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डिजिटल बैंकिंग को नया ढांचा: RBI ने जारी किए 7 मास्टर डायरेक्शन, बैंकों का बोझ होगा कम

डिजिटल बैंकिंग के लिए मजबूत नीतियों की अनिवार्यता भविष्य में सुरक्षित, तेज और भरोसेमंद डिजिटल सेवाओं का आधार बनेगी. इस कदम से ग्राहक अनुभव सुधरेगा और बैंकिंग सेक्टर तकनीकी रूप से और अधिक सक्षम होगा.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 6 months ago

डिजिटल बैंकिंग को ज्यादा पारदर्शी, सरल और कुशल बनाने की दिशा में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बड़ा कदम उठाया है. आरबीआई ने कमर्शियल बैंकों, स्मॉल फाइनेंस बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थाओं के लिए डिजिटल बैंकिंग से जुड़े सात नए मास्टर डायरेक्शन जारी किए हैं. नई गाइडलाइंस से कागजी प्रक्रियाओं का बोझ कम होगा और बैंकों के लिए संचालन आसान होगा.

नए निर्देशों के साथ आसान होंगे डिजिटल ऑपरेशन्स

केंद्रीय बैंक के अनुसार यह पहल नियमों को सुव्यवस्थित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है. नए मास्टर डायरेक्शन 1 जनवरी 2026 से लागू होंगे और डिजिटल बैंकिंग से जुड़ी प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट और सरल बनाने का काम करेंगे. आरबीआई ने कुल 244 मास्टर डायरेक्शन जारी किए हैं, जिनमें पुराने बिखरे नियमों को एकजुट कर व्यवस्थित रूप दिया गया है.

किस-किस पर लागू होंगे नए डायरेक्शन

डिजिटल बैंकिंग से जुड़े सात नए मास्टर डायरेक्शन इन वित्तीय संस्थाओं पर लागू होंगे:

- कमर्शियल बैंक
- स्मॉल फाइनेंस बैंक
- पेमेंट बैंक
- लोकल एरिया बैंक
- क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक
- अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक
- रूरल को-ऑपरेटिव बैंक

इसके साथ डिजिटल बैंकिंग से जुड़ी कई पुरानी और जटिल प्रक्रियाओं को simplify कर दिया गया है.

छह महीने की समीक्षा के बाद 5,673 पुराने सर्कुलर रद्द

आरबीआई ने बताया कि पिछले छह महीनों से नियमों की समीक्षा और पुनर्गठन का अभियान चल रहा था. इसी प्रक्रिया के तहत 5,673 पुराने सर्कुलर्स को खत्म कर दिया गया है, क्योंकि वे अब अप्रासंगिक हो चुके थे. इससे नए निर्देशों को लागू करना और निगरानी आसान हो जाएगी.

डिजिटल बैंकिंग के लिए अनिवार्य होंगी ठोस नीतियां

नियमों के अनुसार सभी बैंकों को अपनी डिजिटल बैंकिंग नीतियों को मजबूत करना होगा. इसमें  कानूनी नियमों का पालन, लिक्विडिटी मैनेजमेंट, डिजिटल संचालन के जोखिमों का आकलनशामिल होगा. डिजिटल बैंकिंग वह सेवा है जिसमें बैंक इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल ऐप या अन्य इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म के जरिए ग्राहकों को सेवाएं देते हैं, जहां अधिकांश प्रक्रियाएं मशीनों या ऑटोमेशन पर आधारित होती हैं.


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