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Adani Group ने थाईलैंड की कंपनी के साथ मिलाया हाथ, अब इस सेक्टर में मचाएंगे हड़कंप
गौतम अडानी के समूह ने थाईलैंड की इंडोरेमा रिसोर्सेस लिमिटेड के साथ गठजोड़ किया है, यह पेट्रोकेमिकल व्यवसाय के लिए किया गया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
अडानी ग्रुप (Adani Group) ने पेट्रोकेमिकल सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए बड़ी रणनीतिक पहल की है. इस सेक्टर में सेंध लगाने के लिए अब अडानी एंटरप्राइजेज ने थाइलैंड की बड़ी कंपनी Indorama Resources Ltd. (IRL) के साथ हाथ मिला लिया है. यह नया जॉइंट वेंचर रिफाइनरी, पेट्रोकेमिकल और केमिकल बिजनेस स्थापित करेगा. अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की सहायक कंपनी अडानी पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड और इंडोरामा रिसोर्सेज लिमिटेड ने मिलकर वेलोर पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (VPL) नाम की एक नई कंपनी बनाई है.
नई कंपनी भी बन गई
अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) की सहायक कंपनी Adani Petrochemicals Limited (APCL) और थाई कंपनी Indorama Resources के बीच 50-50 फीसदी की भागीदारी के साथ Valor Petrochemicals Ltd. (VPL) नाम की नई कंपनी का गठन भी किया गया है. इस नई कंपनी को 4 जनवरी 2025 को मुंबई में रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के ऑफिस में रजिस्टर किया गया.
AEL ने एक एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी कि यह कंपनी पेट्रोकेमिकल, रिफाइनरी और केमिकल बिजनेस में काम करेगी. VPL को 5,00,000 रुपये की शुरुआती कैपिटल से शुरू किया गया है, जिसे 50,000 इक्विटी शेयरों में बांटा गया है. इसमें APCL और IRL के पास 25-25 हजार शेयर होंगे.
थाइलैंड की कंपनी कितनी बड़ी है?
Indorama Resources Ltd. भारतीय मूल के व्यवसायी आलोक लोहिया की कंपनी Canopus International Ltd. की सब्सिडियरी कंपनी है. IRL की एक अन्य सहायक कंपनी Indorama Ventures दुनिया की सबसे बड़ी Poly Ethylene Terephthalate (PET) प्रोडक्श कंपनियों में से एक है. PET का इस्तेमाल प्लास्टिक कंटेनर, बोतलें, कपड़े, इलेक्ट्रिकल उपकरण, ऑटोमोबाइल और हेल्थ सेक्टर जैसे कई उद्योगों में किया जाता है.
रिलायंस इंडस्ट्रीज को मिलेगी टक्कर
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) फिलहाल भारत की सबसे बड़ी पेट्रोकेमिकल कंपनी है. अडानी की नई कंपनी VPL ठीक उसी क्षेत्र में कदम रख रही है, जहां RIL का वर्चस्व है. अडानी और थाई कंपनी का यह जॉइंट वेंचर पेट्रोकेमिकल उद्योग में RIL को कड़ी टक्कर देने की तैयारी में है. आने वाले समय में यह क्षेत्र दोनों दिग्गज कंपनियों के बीच कंपटीशन का केंद्र बन सकता है. आपको बता दें, भारत का पेट्रोकेमिकल मार्केट बहुत बड़ा है और धीरे-धीरे ये और बड़ा हो रहा है. PIB की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह बाजार 2025 तक 25.20 लाख करोड़ रुपये (30,000 करोड़ डॉलर) का हो जाएगा. फिलहाल इसका आकार 18.48 लाख करोड़ रुपये का है.
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