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कर्ज में डूबी इस कंपनी को खरीदने के लिए अडानी, जिंदल भी कतार में, अब भागेंगे इसके शेयर?

कर्ज में डूबी 1,800 मेगावाट की केएसके महानदी थर्मल पावर प्रोजेक्ट को खरीदने के लिए 26 कंपनियां लाइन में लगी हैं. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

छत्तीसगढ़ स्थित केएसके (KSK) महानदी थर्मल पावर इस समय राष्ट्रीय कंपनी कानून पंचाट (NCLT) में कॉरपोरेट दीवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) से गुजर रही है. वहीं, अब कई बड़ी कंपनियां इस कर्ज में डूबी कंपनी को खरीदना चाहती हैं. आपको ये जानकर हैरानी हो रही होगी, कि इस कंपनी को खरीदने के लिए गौतम अडानी से लेकर जिंदल, स्वान एनर्जी, वेदांता, कोल इंडिया और NTPC जैसी 26 कंपनियां लाइन में लगी हुई हैं. अब आप सोच रहे होंगे कि इतने बड़े ग्रुप क्यों इस कंपनी को खरीदना चाहेंगे, तो चलिए आपको इसके पीछे का कारण भी बताते हैं.

32,000 करोड़ रुपये का लोन 
केएसके (KSK) महानदी थर्मल पावर साल 2018 में 20,000 करोड़ रुपये बैंक लोन का भुगतान करने से चूक गई थी. जिसके बाद इसे नीलामी के लिए रखा गया था, लेकिन अब नीलामी केनेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने इसकी नीलामी पर से लगी रोक हटा दी है, जिससे बोली के नए दौर का रास्ता साफ हो गया है. इस प्रोजेक्ट पर ऋणदाताओं का कुल दावा लगभग 32,000 करोड़ रुपये आंका गया है. यह प्रोजेक्ट इनसॉल्वेंसी प्रोसेस के तहत नीलामी के फ्रेश राउंड से गुजर रहा है. NCLT ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट सौंपने के लिए 26 अप्रैल तक का समय दिया था, लेकिन इसके लिए 18 जून तक रिजॉल्यूशन प्लान सौंपा जा सकता है.

इसलिए मची प्रोजेक्ट को खरीदने की होड़
जानकारी के अनुसार केएसके महानदी का पावर प्लांट चालू है और हाल में देश में थर्मल पावर कैपेसिटी को रिवाइव करने के प्रयास किए जा रहे हैं. यही कारण है कि कंपनियां ऐसे प्रोजेक्ट्स के लिए बोली लगाने में रुचि दिखा रही हैं. प्रोजेक्ट के स्टेकहोल्डर्स चाहते थे कि प्रोजेक्ट से जुड़ी दो कंपनियां केएसके महानदी वॉटर और रायगढ़ चंपा रेल को कंसोलिडेट किया जाए. केएसके महानदी वॉटर इस प्रोजेक्ट तक पानी की एक पाइपलाइन ऑपरेट करती है, जबकि रायगढ़ चंपा रेल प्रोजेक्ट तक कच्चा माल ले जाती है. लेकिन देरी होने के कारण NCLT ने केएसके महानदी प्रोजेक्ट को स्टैंडअलोन बेसिस पर इनसॉल्वेंसी में भेजने पर सहमति जताई है.

कंपनियां पहले भी लगा चुकी हैं बोली
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जिंदल पावर लिमिटेड बिजली क्षेत्र में संकटग्रस्त एसेट्स को खरीदने के अवसर तलाश रही है. छत्तीसगढ़ में स्थित 1,800 मेगावाट क्षमता वाला केएसके महानदी ऐसा ही एक प्लांट है, जिसे वो खरीदना चाहते हैं. एनसीएलटी ने केएसके महानदी और उसकी दो सहायक कंपनियों की बिक्री पर जून 2022 में रोक लगा दी थी. इंडस्ट्री के सूत्रों ने बताया कि इस दौर में प्रोजेक्ट को बेहतर वैल्यू मिलने की उम्मीद है. अडानी पावर, जिंदल पावर और वेदांता समेत कई कंपनियों ने पहले दौर की नीलामी में भी बोली लगाई थी.

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SBI ने दिया था लोन
इस प्रोजेक्ट को लोन देने वाला भारतीय स्टेट बैंक (SBI) सबसे बड़ा बैंक था. मार्च में 6 एसेट कंस्ट्रक्शन कंपनियों (ARC) ने 55 प्रतिशत कर्ज ले लिया था. इसमें आदित्य बिड़ला और कोटक महिंद्रा समर्थित एआरसी शामिल हैं. आदित्य बिड़ला एआरसी के पास केएसके महानदी पावर से प्राप्त दावों में सबसे अधिक 33.38 प्रतिशत हिस्सा है. एएसआरईसी (इंडिया) लिमिटेड की हिस्सेदारी 11.98 प्रतिशत है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार लेंडर्स के कुल 32,000 करोड़ रुपये के दावे में से पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन और आरईसी का दावा 5,500 करोड़ रुपये का है.


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