✕

होम / बिजनेस / एक ऐसा अनोखा रेस्टोरेंट, जहां काम करने वाले न सुन सकते हैं, न बोल सकते हैं

एक ऐसा अनोखा रेस्टोरेंट, जहां काम करने वाले न सुन सकते हैं, न बोल सकते हैं

तबिश ने चेन्नई के एक कॉलेज से B.tec किया है. वह पेशे से इंजीनियर हैं. कुछ दिनों तक उन्होंने मुंबई में काम किया. शुरू से ही उन्हें कैफे खोलने का मन था.

आमिर कुरेशी 4 years ago

आगरा: भाषा एक महत्वपूर्ण साधन है, जिसके द्वारा हम अपने विचारों को व्यक्त कर सकते हैं. लेकिन कई बार इशारों की अपनी भाषा भी बिना बोले दिल की बात कह जाती है. यह हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि आगरा का एक इकलौता ऐसा कैफे है, जहां पर काम करने वाले सभी स्टाफ न तो बोल सकते हैं और न ही सुन सकते हैं. यहां आने वाले ग्राहकों को इशारों में ही अपने आर्डर देने होते हैं.

आगरा के फतेहाबाद रोड पर BM (Breadn Mine Cafe) नाम का एक कैफे है, जिसमें खाना सर्व करने वाला स्टाफ बोल और सुन नहीं सकता. ये इंडियन साइन लिपि में बात करते हैं. इस आइडिया के पीछे जिनका दिमाग है, उनका नाम है- तबिश वशिष्ट. 

तबिश को कहां से आया यह आइडिया
तबिश ने चेन्नई के एक कॉलेज से B.tec किया है. वह पेशे से इंजीनियर हैं. कुछ दिनों तक उन्होंने मुंबई में काम किया. शुरू से ही उन्हें कैफे खोलने का मन था. इसके लिए उन्होंने कुछ समय के लिये एक कैफे में काम भी किया. एक दिन उस कैफे में ऐसे लोग काम मांगने के लिए आये जो बोल और सुन नहीं सकते थे, उन्हें वहां काम नहीं दिया गया. बस उसी घटना से उनको प्रेरणा मिली.

यूट्यूब और इंटरनेट से सीखी साइन लैंग्वेज
तबिश विशिष्ट ने बिजनेस वर्ल्ड हिंदी (BW Hindi) से बताया कि उन्हें शुरुआत में थोड़ी बहुत दिक्कत हुई, क्योंकि उन्हें साइन लैंग्वेज नहीं आती थी. फिर उन्होंने यूट्यूब और इंटरनेट के माध्यम से इंडियन साइन लैंग्वेज सीखी. उसके बाद ज्यादातर भाषा स्टाफ ने सिखा दी और फिर चीजें आसान होती गईं. यहां आने वाले कस्टमर को भी कोई दिक्कत नहीं होती क्योंकि उन्होंने अपना सिस्टम इस तरह से डिजाइन किया है.

इस तरह काम करता है कैफे का सिस्टम 
कैफे में आने वाले लोगों को नहीं पता होता है कि स्टाफ बोल और सुन नहीं सकता. ऐसे में एक प्रक्रिया के तहत कस्टमर को खाना सर्व किया जाता है. सबसे पहले कस्टमर टेबल पर आकर बैठता है और एक स्विच ऑन करता है. स्विच ऑन करते ही रिसेप्शन पर एक बल्ब जलता है. जैसे ही बल्ब जलता है, पता चल जाता है कि कोई नया कस्टमर टेबल पर आया है. कस्टमर के आगे मेनू कार्ड होता है. उस मैन्यू के आधार पर एक पेपर पर लिख कर आप अपना आर्डर दे सकते हैं. इसके साथ ही बहुत सारे इंग्लिश में साइन भी लिखे हुए हैं. जिन्हें आप  दिखाकर कुछ भी मंगवा सकते हैं.

अपने काम के प्रति हैं बेहद सजग
तबिश बताते हैं कि ये लोग भले ही बचपन से बोल और सुन नहीं सकते हैं, लेकिन अपने काम के प्रति पूरी तरह से सजग रहते हैं. वर्तमान में पीयूष, समा, मंजूर इस कैफे में काम करते हैं. तबिश ने बताया कि ये लोग एक नॉर्मल आदमी से भी अच्छा काम करते हैं. कैफे में आने वाले लोग भी उनकी तारीफ करते हैं. कस्टमर का मानना है स्टाफ से मिलने के बाद उन्हें बेहद अच्छा महसूस होता है.

ऐसे तमाम लोगों को मिलना चाहिए काम
दुनिया में बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो बचपन से किसी वजह से बोल और सुन नहीं सकते हैं. ऐसे  ज्यादातर लोगों को कोई काम नहीं देता है. तबिश का मानना है कि लोगों को आगे आना चाहिए और ऐसे लोगों को भी अपने यहां काम देना चाहिए, जिसकी वजह से इनका भी परिवार चल सके. भविष्य में वे अपनी दूसरी ब्रांच खोलने जा रहे हैं और इन ब्रांच पर भी ऐसा ही स्टाफ रखेंगे.

क्या-क्या मिलता है इस कैफे पर?
वैसे तो बहुत सारे आइटम और फास्ट फूड कैफे पर उपलब्ध हैं लेकिन इनमें से कुछ खास है.

पाव भाजी : 125 रुपया
चीजी ऑमलेट : 125 रुपया
उपमा : 110 रुपया
चॉकलेट बम : 299 रुपया
कॉफी (स्पेशल) : 125 रुपया

अगर आपको बर्थडे पार्टी के लिए कैफे बुक करना है तो 7 से 8 लोगों की संख्या पर फ्लोर चार्ज 1000 डेकोरेशन के अलावा 300 रुपये प्रति पर्सन के हिसाब से चार्ज देना होगा.

VIDEO: Amazon के बाद अब Walmart में भी छंटनी`


टैग्स
सम्बंधित खबरें

प्रोटीन की जरूरत समझ रहे शहरी भारतीय, फिर भी 70% रोजाना 41 ग्राम से कम कर रहे सेवन: रिपोर्ट

पोषण को लेकर जागरूकता बढ़ने के बावजूद प्रोटीन और फाइबर का पर्याप्त सेवन नहीं कर पा रहे शहरी भारतीय, कीमत और सुविधाजनक विकल्पों की कमी बनी बड़ी बाधा

9 hours ago

सितंबर में ऑटो रिटेल बिक्री ने तोड़े रिकॉर्ड, 25.37 लाख वाहनों की हुई बिक्री; टू-व्हीलर की मांग सबसे मजबूत

सितंबर 2026 में देश में कुल 25,36,920 वाहनों की खुदरा बिक्री हुई, जो पिछले साल के मुकाबले 31.82% अधिक है. FADA के मुताबिक, त्योहारी मांग के साथ पिछले साल का कमजोर बेस भी इस तेज वृद्धि की बड़ी वजह है.

12 hours ago

VB-G-RAM G में कामों का दायरा बढ़ा, अब 375 तरह के कामों को मंजूरी; पानी और आजीविका पर जोर

सरकार का कहना है कि कामों का दायरा बढ़ाने का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को मजदूरी के अवसर देने के साथ ऐसी परिसंपत्तियां तैयार करना है, जिनका गांवों में लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सके.

12 hours ago

बॉम्बे रेयॉन की संपत्तियां कैसे हुईं अलग और कर्ज रह गया? ₹592 करोड़ के सौदे ने उठाए कई सवाल

₹7,000 करोड़ से ₹18 करोड़ तक. बॉम्बे रेयॉन के ₹7,359 करोड़ के दावों के साथ परिसमापन में जाने से दो साल पहले, उसका तारापुर संयंत्र और ब्रांड एक नई कंपनी में चले गए थे. उस कंपनी ने बाद में ₹240 करोड़ जुटाए और अब उसे गोकलदास एक्सपोर्ट्स में समाहित किया जा रहा है. वह सवाल जिसका बॉम्बे रेयॉन ने कभी जवाब नहीं दिया: कारोबार छोड़ने के बदले उसे क्या मिला?

13 hours ago

IRDAI के प्रस्तावित सुधारों पर IBAI की चिंता, PM मोदी से कहा- 10 लाख नौकरियों पर पड़ सकता है असर

इंश्योरेंस ब्रोकर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने कमीशन कैप और खर्च सीमा में बदलाव टालने की मांग की, 2028 तक मौजूदा व्यवस्था जारी रखने की अपील

16 hours ago


बड़ी खबरें

बॉम्बे रेयॉन की संपत्तियां कैसे हुईं अलग और कर्ज रह गया? ₹592 करोड़ के सौदे ने उठाए कई सवाल

₹7,000 करोड़ से ₹18 करोड़ तक. बॉम्बे रेयॉन के ₹7,359 करोड़ के दावों के साथ परिसमापन में जाने से दो साल पहले, उसका तारापुर संयंत्र और ब्रांड एक नई कंपनी में चले गए थे. उस कंपनी ने बाद में ₹240 करोड़ जुटाए और अब उसे गोकलदास एक्सपोर्ट्स में समाहित किया जा रहा है. वह सवाल जिसका बॉम्बे रेयॉन ने कभी जवाब नहीं दिया: कारोबार छोड़ने के बदले उसे क्या मिला?

13 hours ago

VB-G-RAM G में कामों का दायरा बढ़ा, अब 375 तरह के कामों को मंजूरी; पानी और आजीविका पर जोर

सरकार का कहना है कि कामों का दायरा बढ़ाने का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को मजदूरी के अवसर देने के साथ ऐसी परिसंपत्तियां तैयार करना है, जिनका गांवों में लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सके.

12 hours ago

प्रोटीन की जरूरत समझ रहे शहरी भारतीय, फिर भी 70% रोजाना 41 ग्राम से कम कर रहे सेवन: रिपोर्ट

पोषण को लेकर जागरूकता बढ़ने के बावजूद प्रोटीन और फाइबर का पर्याप्त सेवन नहीं कर पा रहे शहरी भारतीय, कीमत और सुविधाजनक विकल्पों की कमी बनी बड़ी बाधा

9 hours ago

RBI MPC से पहले रियल्टी की उम्मीदें, 5.25% पर रेपो रेट रहने से होमबायर्स का भरोसा बढ़ने की आस

त्योहारी सीजन में घर खरीदारी के बीच रियल एस्टेट डेवलपर्स की नजर RBI के फैसले पर, स्थिर दरों से EMI, अफोर्डेबिलिटी और हाउसिंग डिमांड को मिल सकता है सहारा

11 hours ago

सितंबर में ऑटो रिटेल बिक्री ने तोड़े रिकॉर्ड, 25.37 लाख वाहनों की हुई बिक्री; टू-व्हीलर की मांग सबसे मजबूत

सितंबर 2026 में देश में कुल 25,36,920 वाहनों की खुदरा बिक्री हुई, जो पिछले साल के मुकाबले 31.82% अधिक है. FADA के मुताबिक, त्योहारी मांग के साथ पिछले साल का कमजोर बेस भी इस तेज वृद्धि की बड़ी वजह है.

12 hours ago