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अडानी पोर्ट्स को करंजा टर्मिनल खरीदने की मंजूरी, दिवालिया प्रक्रिया के तहत तीसरी बड़ी डील की तैयारी
यह डील पूरी होने पर APSEZ का यह तीसरा पोर्ट अधिग्रहण होगा, जो भारत के दिवालिया ढांचे के तहत किया जा रहा है. इससे पहले कंपनी महाराष्ट्र के दिघी पोर्ट और पुडुचेरी के करैकल पोर्ट का अधिग्रहण कर चुकी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
देश की प्रमुख पोर्ट ऑपरेटर कंपनी अडानी पोर्ट्स (Adani Ports and Special Economic Zone -APSEZ) को करंजा टर्मिनल एंड लॉजिस्टिक्स के अधिग्रहण के लिए कर्जदाताओं की मंजूरी मिल गई है. अगर यह डील पूरी होती है, तो यह कंपनी की दिवालिया प्रक्रिया के तहत तीसरी बड़ी पोर्ट खरीद होगी, जिससे पश्चिमी भारत में उसकी पकड़ और मजबूत होगी.
कर्जदाताओं की समिति से मिली 100% मंजूरी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 14 अप्रैल को कर्जदाताओं की समिति (Committee of Creditors) ने इस अधिग्रहण योजना को 100% वोटिंग सपोर्ट के साथ मंजूरी दे दी. इस समिति का नेतृत्व प्रुडेंट एआरसी (Prudent ARC) कर रहा है, जिसे केनरा बैंक ने जनवरी 2025 में कर्ज ट्रांसफर किया था.
दिवालिया प्रक्रिया के तहत तीसरा अधिग्रहण
यह डील पूरी होने पर APSEZ का यह तीसरा पोर्ट अधिग्रहण होगा, जो भारत के दिवालिया ढांचे के तहत किया जा रहा है. इससे पहले कंपनी महाराष्ट्र के दिघी पोर्ट और पुडुचेरी के करैकल पोर्ट का अधिग्रहण कर चुकी है. करंजा और दिघी दोनों पोर्ट देश के सबसे व्यस्त कंटेनर पोर्ट जवाहरलाल नेहरू के पास स्थित हैं, जो इन्हें रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बनाता है.
क्या है करंजा टर्मिनल की खासियत
करंजा टर्मिनल एंड लॉजिस्टिक (Karanja Terminal and Logistics) एक मल्टी-पर्पज पोर्ट और लॉजिस्टिक्स सुविधा है, जो महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में स्थित है.
1. यह पोर्ट 4,000 DWT तक के जहाजों को संभाल सकता है
2. करीब 100 एकड़ में फैला लॉजिस्टिक्स पार्क
3. वेयरहाउसिंग, बॉन्डेड स्टोरेज, कोल्ड स्टोरेज और वैल्यू-एडेड कार्गो सेवाएं उपलब्ध
मौजूदा कंपनी का विरोध
इस अधिग्रहण का विरोध मौजूदा पेरेंट कंपनी Mercantile Ports and Logistics ने किया है. कंपनी का कहना है कि उसने कर्ज चुकाने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन कर्जदाताओं ने उसे खारिज कर दिया. MPL ने इस फैसले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है.
अडानी पोर्ट्स को क्या होगा फायदा
अगर यह सौदा पूरा होता है, तो APSEZ की पश्चिमी भारत में मौजूदगी और मजबूत होगी. साथ ही कंपनी की लॉजिस्टिक्स और मरीन इंफ्रास्ट्रक्चर सेगमेंट में पकड़ और गहरी हो जाएगी.
करंजा टर्मिनल का अधिग्रहण Adani Ports and Special Economic Zone के विस्तार की रणनीति में एक अहम कदम साबित हो सकता है. मजबूत लोकेशन और लॉजिस्टिक्स क्षमता के चलते यह डील कंपनी के दीर्घकालिक विकास को नई दिशा दे सकती है.
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