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340 मिलियन डॉलर जुटाने के बाद अब इस कंपनी ने बाहर किए 150 कर्मचारी 

कंपनी इससे पहले 2022 में दो बार ले ऑफ कर चुकी है. कंपनी ने दो राउंड में 500-500 लोगों को बाहर किया था. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

यूनिकॉर्न कंपनी उड़ान ने अपनी मौजूदा क्षमता से 10 प्रतिशत कर्मचारियों को बाहर कर दिया है. कंपनी ने ये कदम 340 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाने के बाद किया है. दरअसल फंडिंग जुटाने के बाद कंपनी अब अपने सप्‍लाई चेन सेक्‍टर में सुधार करना चाह रही है. कंपनी का मकसद इस फ्रेश फंडिंग के जरिए वेंडर पार्टनरशिप को भी बढ़ाने का है. कंपनी ने इन प्रमुख वजहों के चलते अपनी वर्क क्षमता की 10 प्रतिशत या 150 कर्मचारियों को बाहर कर दिया है. 

ये कर्मचारी हुए हैं प्रभावित 
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के इस कदम से सभी क्षेत्रों में काम करने वाले लोग प्रभावित हुए हैं. कंपनी ने दरअसल अपने काम करने के तरीके में बदलाव कर दिया है. पहले कंपनी सेट्रलाइज तरीके से काम कर रही थी लेकिन अब वो अपने ऑपरेशन को डिसेंट्रलाइज करने जा रही है. पहले कंपनी का ऑपरेशन ऑल इंडिया लेवल पर होता था लेकिन अब ये क्‍लस्‍टर वाइज होने जा रहा है. कंपनी ये बदलाव अपने FMCG कारोबार को लेकर कर रही है.  

कंपनी के प्रवक्‍ता ने कही क्‍या बात? 
कंपनी का कहना है कि उसने अपने बिजनेस को सॉलिड और सस्‍टेनेबल बनाने के लिए महत्‍वपूर्ण निवेश किए हैं. कंपनी लगातार अपने प्रॉफिट और ग्रोथ को बढ़ाने को लेकर काम कर रही है. कंपनी का मानना है कि इससे उसके कस्‍टमर के अनुभव में काफी बदलाव आएगा. कंपनी का ये भी कहना है कि उसने पिछले कुछ समय में उठाए गए कदमों से अपने प्रॉफिट में इजाफा किया है. 

नवंबर में उठा चुकी है कंपनी ये कदम 
कंपनी नवंबर में भी इससे पहले 10 प्रतिशत लोगों को बाहर कर चुकी है. कंपनी ने नवंबर में इससे पहले 120 मिलियन डॉलर की फंडिंग को जनरेट किया था. कंपनी 2022 में भी दो राउंड में 500-500 कर्मचारियों को बाहर कर चुकी है. पहले कंपनी ने 500 कर्मचारियों को जून में बाहर किया और उसके बाद 500 कर्मचारियों को सितंबर में बाहर किया था. यही नहीं कंपनी 2025 में अपना आईपीओ लाने की भी तैयारी कर रहा है. कंपनी के सीईओ वैभव गुप्‍ता कह चुके हैं कि उनकी हालिया फंडिंग आने वाले 12 से 18 महीने के समय में सार्वजनिक बाजार के लिए तैयार बनाएगी. 

ये भी प‍ढें: अब रिन्‍यूएबल एनर्जी में निवेश करने जा रही है ये सीमेंट कंपनी, ये है मकसद
 


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