होम / बिजनेस / Adani Group ने ली राहत की सांस, अभी कोई एक्शन नहीं लेगी आंध्र प्रदेश सरकार
Adani Group ने ली राहत की सांस, अभी कोई एक्शन नहीं लेगी आंध्र प्रदेश सरकार
चंद्रबाबू नायडू ने कहा, जब तक पुख्ता सबूत नहीं मिल जाते हम समूह की कंपनी को दिए कॉन्ट्रैक्ट से हाथ पीछे नहीं खींच सकते.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
गौतम अडानी की अडानी समूह के लिए आंध्र प्रदेश सरकार की ओर से राहत की खबर आई है. आंध्र प्रदेश की नायडू ने सरकार अडानी समूह की ग्रीन एनर्जी कंपनी पर अब कोई कार्रवाई नहीं करने का फैसला लिया है. सरकार का कहना है कि जब तक अडानी समूह पर लगे आरोपों को लेकर पुख्ता सबूत सामने नहीं आ जाते और आरोप साबित नहीं हो जाता है, समूह के खिलाफ राज्य सरकार कोई कार्रवाई नहीं करेगी.
बिना सबूत के नहीं होगी कार्रवाई- मुख्यमंत्री
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने विजयवाड़ा में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए कहा, जब तक पुख्ता सबूत नहीं मिल जाते हम समूह की कंपनी को दिए कॉंट्रैक्ट से हाथ पीछे नहीं खींच सकते. क्योंकि ऐसा करने पर राज्य सरकार को भारी भरकम पेनल्टी भरना पड़ सकता है. मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि जब तक इस मामले में सबूत नहीं मिल जाते तब तक कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा, हमें और भी सबूत चाहिए और सबूत मिलने के बाद ही ठोस कार्रवाई की जाएगी. इससे पहले अडानी समूह की कंपनी और चेयरमैन पर रिश्वत देने के आरोपों के अमेरिका में सामने आने के बाद चद्रबाबू नायडू ने 22 नवंबर 2024 को विधानसभा के भीतर कार्रवाई करने का भरोसा दिया था.
नवंबर में सामने आया था मामला
नवंबर महीने में ये खबर सामने आई थी कि आंध्र प्रदेश की नायडू सरकार अडानी ग्रीन एनर्जी (Adani Green Energy) से जुड़े पावर पर्चेंज एग्रीमेंट (PPA) को होल्ड करने से जुड़े विकल्पों पर विचार कर रही है. सोलर प्रोजेक्ट्स के कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल करने के लिए रिश्वतखोरी के आरोपों के बाद अमेरिकी जस्टिस विभाग के अभियोग के बाद राज्य सरकार इन विकल्पों पर विचार कर रही है. तब राज्य सरकार के सूत्रों ने कहा था कि प्रदेश सरकार सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (Solar Energy Corporation of India) अडानी ग्रीन एनर्जी के साथ पावर पर्चेंज एग्रीमेंट को लेकर हुए करार को रद्द करने के लिए पत्र लिखने पर विचार कर रही है और इस मामले की केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने को लेकर सिफारिश कर सकती है. साथ ही राज्य सरकार पावर सप्लाई एग्रीमेंट को पूरी तरह कद्द करने पर विचार कर सकती है.
आंध्र प्रदेश की राजनीति में हलचल मचाने वाला केस
पावर पर्चेज एग्रीमेंट के तहत आंध्र प्रदेश सरकार को सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया से 7000 मेगावाट सोल बिजली खरीदना है. अमेरिकी अथॉरिटी ने ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी और सात अन्य लोगों पर भारत में ओडिशा, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और केंद्र शाषित प्रदेश जम्मू कश्मीर के अधिकारियों को 2021 से लेकर 2022 के दौरान सोलर प्रोजेक्ट्स हासिल करने के लिए 265 मिलियन डॉलर के रिश्वत देने का आरोप लगाया था. दो कंपनियां जो इस पूरे मामले में विवादों में घिरी है उसमें अडानी ग्रीन (Adani Green) और एज्योर पावर (Azure Power) नाम शामिल है.
टैग्स