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HDFC के बाद अब इस बैंक में मर्ज होने जा रही है उसकी ही एक कंपनी, जानते हैं कौन है ये
इस बैंक के बोर्ड ऑफ डॉयरेक्टर्स ने पिछले साल जुलाई में ही इस मर्जर को अनुमति दे दी थी. इसे आरबीआई की अनुमति मिल चुकी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
HDFC समूह की दो कंपनियों के सफल मर्जर के बाद अब IDFC बैंक में IDFC Ltd का मर्जर होने जा रहा है. कंपनी के शेयर होल्डरों ने इसके लिए सहमति दे दी है. आईडीएफसी की ओर से इसकी जानकारी शेयर बाजार को दे दी गई है. विशेष बात ये है कि आरबीआई इस मर्जर को पहले ही अनुमति दे चुका है जबकि एनसीएलटी से भी जल्द ही अनुमति मिलने की उम्मीद है.
आखिर क्या है ये पूरा मामला?
दरअसल 2023 में आईडीएफसी (IDFC) समूह की कंपनियों में मर्जर के प्रस्ताव की शुरुआत हुई थी. इसमें IDFC limited, IDFC FHCL, का IDFC Bank में मर्जर होना है. पिछले साल जुलाई में आईडीएफसी के डॉयरेक्टर ने इनके मर्जर को अनुमति दे दी थी. IDFC बैंक और Bandhan बैंक को एक साथ 2014 में लाइसेंस मिला था. लेकिन उसके बाद IDFC बैंक और कैपिटल फर्स्ट लिमिटेड का मर्जर हो गया जिससे आईडीएफ बैंक आईडीएफसी फर्स्ट बैंक बन गया.
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मर्जर के बाद कितनी हो जाएगी हिस्सेदारी
IDFC बैंक अपनी नॉन फाइनेंशियल कंपनी के माध्यम से IDFC फर्स्ट बैंक में 39.93 प्रतिशत हिस्सेदारी रखती है. इस मर्जर के बाद बैंक का प्रति शेयर बुक वैल्यू 4.9 प्रतिशत बढ़ जाएगा. इससे पहले बैंक की ओर से स्टॉक एक्सचेंज को बताया गया है कि इस मर्जर से सरलीकरण होगा. आईडीएफसी फाइनेंशियल होल्डिंग कंपनी, आईडीएफसी लिमिटेड और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की कॉर्पोरेट संरचना को एक कंपनी में मिलाकर इन संस्थाओं के रेग्यूलेटरी कंप्लाइसेंस को सुव्यवस्थित करने में मदद मिलेगी.
क्या कहते हैं तीसरी तिमाही के नतीजे?
वहीं आईडीएफसी बैंक के तीसरी तिमाही के नतीजों पर नजर डालें तो 27 मई को जो नतीजे सामने आए उसमें नेट प्रॉफिट में 10 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली थी जिसके बाद कंपनी का मुनाफा 724 करोड़ रुपये रहा था. पिछले साल कंपनी ने 803 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था. वहीं कंपनी की टोटल इनकम पर नजर डालें तो वो 9861 करोड़ रुपये रही जबकि पिछले साल यही इनकम 7822 करोड़ रुपये रही थी. जबकि ब्याज आय में इजाफा देखने को मिला है और ये 8219 करोड़ रुपये रही है. जबकि पिछले साल इसी क्वॉर्टर में ये इनकम 6424 करोड़ रुपये रही थी.
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