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परवान नहीं चढ़ पा रही Adani की 400 करोड़ की ये डील, इस वजह से अटकी बात
हिंडनबर्ग की रिपोर्ट ने अडानी समूह को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है. समूह को अपनी विस्तार योजनाओं पर ब्रेक लगाकर कर्ज चुकाने पर फोकस करना पड़ा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के असर से बाहर निकल रहे गौतम अडानी (Gautam Adani) की एक बड़ी डील पूरी होने का नाम ही नहीं ले रही है. दरअसल, अडानी मेंटिनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) के बिजनेस में उतरने जा रहे हैं. इसके लिए वह एयर वर्क्स (Air Works) कंपनी के अधिग्रहण की कोशिशों में लगे हुए हैं, लेकिन बात कहीं न कहीं अटक जाती है. दरअसल, एयर वर्क्स की एक बड़ी शेयरहोल्डिंग कंपनी लिक्विडेशन में चली गई है. इस वजह से डील परवान नहीं चढ़ पा रही है.
पिछले साल हुई थी घोषणा
मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि डील पूरी करने के लिए एयर वर्क्स और अडानी ग्रुप के बीच की एमओयू यानी समझौता ज्ञापन की मियाद पहले ही दो बार समाप्त हो चुकी है और आखिरी डेडलाइन जनवरी-मार्च 2023 थी. अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी डिफेंस सिस्टम एंड टेक्नोलॉजीस ने पिछले साल अक्टूबर में एयर वर्क्स को 400 करोड़ रुपए में खरीदने के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, मगर डील में लगातार देरी होती जा रही है.
नहीं निकल सका समाधान
रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इस डील के अटकने की वजह पुंज लॉयड ग्रुप (Punj Lloyd Group) है. इस कंपनी की एयर वर्क्स में 23 फीसदी की हिस्सेदारी है. पुंज लॉयड इन दिनों लिक्विडेशन की प्रक्रिया से गुजर रही है. सीधे शब्दों में कहें तो बंद होने जा रही है. पुंज लॉयड ग्रुप के लेंडर्स यानी कर्जदाता दीवाला प्रक्रिया के दौरान समाधान निकालने में विफल रहे हैं. इस वजह से अडानी ग्रुप एयर वर्क्स के अधिग्रहण को पूरा नहीं कर पा रहा है.
बिगड़ सकती है बात
बताया जा रहा है कि अडानी समूह इस MRO कंपनी को हर हाल में अपना बनाना चाहता है, लेकिन लगातार हो रही देरी के चलते बात बिगड़ सकती है. गौरतलब है कि हिंडनबर्ग की रिपोर्ट ने अडानी समूह को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है. समूह को अपनी विस्तार योजनाओं पर ब्रेक लगाकर कर्ज चुकाने पर फोकस करना पड़ा है. इसके चलते कई बड़ी डील अडानी ग्रुप के हाथ से पहले ही फिसल चुकी हैं.
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