक्कतों के चलते थर्मल पावर प्लांट्स में कोयले का दबाव बढ़ा, 190 में से 51 प्लांट्स में स्टॉक गंभीर स्तर पर

10 hours ago


बड़ी खबरें

बकाया टैक्स पर गिरफ्तारी नहीं, संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली; CBDT ने नियमों में किया बदलाव

सीबीडीटी ने 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिए आयकर नियम, 2026 के नियम 225 में संशोधन किया है. यह नियम टैक्स बकाया की वसूली की प्रक्रिया से संबंधित है.

9 hours ago

सेबी का कमोडिटी सौदा: विदेशी लाते हैं पैसा, भारतीय ब्रोकर उठाते हैं जोखिम

सेबी भारत के फिजिकली सेटल्ड कमोडिटी कॉन्ट्रैक्ट्स में विदेशी फंड्स चाहता है. वे डिलीवरी नहीं ले सकते. इसलिए अगर कोई फंड समय रहते बाहर निकलने में विफल रहता है, तो उसकी पोजीशन बाजार बंद होने के बाद अपने आप एक भारतीय ब्रोकर की खुद की बुक्स में चली जाती है. फंड "किसी भी आगे के अधिकार, टाइटल, दायित्व या एक्सपोजर" से मुक्त हो जाता है. ब्रोकर यह सब अपने ऊपर ले लेता है. SEBI इसे एक सुरक्षा उपाय कहता है.

7 hours ago

20 वर्षों में भारत की GDP 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: अजीत डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अगले दो दशकों में भारत का आर्थिक विस्तार नई पीढ़ी के स्नातकों के लिए अवसर पैदा कर सकता है.

7 hours ago

सरकारी जमीन और बिल्डिंग्स से जुटाए जाएंगे ₹5,000 करोड़ से ज्यादा, NLMC ने तेज की एसेट मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया

NLMC बोर्ड ने 5,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अतिरिक्त जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन की सिफारिश की है.

8 hours ago

भारत के फॉरेक्स रिजर्व में 4.924 अरब डॉलर की गिरावट, 10 हफ्तों की बढ़त पर लगा ब्रेक

विदेशी मुद्रा आस्तियां देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा होती हैं. डॉलर में व्यक्त FCA में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की विनिमय दरों में होने वाले बदलाव का असर भी शामिल होता है.

15 hours ago