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एयर इंडिया के CEO कैंपबेल विल्सन का इस्तीफा, घाटे और चुनौतियों के बीच लिया फैसला

कैंपबेल विल्सन ने जुलाई 2022 में एयर इंडिया की कमान संभाली थी. उनका कार्यकाल जून 2027 तक चलना था, लेकिन उससे पहले ही उन्होंने पद छोड़ने का फैसला लिया.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago

टाटा ग्रुप की एयरलाइन एयर इंडिया (Air India) में बड़ा प्रबंधन बदलाव सामने आया है. दरअसल, कंपनी के CEO और MD कैंपबेल विल्सन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब एयरलाइन लगातार घाटे, ऑपरेशनल चुनौतियों और बढ़ती नियामकीय जांच का सामना कर रही है.

2022 में संभाली थी कमान, कार्यकाल पहले ही खत्म

कैंपबेल विल्सन ने जुलाई 2022 में एयर इंडिया की कमान संभाली थी. उनका कार्यकाल जून 2027 तक चलना था, लेकिन उससे पहले ही उन्होंने पद छोड़ने का फैसला लिया. उनके नेतृत्व में कंपनी ने कई बड़े कदम उठाए, जिनमें विस्तारा का एयर इंडिया में विलय और बेड़े के विस्तार जैसी पहल शामिल हैं.

अहमदाबाद हादसे के बाद बढ़ी जांच

पिछले साल अहमदाबाद में हुए एक बड़े हादसे के बाद एयर इंडिया पर नियामकीय दबाव काफी बढ़ गया था. इस दुर्घटना में 260 लोगों की जान गई थी. इस घटना के बाद कंपनी की सेफ्टी, ऑपरेशंस और मैनेजमेंट पर लगातार सवाल उठे, जिससे जांच एजेंसियों की निगरानी भी तेज हो गई.

लगातार घाटे में एयरलाइन

एयर इंडिया और उसकी सहायक कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस का वित्त वर्ष 2025 में प्रदर्शन कमजोर रहा. दोनों कंपनियों ने मिलकर करीब 10,859 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया. लगातार हो रहे नुकसान ने कंपनी की वित्तीय स्थिति और सुधार योजनाओं पर दबाव बढ़ा दिया.

धीमी पड़ी कायाकल्प की रफ्तार

टाटा ग्रुप द्वारा अधिग्रहण के बाद एयर इंडिया के कायाकल्प की बड़ी योजना बनाई गई थी. लेकिन कई कारणों से इसमें देरी हुई. ग्लोबल सप्लाई चेन में बाधाओं के चलते नए विमानों की डिलीवरी प्रभावित हुई. साथ ही पुराने विमानों के रिफर्बिशमेंट का काम भी तय समय पर पूरा नहीं हो सका. इसका असर कंपनी की सर्विस क्वालिटी और समय पर उड़ानों (पंक्चुएलिटी) पर भी पड़ा.

चेयरमैन की नाराजगी भी बनी वजह

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार, टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन कंपनी की धीमी प्रगति और जमीनी स्तर पर सुधार की कमी से संतुष्ट नहीं थे. बताया जा रहा है कि उन्होंने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की थी, जिससे नए नेतृत्व की संभावनाएं तेज हो गई हैं.

अब एयर इंडिया के नए CEO को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. माना जा रहा है कि किसी ग्लोबल एविएशन एक्सपर्ट को यह जिम्मेदारी दी जा सकती है, जो कंपनी के ट्रांसफॉर्मेशन प्लान को तेज कर सके. कुल मिलाकर, कैंपबेल विल्सन का इस्तीफा एयर इंडिया के लिए एक अहम मोड़ माना जा रहा है. टाटा ग्रुप के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती एयरलाइन को घाटे से बाहर निकालना और उसे एक मजबूत वैश्विक ब्रांड के रूप में स्थापित करना है.


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